Betul News: कमजोरी बनी ताकत और ताकत को मिला सम्मान, समाजसेवी राजेश आहूजा की जन्मदिन पर अनोखी पहल
Betul News: Weakness became strength and strength got respect, social worker Rajesh Ahuja's unique initiative on his birthday

Betul News: (बैतूल)। किसी के लिए कोई शारीरिक कमजोरी होना एक अभिशाप माना जाता रहा है। इसके विपरीत कुछ ऐसे कर्मवीर हैं, जिन्होंने अपनी इस कमजोरी (दिव्यांगता) को ही ताकत बना लिया है। इससे न सिर्फ वे अपने पैरों पर खड़े हैं, बल्कि अपने परिवार का भी पालन-पोषण कर रहे हैं। ऐसे ही दिव्यांग कर्मवीरों के सम्मान की अनोखी पहल समाजसेवी राजेश आहूजा ने दिव्यादित्य सम्मान समारोह के माध्यम से की है। दिव्यादित्य सम्मान समारोह में पूर्व सांसद हेमंत खण्डेलवाल एवं सुभाष आहूजा, आमला विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे, पूर्व नगर सुधार न्यास अध्यक्ष राजीव खंडेलवाल, प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य कांत दीक्षित, हरबंश आहूजा,अरुण किलेदार, जितेन्द्र कपूर, सदन आर्य, नवीन तातेड़, जगदीश अग्रवाल, हेमंत पगारिया के अलावा गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि, व्यापारी, अधिवक्ता, डॉक्टर एवं पत्रकारों की बड़ी संख्या में मौजूदगी रही।
दिव्यांगों के साथ खुशी बांटना प्रेरणादायक
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि जन्मदिन को इस तरह से दिव्यांग बच्चों एवं उनके परिवारों के साथ मनाना प्रेरणादायक है। उन्होंने बताया कि कई वर्षों से वे राजेश आहूजा के दिव्यांग बच्चों के लिए आयोजित पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होते रहे हैं। इन बच्चों के प्रति राजेश का स्नेह एवं लगाव बहुत है और उनकी मदद के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। बिरले लोग ही समाज के ऐसे वर्गों के लिए सोचते हैं, लेकिन राजेश एवं आहूजा परिवार की हमेशा सहयोग करने में सहभागिता रहती है।
सक्षम होने के बाद भी काम नहीं करे वह दिव्यांग
प्रसिद्ध कर सलाहकार एवं नगर सुधार न्यास के अध्यक्ष राजीव खंडेलवाल ने दिव्यादित्य सम्मान समारोह की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए कहा कि समाज उन्हें दिव्यांग मानता है जो शारीरिक अक्षमता के कारण काम नहीं कर पाने को मजबूर होता है। लेकिन, मेरी नजर में वह दिव्यांग है जो सक्षम होने के बाद भी किसी के काम नहीं आते हो। बेईमान आदमी बेईमान नहीं है, लेकिन एक ईमानदार आदमी बेईमान है, क्योंकि वह ईमानदारी के महत्व को जानते हुए भी बेईमानी करता है।
आहूजा परिवार ने लालच में किया दिव्यांगों का सम्मान
दिव्यादित्य सम्मान समारोह में प्रबुद्ध लोगों की बड़ी संख्या में मौजूदगी एवं दिव्यांगजनोंं से मिले अपनत्व के भाव से बेहद भावुक हुए समाजसेवी राजेश आहूजा ने कहा कि उनकी जिंदगी के ये बड़े ही अच्छे क्षण होते हैं जब वे इन बच्चों के साथ अपना समय गुजारते हैं। परिजन और परिवार मुझे यह सब करने की प्रेरणा देता है। इस आयोजन का सच यह है कि हमने इन प्रतिभाओं का सम्मान नहीं किया है बल्कि इन्होंने हमें अवसर देकर हमारा सम्मान किया है। उन्होंने कहा कि आहूजा परिवार को इन दिव्यांगों का आशीर्वाद हमेशा मिले, इस लालच में आकर यह आयोजन किया है। श्री आहूजा ने कहा कि हम अपना जीवन उनके साथ जिए जिन्हें भगवान ने कुछ कम दिया है, जिन्हें कुछ तकलीफ दी है और जो हमारे अच्छे के लिए दुआ करते हैं।
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अद्भुत एवं चीर स्मरणीय आयोजन
प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य एवं शिक्षाविद् कांत दीक्षित ने कहा कि हम सबके लिए आज गौरव का दिन है कि दिव्यांगजनों के सम्मान समारोह के साक्षी बने हैं। यह आयोजन अद्भुत एवं चीर स्मरणीय है।
समारोह में इनका हुआ सम्मान
दिव्यादित्य सम्मान समारोह में आहूजा परिवार के मुखिया हरबंश आहूजा, कैलाश रानी आहूजा के अलावा अतिथियों ने विशेष उपलब्धियों लिए दिव्यांगजनों का शाल, श्रीफल और उपहार के साथ दिव्यादित्य सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में आमला के सेवानिवृत्त प्राध्यापक डॉ. देवराव वागद्रे का सम्मान किया गया। पांच वर्ष की उम्र में चेचक की वजह से आंखों की रोशनी खो देने के बाद भी उन्होंने कठिन परिस्थितियों में शिक्षा प्राप्त कर प्राध्यापक बनकर पीएचडी प्राप्त की। उन्होंने पत्नी को आयुर्वेद रत्न बनाया तो पुत्र और पुत्री को डॉक्टर बनाकर मिसाल पेश की।
सिलाई-बुनाई कर परिवार का पालन पोषण करने वाली ललिता शिवकुमार प्रजापति का सम्मान किया गया। ललिता एवं उनके पति शिवकुमार दिव्यांग है। मूक बधिर ममता मालवी का सम्मान किया गया। ममता का विवाह समाजसेवी राजेश आहूजा ने कराया था। समारोह में दो अन्य दिव्यांगों को भी समानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन अतुल पगारिया ने किया। समारोह के समापन पर दिव्यांगजनों के साथ अतिथियों एवं गणमान्य नागरिकों ने भोजन किया। इस दौरान दिव्यांगजनों के साथ इशारों में बातचीत का सिलसिला चलते रहा।
सक्षम होने के बाद भी काम नहीं करे वह दिव्यांग
समारोह में इनका हुआ सम्मान


