Ayushman Bharat Yojana : आयुष्मान योजना में एक साल में होता है 5 लाख तक का इलाज, इतनी बीमारियां की जाती है कवर
Under Ayushman Yojana, treatment of up to Rs 5 lakh is done in a year, so many diseases are covered.

वर्ष 2018 में शुरू हुई आयुष्मान योजना 5 वर्ष पूरे कर रही है। पिछले 5 वर्षों में प्रदेश में आयुष्मान योजना में उल्लेखनीय कार्य हुआ है। प्रदेश के एक करोड़ 8 लाख चिन्हित पात्र परिवारों के 4 करोड़ 70 लाख हितग्राही में 74 प्रतिशत हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड बनाये जा चुके हैं।
प्रदेश के 99 प्रतिशत से अधिक परिवारों में कम से कम एक सदस्य का आयुष्मान कार्ड बन गया है। आयुष्मान कार्डधारक को एक वर्ष में 5 लाख रूपये तक का उपचार आयुष्मान से संबद्ध अस्पतालों में करवाने की पात्रता होती है।
- यह भी पढ़ें : Kidney Good Health : आज ही बंद कर दें ये काम वरना किडनी हो जाएगी खराब, जिन्दगी भर मिलेगी गुड हेल्थ
प्रदेश में योजना में 1022 चिकित्सालय संबद्ध हैं। इनमें 494 शासकीय और 528 निजी चिकित्सालय हैं। पात्र हितग्राहियों के लिये संबद्ध चिकित्सालयों में 136 प्रकार के उपचार का पैकेज हैं। प्रदेश के 156 चिकित्सालयों में डायलिसिस और 11 केन्द्रों पर नि:संतानता के उपचार की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।

योजना के प्रारंभ से अब तक 15 लाख आयुष्मान कार्डधारकों को लाभान्वित किया गया है। इनके उपचार पर 4 हजार 700 करोड़ रूपये की राशि व्यय की गई है। वर्तमान में रोजाना लगभग 3500 हितग्राही योजना में उपचार प्राप्त कर रहे हैं। योजना में किये गये उपचार में विशेष रूप से गुर्दा प्रत्यारोपण, बोन मेरो ट्रांसप्लांट, कैंसर उपचार और ह्रदय रोग उपचार आदि शामिल हैं।
आयुष्मान योजना के 5 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 23 सितम्बर 2023 को सभी जिला चिकित्सालयों, सामुदायिक, प्राथमिक और उप स्वास्थ्य केन्द्रों में आयुष्मान भारत निरामयम दिवस मनाया गया। इसमें अनेक गतिविधियाँ की गई। जन-प्रतिनिधियों, आयुष्मान हितग्राहियों और मीडिया के साथ योजना के संबंध में परिचर्चा, संवाद और कार्यशाला हुई।
- यह भी पढ़ें : Music Health Effects: डिप्रेशन और तनाव से राहत के लिए आजमाएं ‘म्यूजिक थेरेपी’, जानें इससे होने वाले फायदे
नागरिकों को योजना के बारे में जानकारी दी गई। योजना को जनता तक पहुँचाने के लिये पेंटिंग, रंगोली आदि प्रतियोगिताएँ भी हुई। साथ ही पीवीसी आयुष्मान कार्ड का वितरण और ई-केवायसी कराना भी सुनिश्चित किया गया। जिन हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड नहीं बने हैं, उनके आयुष्मान कार्ड बनाये गए और कार्यक्रम में पहुँचने वाले नागरिकों की आयुष्मान भारत हेल्थ एकाउंट (आभा आई.डी.) भी बनाई गई।



