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Betul News : दिखावे के लिए लगा दी स्कूलों में टंकियां और पाइप, साल भर बाद भी नहीं आया नलों में पानी

khedi News: Tanks and pipes were installed in schools for show off, water did not come in the taps even after a year

◼️ मनोहर अग्रवाल, खेड़ी सांवलीगढ़
मध्यप्रदेश के बैतूल में जिला मुख्यालय के समीप स्थित ग्राम खेड़ी सांवलीगढ़ प्रमुख सेंटर के आस पास के स्कूल भडूस संकुल के अंतर्गत आते हैं। इन लगभग 29 छोटे-बड़े स्कूलों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं और आंगनवाड़ी में बच्चों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने प्रशासनिक स्तर पर बहुत अच्छे कदम उठाये गये थे।

भडूस संकुल के इन सभी 29 स्कूलों में भवनों पर पीएचई विभाग द्वारा नल फिटिंग कर सिंटेक्स की टंकियां लगाई गई थी। इसका उद्देश्य यही था कि अब बच्चों को पीने के पानी के लिए कहीं भटकना ना पड़े। यह कार्य इतनी तेजी से हुआ कि चंद दिनों में ही ठेकेदारों ने इस कार्य को अंजाम तक पहुंचा दिया। स्कूलों में पाइप लगाकर नल की टोटियां भी लगा दी।

स्कूलों के संचालकों को लगा कि अब नल चालू हो जाएंगे। लेकिन, एक साल से भी ज्यादा समय हो गया पर यह नल जल योजना मृत अवस्था में ही पड़ी है । इन नलों से आज तक बच्चों को पानी नहीं मिला। बच्चों और स्कूल प्रबंधन को अभी भी पानी के लिए पहले की तरह परेशान होना पड़ रहा है।

दूसरी ओर कार्य करने वाली एजेंसी ने इतना घटिया कार्य किया कि नल की पाइप लाइन भी नाली खुदाई कर नहीं लगाई गई। जिससे टंकियों में लगे पाइप टूटकर बिखर गए हैं। नल की टोटियां चोरी हो गई है। ऐसा लग रहा है कि मानो पीएचई विभाग ने स्कूल के बच्चों से कोई मजाक किया हो। शाला भवनों पर लगी टंकिया मुँह चिड़ा रही है।

इस विषय में भडूस के संकुल प्रभारी डीडी उइके ने बताया कि 29 स्कूलों में से बमुश्किल एक या दो स्कूलों में ही यह नल योजना चालू है। शेष स्कूलों में बंद पड़ी है। इधर ग्रामीणों ने मांग की है कि काम करने वाली एजेंसी से या तो सभी स्कूलों में नल चालू करवाए जाए या फिर एजेंसी पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएं।

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उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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