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Betul News: बारिश के लिए शिवलिंग को पानी में डुबोया, बर्बादी की कगार पर पहुंची फसलें, किसान चिंतित

Betul News: Shivling immersed in water for rain, crops on the brink of destruction, farmers worried

Betul News: बारिश के लिए शिवलिंग को पानी में डुबोया, बर्बादी की कगार पर पहुंची फसलें, किसान चिंतित▪️ राकेश अग्रवाल, मुलताई

Betul News: मुलताई सहित ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से बारिश नहीं हो रही है। गर्मी से लोग परेशान हैं। बारिश नहीं होने से सोयाबीन सहित मक्का की फसल खराब होने की कगार पर आ गई है। इसी से चिंतित होकर बीती रात नगर के लोगों ने तपेश्वर शिव मंदिर को ताप्ती जल से पूर्णत: भर दिया। ताप्ती जल में शिवलिंग डुबो दिया गया।

Betul News: बारिश के लिए शिवलिंग को पानी में डुबोया, बर्बादी की कगार पर पहुंची फसलें, किसान चिंतितयुवाओं का कहना है कि बारिश की कामना को लेकर महादेव को जलमग्न किया गया है। अक्सर बारिश नहीं होने पर शिवलिंग को जलमग्न कर दिया जाता है। इससे बारिश हो जाती है। दर्जनों युवाओं ने इसके लिए ताप्ती सरोवर से जल भरकर एक पाइप के माध्यम से तपेश्वर शिव मंदिर के गर्भ गृह में पानी पहुंचाया और शिवलिंग को पूरी तरह ताप्ती जल में डुबो दिया।

मुलताई क्षेत्र में पिछले 15 दिनों से बारिश नहीं हुई है। वहीं दिन में तेज धूप और गर्मी पड़ रही है। उमस के कारण लोगों का हाल खराब हो गया है। वहीं खेतों में फसल सूख रही है। किसानों का कहना है कि सोयाबीन की फसल को पानी की सबसे अधिक आवश्यकता है। वहीं मक्का की फसल भी खराब हो रही है। अगर अगले तीन-चार दिनों में फसलों को पानी नहीं मिला तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। भगवान भोलेनाथ से बारिश की कामना को लेकर ताप्ती जल से शिव मंदिर में पानी भरा गया है।

Betul News: बारिश के लिए शिवलिंग को पानी में डुबोया, बर्बादी की कगार पर पहुंची फसलें, किसान चिंतितप्रदेश में अच्छी वर्षा के लिए प्रार्थना करें: सीएम शिवराज सिंह

उल्लेखनीय है कि कल एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी कहा कि हम सरकार नहीं परिवार चला रहे हैं। हमारा 9 करोड़ लोगों का परिवार है। इनके सुख हमारे सुख हैं इनका दु:ख हमारा दुख है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सभी से प्रदेश में अच्छी वर्षा के लिए ईश्वर से प्रार्थना करने का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि अभी तक की वर्षा से प्रदेश के बांध नहीं भरे हैं। बिजली की मांग बढ़ रही है। सभी व्यवस्थाएं ठीक करने की कोशिश की जा रही है। सभी कुछ ठीक चले, यह हम सब की जिम्मेदारी है।

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