Weather Update : सावन में हो रही उमस, धान के खेतों में पड़ी दरार, खेती पर पड़ रहा मिला-जुला असर
Weather Update: Humidity in monsoon, cracks in paddy fields, mixed effect on agriculture
▪️ लोकेश वर्मा, मलकापुर (बैतूल)
Weather Update : (बैतूल)। जिले में बादल डेरा तो रोज डाल रहे हैं, लेकिन फिर भी कई दिनों से बारिश नहीं हो रही है। इस वजह से उमस भरी गर्मी पड़ रही है। इधर फसलों पर यदि इसका असर देखें तो कहीं अच्छा असर भी देखने को मिल रहा है तो कहीं-कहीं कुछ नुकसान भी देखने को मिल रहे हैं।
मानसून की धीमी रफ्तार के बावजूद सीजन की बारिश की आधी जरूरत पूरी हो गई है। बैतूल जिले में अभी तक 25.28 इंच बारिश हो चुकी है। वहीं पिछले साल अभी तक 36.71 इंच बारिश हो चुकी थी। इस साल सबसे ज्यादा 38.2 इंच बारिश भैंसदेही में हुई है जबकि सबसे कम 13.47 इंच बारिश आठनेर में हुई है।
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इस बार वैसी बारिश नहीं हो रही है जैसी हमेशा होती रही है। आसमान पर बादल छाए हुए है परंतु बरस नहीं रहे। हल्की फुल्की रिमझिम होती है या कभी थोड़ी देर के लिए तेज बारिश हो जाती है। इस साल सावन की झड़ी अब तक नहीं लगी है। पिछले कुछ दिनों से तो बारिश हुई ही नहीं है।
जानकारों का कहना है कि मानसून पर लगे ब्रेक और बदले मौसम से फसलों पर खतरा हो सकता है। धान के खेतों में दरार पड़ने लगी है। वहीं मक्का और सोयाबीन में कीट रोग अधिक लग रहा है। फूल लगने पर आ गई फसलों में इल्लियां पत्तियों में छेद कर रही है। इससे किसान पर कीटनाशक स्प्रे का अतिरिक्त खर्च बढ़ा है। धान की फसल को पर्याप्त पानी नहीं मिलने से फसल पीली पड़ रही है और खेतों में दरारें आ चुकी हैं। इससे उत्पादन पर असर पड़ेगा।
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वहीं इसका दूसरा पहलू यह है कि मौसम के इस मिजाज से फसलों की स्थिति काफी बेहतर है। खेतों में पर्याप्त नमी बरकरार है। दो-तीन दिन की धूप मिलने से सोयाबीन अच्छी खासी ग्रोथ के साथ फूल पर आ गई है। पानी की झड़ी कम होने से सब्जियों मे फल-फूल अच्छे लग रहे हैं। उत्पादन अधिक हो रहा है, सब्जियों के रेट कम होने का कारण भी यही है। अभी तक मिर्ची में फूल नहीं लग पा रहा था, गल जा रहा था। अब मिर्ची का उत्पादन बढ़ा तो 40 रुपए पाव वाली मिर्ची 10 रुपए पांव पर आ गई है।



