Aadhaar Update for Students: मध्यप्रदेश में विद्यार्थियों के आधार अपडेट को लेकर चल रहा अभियान अब नए चरण में प्रवेश कर रहा है। प्रदेश में लगभग 26 लाख विद्यार्थी ऐसे हैं जिनका आवश्यक बायोमेट्रिक अपडेट अब तक पूरा नहीं हो पाया है। यह अपडेट हर विद्यार्थी के लिए 5 वर्ष और 15 वर्ष की आयु पर अनिवार्य होता है। यदि समय पर अपडेट नहीं किया जाता है तो विद्यार्थियों को विद्यालय प्रवेश, छात्रवृत्ति, प्रतियोगी परीक्षाओं और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर जैसी कई महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ पाने में परेशानी हो सकती है।
आधार अपडेट क्यों है जरूरी
आधार कार्ड न सिर्फ पहचान का दस्तावेज है, बल्कि विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़ने का आधार भी है। विद्यार्थियों का बायोमेट्रिक अपडेट समय पर न होने पर उनका डेटा अधूरा रह जाता है। इसकी वजह से उन्हें छात्रवृत्ति, पेंशन योजना या फिर प्रवेश प्रक्रिया में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। सरकार का उद्देश्य यह है कि हर विद्यार्थी को उसके अधिकार का लाभ बिना किसी बाधा के मिल सके।

अगस्त में शुरू हुआ था अभियान
यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया और स्कूल शिक्षा विभाग ने इस समस्या को देखते हुए विशेष अभियान शुरू किया है। 18 अगस्त 2025 को “विद्यार्थी के लिए आधार, अब विद्यालय के द्वार” नाम से राज्यभर में इसकी शुरुआत की गई थी। पहले चरण में सरकारी स्कूलों में आधार नामांकन और अपडेट शिविर लगाए गए। इन शिविरों में कई विद्यार्थियों ने अपना बायोमेट्रिक अपडेट कराया, लेकिन बड़ी संख्या अभी भी बाकी है।
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एक अक्टूबर से दूसरा चरण
अब एक अक्टूबर से इस अभियान का दूसरा चरण शुरू किया जा रहा है। इसमें प्राथमिकता उन स्कूलों को दी गई है जहां सबसे ज्यादा विद्यार्थियों के आधार अपडेट लंबित हैं। इसके अलावा ऐसे बड़े विद्यालय भी चुने गए हैं जिनके आस-पास अन्य कई स्कूल संचालित होते हैं। इस व्यवस्था से एक ही जगह पर बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को आधार अपडेट का अवसर मिल सकेगा।

ऑनलाइन पोर्टल से मिलेगी सुविधा
विद्यार्थियों की पहचान आसान बनाने के लिए यूआईडीएआई और शिक्षा विभाग ने यू-डाइस+ पोर्टल पर विशेष सुविधा उपलब्ध कराई है। इस पोर्टल के माध्यम से विद्यालय यह देख पाएंगे कि किन विद्यार्थियों का बायोमेट्रिक अपडेट अभी लंबित है। इससे स्कूल प्रबंधन को योजना बनाने और शिविर आयोजित करने में आसानी होगी।
अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए 26 सितंबर को प्रदेशभर के जिला परियोजना समन्वयक, जिला शिक्षा अधिकारी, प्रोग्रामर, ब्लॉक रिसोर्स सेंटर, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और सरकारी स्कूलों के प्राचार्यों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रशिक्षित किया गया। इससे पहले आधार ऑपरेटरों को भी अपडेट प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया गया था।
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प्राचार्यों को दिए गए यह निर्देश
शिक्षा विभाग ने सभी स्कूल प्राचार्यों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे यू-डाइस+ पोर्टल से लंबित विद्यार्थियों की सूची निकालें। सूची में दर्ज विद्यार्थियों को समय रहते सूचना दें और आधार अपडेट शिविर के लिए रोस्टर तैयार करें। साथ ही, विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को यह भी प्रेरित करें कि वे नजदीकी आधार सेवा केंद्र पर जाकर बायोमेट्रिक अपडेट करवा लें।
विद्यार्थियों को मिलेगा सीधा लाभ
इस अभियान के सफल होने पर विद्यार्थियों को योजनाओं का लाभ बिना किसी अड़चन के मिलेगा। चाहे वह छात्रवृत्ति हो, परीक्षा पंजीयन हो या फिर सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ, आधार अपडेट पूरा होने पर सारी सुविधाएं समय पर मिल सकेंगी।
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