Betul Mandi Action: किसानों के हितों की अनदेखी और व्यवस्था में लापरवाही को लेकर बैतूल जिले में प्रशासन ने एक साथ दो अहम कदम उठाए हैं। एक ओर कृषि उपज मंडी बडोरा में लगातार मिल रही शिकायतों के बाद अचानक निरीक्षण कर बड़ी कार्रवाई की गई, तो दूसरी ओर भावांतर पोर्टल को तकनीकी सुधार के लिए कुछ दिनों के लिए बंद करने का निर्णय लिया गया है। इन दोनों फैसलों का सीधा असर मंडी व्यवस्था, व्यापारियों, कर्मचारियों और किसानों से जुड़े कामकाज पर पड़ने वाला है।
निरीक्षण की वजह और प्रशासन की तैयारी
कृषि उपज मंडी बडोरा को लेकर पिछले कुछ समय से किसानों और अन्य लोगों की ओर से अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही थीं। इन शिकायतों में मंडी में माल रोककर रखने, प्रक्रिया में देरी और अव्यवस्था जैसे मुद्दे शामिल थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर बैतूल ने जांच के निर्देश दिए। इसके बाद अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बैतूल डॉ. अभिजीत सिंह ने सोमवार को बिना पूर्व सूचना के मंडी पहुंचकर स्थिति का जायजा (Betul Mandi Action) लिया।
मंडी की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
औचक निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने मंडी परिसर के अलग-अलग हिस्सों का निरीक्षण किया। इस दौरान सामने आया कि कई फर्मों और व्यापारियों द्वारा मक्का से भरे बारदाने निर्धारित नियमों का पालन किए बिना चौकड़ियों पर लंबे समय से रखे गए थे। नियमों के अनुसार किसी भी अनाज को 48 घंटे से अधिक समय तक इस तरह जमा नहीं किया जा सकता, लेकिन मौके पर हालात इसके उलट पाए गए।

बारदाने जमा रखने की स्थिति
जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि कुछ चौकड़ियों पर बारदाने दो दिन से कहीं अधिक समय से पड़े हुए थे। इससे न केवल मंडी की व्यवस्था प्रभावित हो रही थी, बल्कि किसानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए एसडीएम ने मौके पर ही मंडी सचिव को निर्देश (Betul Mandi Action) दिए कि नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए और भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न बनने दी जाए।
पांच दिन तक जमा मिले हजारों बारदाने
विस्तृत जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि कुल 11 हजार 660 बारदाने ऐसे थे, जो लगातार पांच दिनों तक चौकड़ियों पर जमा रहे। यह सीधे तौर पर मंडी नियमों का उल्लंघन था। प्रशासन ने इसे गंभीर चूक मानते हुए संबंधित फर्मों और व्यापारियों पर शास्ति लगाने का फैसला लिया।

5 लाख 83 हजार रुपये की शास्ति
नियमों के तहत प्रतिदिन के हिसाब से शासकीय दर से गणना करते हुए कुल 5 लाख 83 हजार रुपये की राशि शास्ति के रूप में अधिरोपित (Betul Mandi Action) की गई। एसडीएम ने साफ कहा कि इस तरह की लापरवाही से मंडी की छवि खराब होती है और किसानों के हित प्रभावित होते हैं, इसलिए अब किसी को भी नियमों से खेलने की छूट नहीं दी जाएगी।
किसानों से किया सीधा संवाद
निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने मंडी में मौजूद किसानों से भी बातचीत की। किसानों ने अपनी समस्याएं, देरी और अन्य दिक्कतों के बारे में खुलकर बात रखी। इन शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए कई मामलों में मौके पर ही समाधान (Betul Mandi Action) किया गया, जिससे किसानों को तत्काल राहत मिली।
मंडी सचिव और कर्मचारियों को निर्देश
एसडीएम ने मंडी सचिव को यह भी निर्देश दिए कि मंडी में आने वाले किसानों, व्यापारियों और आम लोगों की शिकायतों का समय पर और प्रभावी समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि मंडी का संचालन पारदर्शी तरीके से होना चाहिए, ताकि किसी को भी अनावश्यक परेशानी न हो और व्यवस्था पर भरोसा बना रहे।
भावांतर पोर्टल से जुड़ी अहम सूचना
इसी बीच कृषि विपणन व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक और महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। भावांतर पोर्टल में तकनीकी रखरखाव और सुधार के लिए मेंटेनेंस कार्य प्रस्तावित किया गया है। इस कारण पोर्टल को कुछ दिनों के लिए अस्थायी रूप से बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
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तीन दिन तक बंद रहेगा पोर्टल
जारी सूचना के अनुसार भावांतर पोर्टल 30 दिसंबर 2025 से 1 जनवरी 2026 तक उपलब्ध नहीं रहेगा। इन तीन दिनों के दौरान पोर्टल से संबंधित कोई भी ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकेगी। प्रशासन ने पहले से जानकारी देकर सभी को सतर्क रहने को कहा है।
अधिकारियों और कर्मचारियों को सूचना
यह सूचना संयुक्त संचालक, उपसंचालक, मंडी सचिव सहित सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए जारी की गई है। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि यह जानकारी समय रहते सभी अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों तक पहुंचाई जाए, ताकि कामकाज में किसी तरह की भ्रम की स्थिति न बने।
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असुविधा से बचने की अपील
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि पोर्टल बंद रहने की अवधि को ध्यान में रखते हुए सभी विभाग अपने जरूरी कार्यों की योजना पहले से बना लें। इसका उद्देश्य यह है कि किसानों, कर्मचारियों या व्यापारियों को किसी भी तरह की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
मेंटेनेंस के बाद बेहतर व्यवस्था की उम्मीद
अधिकारियों का कहना है कि मेंटेनेंस कार्य पूरा होने के बाद भावांतर पोर्टल पहले से अधिक सुचारू और सुरक्षित रूप से काम करेगा। इससे भविष्य में तकनीकी दिक्कतें कम होंगी और किसानों व मंडी से जुड़े लोगों को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।
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