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Betul Plant Clinic : सोयाबीन की फसल को रोगों से बचाने दो बार करें फफूंद नाशक का स्प्रे

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प्लांट क्लीनिक में वैज्ञानिकों ने बताया फसल चक्र नहीं अपनाने के कारण बढ़ रही है बीमारियां

सोयाबीन की फसल को रोगों से बचाने दो बार करें फफूंद नाशक का स्प्रे

▪️ प्रवीण अग्रवाल, घोड़ाडोंगरी

Betul Plant Clinic : किसान कल्याण एवं कृषि विभाग द्वारा 25 अगस्त शुक्रवार को जनपद प्रशिक्षण केंद्र घोड़ाडोंगरी में प्लांट क्लीनिक का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विकासखंड के विभिन्न गांव से आए बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे। प्लांट क्लीनिक में वैज्ञानिक संजय जैन ने किसानों को बताया कि जमीन की जलधारण क्षमता रासायनिक खाद के उपयोग के कारण दिन प्रतिदिन कम होती जा रही है।

उन्होंने किसानों को धान और मक्का की फसल में लगे रोग के निदान के बारे में जानकारी दी। किसानों ने बताया कि बरू घास फैलने के कारण इन दिनों किसान सबसे अधिक परेशान हैं। इसके बारे में बताया कि फसल चक्र अपनाये तभी इस तरह की समस्याओं का निराकरण होगा। नहीं तो दिन प्रतिदिन नई-नई तरह की बीमारियां आएंगी। प्रकृति अपने आप को कैसे बैलेंस करती है, उसके बारे में बताया।

उन्होंने बताया कि किसानों ने रासायनिक खाद का उपयोग कर अपने खेतों से केंचुए खत्म कर लिए। गाजर घास की समस्या के निराकरण के लिए बताया कि एक कीड़ा आता है जो गाजर घास को समूल नष्ट कर देगा। उसकी विशेषता यह है कि वह केवल गाजर घास खाता है। यह कीड़ा जबलपुर में कहां उपलब्ध है, इसकी जानकारी दी।

किसानों ने बताया कि सोयाबीन की फसल नहीं पकती। फल्ली लगने के समय रोग आता है और पूरा खेत काला पड़ जाता है। जिसके बारे में बताया कि सही वैरायटी का चयन करें 95 से 100 दिन की वैरायटी का उपयोग करें। लंबी अवधि की सोयाबीन की प्रजातियों के चक्कर में ना पड़े और सोयाबीन फसल पर दो बार फफूंद नाशक के स्प्रे करने की सलाह दी ।

साथ ही बताया कि घनी सोयाबीन की फसल नहीं बोये और उसमें फास्फोरस पोटाश जिंक सल्फर का प्रबंधन सही रखें। प्लांट क्लीनिक (Betul Plant Clinic) में वरिष्ठ उद्यान विकास अधिकारी इवने ने उद्यानिकी फसलों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि पारंपरिक खेती से किसानों की आय दोगुनी नहीं होने वाली। इसके लिए किसानों को फल, सब्जी, फूलों की खेती की ओर जाना होगा।उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से किसानों को नींबू, संतरा, आम सहित अन्य तरह के पौधे नि:शुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं और उनके रखरखाव के लिए सहायता राशि की उपलब्ध कराई जाती है। मसाला खेती के बारे में बताया और कुछ किसानों के भी उदाहरण दिए जो क्षेत्र में मसाला खेती का फायदा ले रहे हैं।

मत्स्य निरीक्षक कुंवर पाल ने किसानों को मछली पालन के बारे में जानकारी दी और बताया कि किस तरह मछली पालन कर किसान अपनी आय को बढ़ा सकते हैं। इसके लिए शासन की ओर से मिलने वाली सहायता राशि के बारे में बतलाया। वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी संगीता मवासे और सहायक संचालक कृषि सुरेंद्र कुमार परते ने भी किसानों को जानकारी दी। पूर्व सरपंच नरेंद्र उइके ने किसानों को सम्बोधित किया। प्लांट क्लिनिक विभाग के वीआर घोड़की, एचएस महोबिया, लालजी कासदे, आरबी मर्सकोले के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। (Betul Plant Clinic)

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