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UPSC Success Story : IIT जाकर आया UPSC का ख्याल, बिना किसी कोचिंग के पहले ही प्रयास में 31वीं रैंक हासिल कर सिमी करण बनीं IAS अधिकारी

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UPSC Success Story : IIT जाकर आया UPSC का ख्याल, बिना किसी कोचिंग के पहले ही प्रयास में 31वीं रैंक हासिल कर सिमी करण बनीं IAS अधिकारीUPSC Success Story : यूपीएससी परीक्षा में सफल होने के लिए हर साल लाखों की संख्या में उम्मीदवार तैयारी करते हैं लेकिन उनमें से चंद उम्मीदवार ही परीक्षा में सफलता पाते हैं। लेकिन आज हम एक ऐसी शख्सियत के बारे में बता रहे हैं, जिसने मुंबई की झुग्गी झोपड़ियों में पढ़ाते हुए न केवल यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा (UPSC CSE 2019) पास की, बल्कि ऑल इंडिया में 31वीं रैंक हासिल कर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) की अधिकारी भी बनीं। आइए जानते है सिमी करण की प्रेरणादायक कहानी के बारे में।

सिमी करण का परिचय (UPSC Success Story)

सिमी करण मूल रूप से ओडिशा की रहने वाली हैं, लेकिन वह छत्तीसगढ़ के भिलाई में पली बढ़ी हैं। उन्होंने शुरुआत की पढ़ाई भी यहीं से की है। सिमी के पिता का नाम डीएन करन है जो भिलाई स्टील प्लांट में काम करते हैं। उनकी माता का नाम सुजाता है और वह दिल्ली पब्लिक स्कूल में पढ़ाती हैं। सिमी ने वर्ष 2013 में अपनी दसवीं बोर्ड पास की। इसके बाद वर्ष 2015 में विज्ञानं संकाय में अपनी 12वी की परीक्षा 98.4% मार्क्स लाकर राज्य में ‘प्रथम स्थान’ के साथ पूरे देश में 5वां स्थान प्राप्त किया। सिमी करन ने अपनी सारी स्कूली शिक्षा सीबीएससी बोर्ड से की है।

UPSC Success Story : IIT जाकर आया UPSC का ख्याल, बिना किसी कोचिंग के पहले ही प्रयास में 31वीं रैंक हासिल कर बनीं IAS अधिकारीसिमी करण ने सिविल सेवा में जाने का किया फैसला

सिमी करण की पहले सिविस सर्विस में जाने की कोई इच्छा नहीं थी। इसलिए उन्होंने 12वीं के बाद आईआईटी में एडमिशन के लिए एंट्रेंस एग्जाम दिया और पास हो गईं। इसके बाद उनको आईआईटी बॉम्बे में एडमिशन मिल गया और पढ़ाई करने लगीं। ओडिशा की सिमी करण आईआईटी बॉम्बे की पूर्व छात्रा रही है। अपनी बीटेक की पढ़ाई के दौरान उन्हें मुंबई की झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले बच्चों को पढ़ाने का अवसर मिला था। जब उसने इन बच्चों की हालत देखी तो उसे बहुत बुरा लगा और उसने सोचा कि उसे इन बच्चों की मदद करनी चाहिए। इसके बाद से ही सिमी करण ने सिविल सेवा में जाने का फैसला कर लिया था।

छोटे-छोटे हिस्सों में बांटा सिलेबस (UPSC Success Story)

सिमी ने सीमित पुस्तकों से पढ़ाई की। उन्होंने सिलेबस को छोटे-छोटे हिस्सों में बांट लिया जिससे वह ठीक से पढ़ाई कर सके। साल 2019 में दी यूपीएससी एग्जाम में उन्होंने सफलता प्राप्त की। सिमी ने आईआईटी की परीक्षा के खत्म होने के केवल महीने बाद ही यूपीएससी परीक्षा दी और सफलता हासिल की थी। उनका कहना है कि परीक्षा की तैयारी के लिए ज्यादा रिवीजन करना चाहिए।

UPSC Success Story : IIT जाकर आया UPSC का ख्याल, बिना किसी कोचिंग के पहले ही प्रयास में 31वीं रैंक हासिल कर बनीं IAS अधिकारी22 साल की उम्र में बन गईं आईएएस अधिकारी

सिमी करण ने बिना किसी कोचिंग के ही पहली कोशिश में यूपीएससी की परीक्षा पास कर ली। उनके ग्रेजुएशन की पढ़ाई मई 2019 में खत्म हुई और जून में यूपीएससी की परीक्षा दी। उन्होंने स्मार्ट तरीके से पढाई की और परीक्षा पास कर लिया। सिमी को यूपीएससी की सिविल सर्विसेज एग्जाम-2019 में ऑल इंडिया में 31वीं रैंक मिली। वह सिर्फ 22 साल की उम्र में ही आईएएस अधिकारी बन गईं।

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