Betul Update: एमपी की इस पंचायत में त्योहारों पर नहीं मिलेगा मांस और मछली, जन भावनाओं को देख लिया निर्णय
Betul Update: Meat and fish will not be available on festivals in this Panchayat of MP, decision taken considering public sentiments
▪️ मनोहर अग्रवाल, खेड़ी सांवलीगढ़
मध्य प्रदेश के बैतूल में जिला मुख्यालय के समीप स्थित विकासखंड बैतूल की ग्राम पंचायत खेड़ी सांवलीगढ़ में त्योहारों पर पवित्रता बनाए रखने एक अनूठा निर्णय लिया गया है। इस पंचायत की मासिक बैठक में सभी सरपंच शर्मिला ठाकुर की अध्यक्षता में सर्वसम्मति से सभी पंचों ने यह निर्णय ग्राम पंचायत के इतिहास में पहली बार लिया है। जिसकी सभी सराहना कर रहे हैं। इस निर्णय के बारे में जानकर सभी ग्रामीण भी बेहद खुश हैं।
इस पंचायत में निर्णय इस बात का लिया गया है कि आगामी दिनों में आने वाले धार्मिक महत्व के त्योहारों हरतालिका तीज, गणेश उत्सव, दुर्गा उत्सव के अवसर पर ग्राम में पवित्रता का वातावरण बनाये रखने ग्राम पंचायत की सीमा के अंदर कोई भी मांस, मटन, मछली की दुकानें नहीं संचालित होगी।
इस निर्णय का पालन ना कर इनकी बिक्री करने वाले दुकानदारों पर पुलिस कार्यवाही कर उनसे जुर्माना वसूल किया जावेगा। इसके साथ ही उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज होगी। ग्राम पंचायत के इस निर्णय से धार्मिक भावना रखने वाले श्रद्धालुओं ने मुक्त कंठ से इस निर्णय की सराहना की है।
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काटकुम्भ गांव से सलकनपुर के लिए निकला पदयात्रियों का जत्था
विगत15 वर्षों से निरन्तर निकल रही देवी धाम सलकनपुर के लिए पदयात्रा आज सुबह भैंसदेही के काटकुम्भ गांव से निकलकर ग्राम खेड़ी पहुचीं। जहां माँ शीतला के दरबार में पदयात्री कुछ पल रुके और गन्तव्य के लिए रवाना हुए।
पदयात्रियों ने बताया कि वे सलकनपुर प्रति वर्ष पदयात्रा करते हुए जाते हैं और आस्था के साथ माँ ताप्ती और नर्मदा के जल से माँ बिजासनी का अभिषेक कर पूजा अर्चना करते हैं और गांव में खुशहाली, अमन के लिए कामना करते हैं। माँ बिजासनी उनकी मनोकामना पूर्ण करती है।
पदयात्री राजेश ने बताया कि सभी यात्री सकुशल माँ के दरबार में पहुंचते हैं। यात्रा में कोई भी परेशानी नहीं होती है। माँ तो फिर माँ हैं। वे सबकी माँ हैं। उनकी शरण में जाने वाला कभी परेशान नहीं होता।
काटकुम्भ गांव से सलकनपुर के लिए निकला पदयात्रियों का जत्था


