badh me fansi bus : बैतूल के नांदिया घाट पर बीच नदी में बाढ़ में फंसी बस, उधर छलक उठा सतपुड़ा डैम, खोलने पड़े 7 गेट
◼️ उत्तम मालवीय, बैतूल
बीती रात हुई झमाझम बारिश के बाद गुरुवार सुबह बैतूल जिले के चोपना क्षेत्र में एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया। सारणी स्थित सतपुड़ा डैम के लबालब होने से उसके 7 गेट खोलने पड़े। इधर चोपना क्षेत्र में तवा नदी के नांदिया घाट पर बाढ़ के बीच एक यात्री बस फंस गई। खैरियत थी कि बस उस समय खाली थी। बस के चालक और परिचालक की सूझबूझ से बस बहने से बच पाई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक यात्री बस रोज की तरह सुबह 8 बजे नांदिया घाट पहुंची थी। लेकिन, रात में हुई बारिश के चलते रपटे पर बनाया एप्रोच रोड बह गया था। इससे गड्ढे में बस फंस गई। बस को निकालने चालक मोहनलाल असाटी द्वारा काफी कोशिश की गई। लेकिन, बस नहीं निकल पाई। इसी बीच अचानक सुबह 8.15 बजे सतपुड़ा डैम का पहला गेट खोल दिया गया। इससे नदी में और बाढ़ आ गई। इधर डैम का लेवल बढ़ते ही गेटों की संख्या सुबह 10 बजे तक बढ़ाकर 5 कर दी गई। वहीं 11.45 बजे 7 गेट खोल दिए गए। इस दौरान डेम से 5860 क्यूसेक पानी प्रति सेकंड छोड़ा गया। देखें बाढ़ में फंसी बस का वीडियो…
बाढ़ आने पर बस का अगला हिस्सा टायर सहित पानी में डूब गया। बस को पानी में बहता देख चालक, परिचालक द्वारा उसे लोहे की सांकल से बांध दिया गया। यह सूझबूझ इतनी काम आई कि 7 गेट 1-1 फीट की ऊंचाई तक खुलने और पानी के तेज बहाव के बावजूद बस बहने से बच गई। इस बीच तवा नदी के नांदिया घाट रपटे पर यात्री बस फंसने की सूचना प्रशासन को मिली। यह जानकारी मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। दोपहर करीब 2.45 बजे सतपुड़ा जलाशय प्रबंधन से संपर्क कर गेट बंद कराए गए।
इसके बाद नांदिया घाट पर पानी कम हुआ तो दो ट्रैक्टरों की मदद से गड्ढे में फंसी बस को निकाला गया। बताया जा रहा है कि बस के पास में ही एक पिकअप भी फंसी थी। जिसे समय रहते निकाल लिया गया। लेकिन बस को निकालने में 10 घंटे का समय लग गया। अच्छी बात यह है कि बस खाली थी। हालांकि चालक और परिचालक सूझबूझ नहीं दिखाते तो बस बहने से इंकार नहीं किया जा सकता। देखें सतपुड़ा डैम के गेट खोले जाने के बाद का विहंगम दृश्य…
एक पखवाड़े में लबालब हो गया डैम
सारणी स्थित सतपुड़ा जलाशय 15 दिन की बारिश में ही लबालब हो गया है। डैम का लेवल मेंटेन करने 7 गेट 1-1 फीट की ऊंचाई पर खोल दिए गए हैं। इससे प्रति सेकंड तवा नदी में 5 हजार 860 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। डैम का लेवल फिलहाल 1429.50 फीट है। जबकि डैम की जल भरण क्षमता 1433 फीट है। यह लेवल 15 सितंबर को मेंटेन किया जाता है। सतपुड़ा डैम के गेट खोलने की सूचना मिलते ही मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी सारणी के मुख्य अभियंता आरके गुप्ता और अतिरिक्त मुख्य अभियंता सिविल शैलेंद्र वागद्रे डैम पहुंचे और नए कंट्रोल पैनल का निरीक्षण कर खामियों को दूर करने के निर्देश दिए। सीजन में पहली बार एक साथ सात गेट 1-1 फीट की ऊंचाई पर खोलने पर दृश्य बड़ा विहंगम हो गया था।



