Assam Kamakhya Mandir Corridor: अब देश के इस प्रमुख मंदिर का कॉरिडोर बना रही मोदी सरकार, 498 करोड़ रुपये होंगे खर्च

Assam Kamakhya Mandir Corridor : भारत मंदिरों का देश है। देश में सैकड़ों प्रसिद्ध मंदिर है। देश के करोड़ों लोगों की आस्था के प्रतीक इन मंदिरों के कॉरिडोर बनाने के लिए मोदी सरकार काफी जोर दे रही है। अभी हाल ही में अयोध्या में राम मंदिर का लोकार्पण कर पूरी दुनिया में मोदी सरकार की गूंज रही। अब काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर मोदी सरकार एक और प्रसिद्ध मंदिर का कॉरिडोर बनाने जा रही है। इसके लिए सरकार पूरे 498 रुपए खर्च करने जा रही है।
मंदिर कॉरिडोर बनने के बाद मंदिर को नया रूप मिल जाएगा और मंदिन में आने वाले श्रद्धालु सुगमता से दर्शन कर पाएंगे। जिस मंदिर का कॉरिडोर मोदी सरकार द्वारा बनाया जा रहा है, वह असम में मा कामाख्या मंदिर है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कॉरिडोर बनाने की जानकारी देते हुए कहा कि हमारे मंदिर, हमारे तीर्थ हमारी सभ्यता की यात्रा की अमिट निशानियां हैं। कामाख्या मंदिर गलियारा परियोजना पूरी हो जाने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस शक्ति पीठ में आएंगे और इससे पूरे पूर्वोत्तर के पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा।
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नॉर्थ घूमने आए तो जरूर करें दर्शन
बता दें कि जब भी दक्षिण भारत और उत्तरप्रदेश के लोग असम या फिर नॉर्थ ईस्ट घूमने आते है, तो वे मां कामाख्या के दर्शन करने के लिए जरूर जाते हैं। यदि यहां पर कॉरिडोर बन जाता है कि श्रद्धालुओं की संख्या काफी ज्यादा हो जाएगी, साथ ही आगे नॉर्थ ईस्ट घूमने के लिए यहां रूक भी पाएंगे। इसके लिए आप कामाख्या देवी मंदिर की लोकेशन के बारे में जानकारी होनी चाहिए। असम में ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे मां कामख्या मंदिर है। यदि आप मेघालय, सिक्किम या फिर अरूणाचल में घूमने का प्लान बना रहे हैं तो गुवाहटी में स्थित इस प्रसिद्ध मंदिर में दर्शन कर आप आगे जा सकते है।
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पूर्वोत्तर का प्रवेश द्वार बनेगा कामाख्या मंदिर
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दावा किया है कि आजादी के बाद सत्ता में रहे लोग पूजा स्थलों के महत्व को नहीं समझ सके। पीएम ने कहा, ‘यह पूर्वोत्तर का प्रवेश द्वार बन जाएगा।’ उन्होंने कहा कि ‘कामाख्या दिव्यलोक परियोजना’ इस शक्ति पीठ की तीर्थयात्रा के अनुभव को बिल्कुल बदल देगी। मां कामाख्या या कामेश्वरी मंदिर धरती पर 51 शक्ति पीठों में से एक है।
प्रधानमंत्री ने स्वयं बताया है कि किस तरह मां कामाख्या दिव्यलोक कॉरिडोर बनने के बाद टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। बता दें कि इस समय देश में पर्यटन और तीर्थ यात्रा को लेकर काफी ज्यादा उत्साह है। जब से काशी कॉरिडोर का निर्माण कराया गया है, तब से वहां पर रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं। एक रिपोर्ट बताती है कि बीते एक साल में साढ़े आठ करोड़ लोग काशी गए। वहीं उज्जैन में बाबा महाकाल महालोक में 5 करोड़ लोगों ने दर्शन किए, जबकि केदारधाम में 19 लाख श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे।
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12 दिन में 24 लाख श्रद्धालु पहुंचे अयोध्या धाम
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि अयोध्या धाम में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को अभी कुछ ही दिन हुए हैं। 12 दिन में ही अयोध्या में 24 लाख से ज्यादा लोग दर्शन कर चुके हैं। मां कामाख्या दिव्यलोक बनने के बाद यहां भी हम ऐसा ही दृश्य देखने वाले हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक स्थलों पर तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ने से गरीब लोगों की आजीविका को भी बढ़ावा मिलता है।
देश में पांच अन्य कॉरिडोर बनकर तैयार हो गए हैं या काम जारी है। द्वारका, गुजरात में देवभूमि कॉरिडोर और मथुरा में बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर पर काम चल रहा है। उज्जैन में महाकाल लोक 850 करोड़ में 2022 में ही बन गया। 332 करोड़ में काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर बना है। 800 करोड़ में जगन्नाथ मंदिर हेरिटेज कॉरिडोर, पुरी में बना है।
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