
aadhar card update: आज कल सायबर फ्रॉड के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। आपके आधार नंबर से भी आपको तगड़ा चूना लगाया जा सकता है। यदि आप भी इसी चिंता में दुबले हो रहे हैं और अपना आधार नंबर किसी के साथ शेयर नहीं करना चाहते तो सबसे बेहतर विकल्प है, वर्चुअल आइडेंटिफायर (VID)। इसे बनाना भी आसान है और घर बैठे भी बनाया जा सकता है। इस वीआईडी से आपकी पहचान भी हो सकेगी और आपके आधार नंबर का पता भी किसी को नहीं चलेगा।
विभिन्न लाभ और सेवाओं की प्राप्ति के लिए आधार का उपयोग अब जरुरी हो गया है, लेकिन इसके साथ ही जिस तरह अपने बैंक खातों, पैन या पासपोर्ट सहित अन्य पहचान दस्तावेजों को साझा करते समय जिस तरह की सावधानी बरती जाती है, उसी तरह की सावधानी अब आधार के उपयोग को लेकर भी जरुरी हो गई है।
आधार कार्ड लोगों की डिजिटल आईडी (digital id) है और यह पूरे देश के निवासियों के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन पहचान सत्यापन के एक स्रोत के रूप में काम करता है। लोग इलेक्ट्रॉनिक रूप से या ऑफलाइन सत्यापन के माध्यम से अपनी पहचान प्रमाण-पत्रों को सत्यापित और मान्य करने के लिए अपनी आधार संख्या का उपयोग कर सकते हैं।

इस संबंध में यूआईडीएआई द्वारा सलाह दी गई है कि किसी विश्वसनीय संस्था के साथ आधार साझा करते समय, उसी स्तर की सावधानी बरतनी चाहिए जैसी मोबाइल नंबर, बैंक खाता संख्या या पासपोर्ट, मतदाता पहचान पत्र, पैन, राशन कार्ड आदि जैसे किसी अन्य पहचान दस्तावेजों को साझा करते समय बरती जाती है।
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यह सबसे बेहतर है विकल्प
जब भी कोई व्यक्ति अपना आधार नंबर साझा नहीं करना चाहता है, तो यूआईडीएआई उसे वर्चुअल आइडेंटिफायर (VID) बनाने की सुविधा प्रदान करता है। कोई भी व्यक्ति आसानी से आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर या माईआधार पोर्टल के माध्यम से वीआईडी जेनरेट कर सकता है और आधार संख्या के स्थान पर प्रमाणीकरण के लिए इसका उपयोग कर सकता है। कैलेंडर दिवस की समाप्ति के बाद इस वीआईडी को बदला जा सकता है।
क्या है वर्चुअल आइडेंटिफायर | What is virtual identifier (Adhar VID)
आधार वर्चुअल आइडेंटिफायर दरअसल एक 16 अंकों का अस्थाई और रीवोकेबल नंबर होता है। इसे आपके 12 अंकों वाले आधार नंबर के साथ मैप किया जाता है। यह 16 अंकों वाला आधार वर्चुअल आइडेंटिफायर आपके 12 अंकों वाले आधार नंबर का विकल्प होता है। इसे आधार के ऑथेंटिकेशन और ई-केवाईसी कराते समय आधार नंबर के स्थान पर इस्तेमाल किया जा सकता है।

नहीं होता एक्सपायरी पीरियड
आधार नंबर से आधार वीआईडी तो जेनरेट किया जा सकता है, लेकिन आधार वीआईडी से आधार नंबर का पता नहीं लगाया जा सकता है। इसकी कोई एक्सपायरी डेट या पीरियड नहीं होता बल्कि यह तब तक वैलिड रहता है जब तक उस आधार नंबर से कोई नया वीआईडी जेनरेट न कर लिया गया हो। हालांकि आपके आधार नंबर से कोई दूसरा व्यक्ति वीआईडी जनरेट नहीं कर सकता।
बॉयोमेट्रिक सुविधा भी उपलब्ध
यूआईडीएआई आधार लॉकिंग के साथ-साथ बायोमेट्रिक लॉकिंग की सुविधा भी प्रदान करता है। अगर कोई व्यक्ति कुछ समय के लिए आधार का उपयोग नहीं करना चाहता है तो वह ऐसी समयावधि के लिए आधार या बायोमेट्रिक्स को लॉक कर सकता है। आवश्यकता पड़ने पर इसे आसानी से तुरंत ही अनलॉक भी किया जा सकता है।
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कानूनी रुप से उपयोग जरुरी
यूआईडीएआई आधार संख्या धारक को सुरक्षित, सहज और त्वरित प्रमाणीकरण अनुभव सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी रूप से उन्नत इकोसिस्टम भी प्रदान करता है। आधार अधिनियम और इसके विनियमों के विभिन्न प्रावधानों के अनुसार निवासियों से आधार संख्या लेने वाली संस्थाएं इसका सुरक्षित और कानूनी रूप से अनुमति प्राप्त तरीके से उपयोग और संग्रह करती हैं। आधार की मांग करने वाली संस्थाओं को सहमति प्राप्त करने के लिए बाध्य किया जाता है कि वह उस उद्देश्य को निर्दिष्ट करें जिसके लिए आधार को लिया जा रहा है।
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आधार प्रमाणीकरण की हिस्ट्री
कोई भी व्यक्ति यूआईडीएआई की वेबसाइट uidai.gov.in या एम-आधार m-Aadhaar ऐप पर पिछले छह महीनों के लिए आधार प्रमाणीकरण इतिहास की जांच कर सकता है। साथ ही, यूआईडीएआई ईमेल पर हर प्रमाणीकरण के बारे में सूचित करता है। इसलिए, ईमेल आईडी को आधार से जोड़ने से यह सुनिश्चित होगा कि निवासी को हर बार उसकी आधार संख्या प्रमाणित होने की सूचना मिलती रहेगी।

यूआईडीएआई ने की यह अपील (aadhar card update)
ओटीपी-आधारित आधार प्रमाणीकरण के साथ कई सेवाओं का लाभ उठाया जा सकता है, और मोबाइल नंबर को आधार के साथ अपडेट रखना एक लाभकारी कदम है। यूआईडीएआई ने लोगों से यह भी अनुरोध किया है कि वे आधार पत्र/पीवीसी कार्ड या उसकी प्रति को अपनी निगरानी में ही रखें। यह सलाह भी दी है कि वे आधार को खुले तौर पर सार्वजनिक रूप से सोशल मीडिया और अन्य सार्वजनिक मंचों पर साझा न करें। आधार धारकों को किसी भी अनधिकृत संस्था को आधार ओटीपी का खुलासा नहीं करना चाहिए और किसी के भी साथ एम-आधार पिन को साझा करने से बचना चाहिए।
अनाधिकृत उपयोग पर यहां करें संपर्क (Aadhar Card Helpline)
आधार के किसी भी अनधिकृत उपयोग या आधार से संबंधित किसी अन्य प्रश्न के संदेह के मामले में, आधार धारक टोल-फ्री हेल्पलाइन 1947 पर यूआईडीएआई से संपर्क कर सकते हैं, जो 24&7 उपलब्ध है या इस बारे में help@uidai.gov.in पर ईमेल कर सकते हैं।
