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Betul Hostel Electricity Bill Scam: बैतूल में 40 लाख की सरकारी राशि हड़पने का मामला उजागर, 10 हजार का इनामी आरोपी गिरफ्तार

Betul Hostel Electricity Bill Scam: जनजातीय छात्रावासों के बिजली बिल भुगतान में फर्जी वेंडर और दोहरी एंट्री से लाखों की हेराफेरी, एक आरोपी अब भी फरार

Betul Hostel Electricity Bill Scam: बैतूल में 40 लाख की सरकारी राशि हड़पने का मामला उजागर, 10 हजार का इनामी आरोपी गिरफ्तार
Betul Hostel Electricity Bill Scam: बैतूल में 40 लाख की सरकारी राशि हड़पने का मामला उजागर, 10 हजार का इनामी आरोपी गिरफ्तार

Betul Hostel Electricity Bill Scam: जनजातीय छात्रावासों के बिजली बिल भुगतान से जुड़ा एक बड़ा आर्थिक अनियमितता का मामला मध्यप्रदेश के बैतूल में उजागर हुआ है। जांच में सामने आया कि शासकीय धन को सुनियोजित तरीके से निजी खातों में भेजा गया। पुलिस ने इस प्रकरण में 10 हजार रुपये के इनामी आरोपी गणेश उईके को पकड़ लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।

विशेष अभियान के दौरान खुलासा

जिले में आर्थिक अपराधों और संपत्ति से जुड़े मामलों पर सख्ती के लिए पुलिस द्वारा अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक बैतूल वीरेन्द्र जैन के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती कमला जोशी के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। मामले की जांच प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक सुश्री शैफा हाशमी द्वारा की गई। जांच के दौरान जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत संचालित छात्रावासों के बिजली बिल भुगतान में गड़बड़ी का पता चला।

कैसे सामने आया यह बड़ा मामला

5 जनवरी 2026 को जनपद पंचायत बैतूल कार्यालय से प्राप्त पत्र और जांच प्रतिवेदन के आधार पर कोतवाली बैतूल थाना में अपराध क्रमांक 19/2026 दर्ज किया गया। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले कि वर्ष 2021 से 2025 के बीच बिजली बिलों के भुगतान में तकनीकी प्रणाली का गलत उपयोग किया गया।

फर्जी वेंडर बनाकर राशि ट्रांसफर

जांच में यह तथ्य सामने आया कि IFMIS पोर्टल पर कियेटर और डीडीओ लॉगिन का दुरुपयोग कर नकली वेंडर तैयार किए गए। इन वेंडरों के नाम पर भुगतान की प्रविष्टि की गई और राशि विद्युत विभाग के बजाय निजी बैंक खातों में भेज दी गई।

दो बार भुगतान दिखाकर किया गबन

पुलिस जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि पहले असली बिजली विभाग के खाते में भुगतान किया जाता था। इसके बाद उसी बिल के नाम पर दूसरी बार भुगतान दर्शाया जाता और यह रकम फर्जी वेंडरों के जरिए निजी खातों में पहुंचा दी जाती। बैंक खातों की पड़ताल में पाया गया कि ये खाते स्थानीय व्यक्तियों के थे। खातों में जमा धनराशि का लेनदेन आरोपी कंप्यूटर ऑपरेटर से यूपीआई माध्यम से जुड़ा हुआ मिला।

कुल गबन की राशि और आंशिक जमा

पूरे मामले की जांच के बाद 40 लाख 4 हजार 67 रुपये के गबन की पुष्टि हुई। इस रकम में से 5 लाख 24 हजार 182 रुपये शासकीय चालान के माध्यम से वापस जमा कराए जा चुके हैं। शेष राशि को लेकर आगे की कार्रवाई जारी है।

अब तक इन की गिरफ्तारी और इनाम

इस प्रकरण में सहआरोपी धर्मेन्द्र वरकड़े को 30 जनवरी 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जा चुका है। फरार आरोपियों गणेश उईके और छत्रपाल मर्सकोले की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक द्वारा 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। लगातार निगरानी, तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर की सूचना के आधार पर गणेश पिता लिप्पा उईके, उम्र 27 वर्ष, निवासी ग्राम कढ़ाई थाना कोतवाली बैतूल को गिरफ्तार किया गया। उसे 17 फरवरी 2026 को न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है।

जाँच के बाद जोड़ी गईं अतिरिक्त धाराएं

प्रारंभ में इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 316(5) के तहत प्रकरण दर्ज हुआ। बाद में जांच के दौरान प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर धारा 338, 336(3), 340(2) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13(2) को जोड़ा गया। इसके अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत बैतूल के आवेदन पर धारा 420 और 409 भादवि के अंतर्गत भी अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

पुलिस ने की सावधानी बरतने की अपील

पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा है कि ऑनलाइन भुगतान प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखें, लॉगिन आईडी और पासवर्ड सुरक्षित रखें और किसी भी संदिग्ध लेनदेन की सूचना तुरंत दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासकीय धन का दुरुपयोग करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इस पूरी कार्रवाई में अनुसंधान अधिकारी सुश्री शैफा हाशमी, थाना प्रभारी देवकरण डेहरिया, उपनिरीक्षक बसंत अहके, प्रधान आरक्षक तरुण पटेल, प्रधान आरक्षक शिवकुमार, आरक्षक उज्ज्वल दुबे और दुर्गेश वर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मामला अभी जांच में है और फरार आरोपी की तलाश जारी है।

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उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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