Betul Pandit Pradeep Mishra: अटूट आस्था-बारिश भी नहीं कर पाई श्रद्धा कम, पहले दिन से ज्यादा शिव भक्त पहुंचे पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा सुनने

Betul Pandit Pradeep Mishra: मध्यप्रदेश के बैतूल में चल रही पंडित प्रदीप मिश्रा की मां ताप्ती शिवपुराण कथा हर मामले में अभूतपूर्व होती जा रही है। विगत 12 दिसंबर से आरंभ कथा में पहले दिन ही रिकॉर्ड तोड़ एक लाख से अधिक शिवभक्त पहुंचे थे। ठीक 4 बजे कथा संपन्न होने के बाद शुरू हुई बूंदाबूदी देर शाम तक तेज वर्षा में बदल गई। सैकड़ों वाहन पार्किंग में फंस गए और फोरलेन पर खड़े हजारों वाहनों से जाम लगा रहा।

स्थिति को देखते हुए मां ताप्ती शिवपुराण आयोजन समिति ने पंडित प्रदीप मिश्रा से उनके अतिथि गृह पर भेंट कर स्थिति बताई। पंडित जी ने कहा कि यह वर्षा पूरे बैतूल के लिए अमृतमय है क्योंकि यह ताप्ती मैया की कृपा है और शिव का अभिषेक है।

उन्होंने कहा कि बुजुर्गों आदि को दिक्कत न हो इसलिए मैं उन्हें टीवी-मोबाइल पर ही देखने की अपील जारी कर देता हूं। साथ ही पंडित जी ने यह भी आश्वासन दिया कि कथा के समय एक बूंद पानी अब नहीं आएगा। आज भी पंडित जी की बात सच साबित हुई और मौसम विभाग की सूचना के बाद भी बारिश नहीं हुई।
यहां देखें दूसरे दिन की पूरी कथा
आज शिवपुराण के द्वितीय दिवस कथा ठीक समय पर दोपहर एक बजे आरंभ हुई और कल प्रथम दिन से ज्यादा श्रद्धालु कथास्थल पर मौजूद थे। पुलिस प्रशासन द्वारा फोरलेन पर वाहनों के कड़े प्रतिबंध के बावजूद लोग कई किमी पैदल चल कर कथास्थल पहुंचे।

शानदार व्यवस्थाओं की सराहना
शिवपुराण के आरंभ में पंडित प्रदीप मिश्रा ने उन सभी शिवभक्तों को धन्यवाद दिया जो इतने पानी में भी रात भर रूके रहे और भजन गाते रहे। इसके साथ ही किलेदार परिवार की भी मेहनत और विशाल हदय को सराहा कि उन्होंने आयोजन की सारी व्यवस्थाएं संभाली। कल इतने बारिश में भोजन और आवास की व्यवस्था को न सिर्फ दुरूस्त किया बल्कि पूरे कथास्थल को कुछ घंटों के अंदर ही वापस कथा लायक बना दिया। (Betul Pandit Pradeep Mishra)
विधायकद्वय ने संभाला था मोर्चा
गौरतलब है कि कल पानी बारिश और कीचड़ के बीच जब कथास्थल पर हजारों लोग मौजूद थे। बारिश और कीचड़ में श्रद्धालुओं को दिक्कत होने की सूचना मिलते ही बैतूल और आमला के दोनों विधायक कथास्थल पहुंचे। आमला विधायक डॉ. योगेश पंडागरे जूते उतारकर कीचड़ में डोम तक पहुंचे व ट्रेक्टर में खुद बैठकर काफी भक्तों को बाहर निकाला। बैतूल विधायक निलय डागा भी पहुंचे और परसोड़ा के अपने वेयर हाउस में हजारों भक्तों के लिए आवास नाश्ते, गर्म पानी की व्यवस्था की। दोनों विधायक देर रात तक कथास्थल पर जमे रहे और व्यवस्थाएं दुरूस्त करते रहे।
मां ताप्ती हमारा जीवन, इसे कैसे छोड़ दें
मां ताप्ती शिवपुराण कथा के द्वितीय दिवस पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि मां ताप्ती हमारा जीवन है, जान है, उसे कैसे छोड़ दें। लोग भले ही हमें दिग्भ्रमित करें कि न शिव है न गणेश हैं और यह भी कहें कि अगरबत्ती नहीं लगाना चाहिए। लेकिन, आपको उनकी बातों पर ध्यान नहीं देना है। आपको तो मंदिर जाना है और एक नहीं चार अगरबत्ती लगाना है। (Betul Pandit Pradeep Mishra)
धर्मांतरण पर किया तीखा कटाक्ष
धर्मांतरण पर कटाक्ष करते हुए पंडित जी ने शिवभक्तों को सावधान किया। उन्होंने भगवान से जुड़े रहने का शानदार उदाहरण देते हुए बताया कि कोई अंधा कभी गिरता नहीं और न ही उसकी हड्डी टूटती है गिरने से। क्योंकि वो लाठी का सहारा लेकर ठोंककर, संभल कर चलता है। यदि हम भी शिव का सहारा लेकर संभलकर चलेंगे तो गिरने का सवाल नहीं।

अधर्मियों के बोल बिल्कुल न सुनें
जिस तरह ठंड या लू से बचने के लिए हम कान बंद कर लेते हैं, वैसे ही हमें अधर्मियों के बोल सुनने की बजाए कान बंद कर लेना चाहिए। बैतूल के लोगों की प्रशंसा करते हुए पंडित जी ने कहा कि यहां के लोगों ने ताप्ती मैया का जल पिया है, इसलिए बहकावे में नहीं आ सकते।
पंडित मिश्रा के भजन पर झूमते रहे
आज द्वितीय दिवस की कथा समापन पर आमला विधायक डॉ. योगेश पंडागरे, राजीव खंडेलवाल, हेमंत देशमुख, ताप्ती परिक्रमा समिति के अध्यक्ष जितेन्द्र कपूर के साथ मुख्य यजमान संजय बाथरे, रश्मि बाथरे के साथ राजा ठाकुर आदि भक्तों ने भोलेनाथ और व्यासपीठ की आरती और पूजन किया।







