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Bathroom Vastu Direction: बाथरूम की गलत दिशा बिगाड़ सकती है घर की खुशहाली, जानिए वास्तु के जरूरी नियम

Bathroom Vastu Direction: घर में बाथरूम की सही दिशा क्या होनी चाहिए, जानें वास्तु शास्त्र के अनुसार शुभ और अशुभ दिशाएं

Bathroom Vastu Direction: बाथरूम की गलत दिशा बिगाड़ सकती है घर की खुशहाली, जानिए वास्तु के जरूरी नियम
Bathroom Vastu Direction: बाथरूम की गलत दिशा बिगाड़ सकती है घर की खुशहाली, जानिए वास्तु के जरूरी नियम

Bathroom Vastu Direction: घर बनाते समय लोग अक्सर कमरे, रसोई और पूजा स्थल पर ज्यादा ध्यान देते हैं, लेकिन बाथरूम की दिशा को नजरअंदाज कर देते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार बाथरूम का गलत स्थान घर की सकारात्मक ऊर्जा को प्रभावित कर सकता है। इससे परिवार में मानसिक तनाव, आर्थिक परेशानी और आपसी कलह जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। वहीं यदि बाथरूम सही दिशा में बनाया जाए तो घर का वातावरण संतुलित और सुखद बना रहता है। ऐसे में बाथरूम से जुड़े वास्तु नियम जानना बेहद जरूरी हो जाता है।

कौन सी दिशा मानी जाती है सही

वास्तु शास्त्र में बाथरूम के लिए उत्तर-पश्चिम दिशा को सबसे उपयुक्त बताया गया है। इस दिशा में बाथरूम होने से नकारात्मक ऊर्जा बाहर निकलती है और घर में संतुलन बना रहता है। इसके अलावा पश्चिम दिशा में भी बाथरूम बनवाना स्वीकार्य माना गया है। इन दिशाओं में बने बाथरूम से स्वास्थ्य और मानसिक शांति पर सकारात्मक असर पड़ता है।

गलत दिशा में बाथरूम होने से यह नुकसान

कई बार घर में बिना जानकारी के बाथरूम बना दिया जाता है, जिसका असर बाद में दिखाई देता है। वास्तु के अनुसार यदि बाथरूम गलत दिशा में हो तो आर्थिक तंगी, मानसिक अशांति और पारिवारिक विवाद जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। ऐसे में बाथरूम बनवाने से पहले वास्तु नियमों को समझना जरूरी है।

इन दिशाओं में बाथरूम बनाने से बचें

वास्तु शास्त्र के अनुसार उत्तर-पूर्व दिशा को देवताओं का स्थान माना जाता है। इस दिशा में बाथरूम बनाना अशुभ माना गया है। यहां बाथरूम होने से धन हानि और मानसिक परेशानी हो सकती है। इसके अलावा घर के बिल्कुल बीच में बाथरूम बनवाना भी वास्तु दोष का कारण बनता है। इससे पूरे घर की ऊर्जा प्रभावित होती है और परिवार के सदस्यों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

किस ओर हो बाथरूम में पानी का बहाव

बाथरूम के फर्श का ढलान भी वास्तु में अहम माना गया है। फर्श का ढलान पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इन दिशाओं में पानी का बहाव होने से नकारात्मक ऊर्जा बाहर जाती है और घर में सकारात्मकता बनी रहती है।

टॉयलेट सीट की सही दिशा क्या हो

बाथरूम में टॉयलेट सीट लगाते समय भी दिशा का ध्यान रखना जरूरी है। वास्तु के अनुसार टॉयलेट का इस्तेमाल करते समय व्यक्ति का मुंह उत्तर या दक्षिण दिशा की ओर होना चाहिए। पूर्व या पश्चिम दिशा की ओर मुंह करके बैठना उचित नहीं माना गया है।

बाथरूम में किन बातों का रखें खास ध्यान

वास्तु शास्त्र के अनुसार बाथरूम में नल और शावर उत्तर या पूर्व की दीवार पर लगवाना अच्छा माना जाता है। इसके साथ ही शीशा भी उत्तर या पूर्व दिशा की दीवार पर लगाना चाहिए। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बना रहता है। इसके अलावा बाथरूम की नियमित सफाई बेहद जरूरी है, क्योंकि गंदगी नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाती है।

अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। इसे अंतिम सत्य या दावा न माना जाए। पाठक अपने विवेक का प्रयोग करें।

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उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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