Betul Health Department Action: स्वास्थ्य सेवाओं पर सख्ती, 3 सीएचओ की होगी सेवा समाप्त, 7 को नोटिस, 3 एएनएम की रोकी वेतन वृद्धि

Betul Health Department Action: बैतूल जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति सुधारने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। गर्भवती महिलाओं की जांच और हाई रिस्क मामलों के प्रबंधन में लापरवाही सामने आने के बाद स्वास्थ्य अमले पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसी के साथ कलेक्टर ने वर्ष 2026 के लिए जिले में तीन स्थानीय अवकाश भी घोषित किए हैं। यह फैसले प्रशासन की कार्यशैली और जनहित से जुड़े मुद्दों पर उसकी गंभीरता को दर्शाते हैं।

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में सामने आई कमियां

13 जनवरी को कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने स्वास्थ्य विभाग की विस्तृत समीक्षा की। इस बैठक में जिले में गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच, हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान और उनके उचित प्रबंधन की प्रगति का आकलन किया गया। समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि कई क्षेत्रों में अपेक्षित उपलब्धि नहीं हो सकी है। इस पर कलेक्टर ने चिंता जताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों को सुधार के निर्देश दिए।

सीएचओ की लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई

समीक्षा के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज कुमार हुरमाड़े ने लापरवाही को गंभीर मानते हुए कार्रवाई की अनुशंसा की। गर्भवती महिलाओं की जांच, हाई रिस्क मामलों के चिन्हांकन और प्रबंधन में उदासीनता बरतने पर तीन सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। इनमें हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बोदी जूनावानी की सीएचओ मोनिका भूमरकर, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर डेढ़पानी की सीएचओ ज्योति धोटे और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर चांदू रातामाटी के सीएचओ संतोष बडकुले शामिल हैं। इन तीनों के विरुद्ध सेवा समाप्ति की अनुशंसा कलेक्टर को भेजी गई है।

अन्य सीएचओ को जारी किया नोटिस

इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग ने सात अन्य सीएचओ को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इनसे अपने कार्यों में हुई कमी और लापरवाही को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़े कार्यों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

एएनएम पर भी कार्रवाई की गिरी गाज

सिर्फ सीएचओ ही नहीं, बल्कि एएनएम के स्तर पर भी लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई की गई है। गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीयन नहीं करने और कार्य के प्रति उदासीनता बरतने पर तीन एएनएम के खिलाफ दंडात्मक कदम उठाए गए हैं। इनमें संध्या कालभोर, उर्मिला इवने और गीता रघुवंशी शामिल हैं। इन तीनों की दो-दो वेतन वृद्धि रोकने का निर्णय लिया गया है। वहीं, तीन अन्य एएनएम को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।

दोबारा सामने ना आये ऐसी स्थिति

कलेक्टर और स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि गर्भवती महिलाओं की देखभाल में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। समय पर जांच, पंजीयन और हाई रिस्क मामलों का प्रबंधन प्राथमिकता में शामिल है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा सामने न आए।

वर्ष 2026 के लिए तीन स्थानीय अवकाश घोषित

इसी बीच कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशों के तहत वर्ष 2026 के लिए जिले में तीन स्थानीय अवकाश घोषित किए हैं। ये अवकाश जिले के शासकीय कार्यालयों में मान्य होंगे, लेकिन कोषालय और उपकोषालय पर लागू नहीं रहेंगे।

इन तारीखों पर रहेंगे स्थानीय अवकाश

घोषित स्थानीय अवकाशों में 5 मार्च 2026 को भाई दूज, 21 जुलाई 2026 को मां ताप्ती जन्मोत्सव और 25 सितंबर 2026 को अनंत चतुर्दशी शामिल हैं। इन अवकाशों से जिले के कर्मचारियों और आम लोगों को स्थानीय पर्वों और आयोजनों में शामिल होने का अवसर मिलेगा।

प्रशासनिक सख्ती और सुविधा साथ-साथ

बैतूल जिले में एक ओर जहां स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर स्थानीय परंपराओं और पर्वों को ध्यान में रखते हुए अवकाश घोषित किए गए हैं। प्रशासन का यह संतुलित रवैया जनहित और व्यवस्था दोनों को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

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