IAS Success Story: यूपीएससी के इंटरव्यू में किया टॉप, पूरे देश में 11वीं रैंक हासिल कर विश्वांजलि बनीं आईएएस अफसर
IAS Success Story, IAS Vishwanjali Gaikwad Success Story, ias success story in english, ias success story in hindi, IAS Success Story Vishwanjali Gaikwad, IAS Vishwanjali Gaikwad, inspirational ias officers, success story, Upsc ias success story, upsc success story, ias success stories in first attempt, ias success stories of below average students, ias success stories of poor students, IAS Success Story Vishwanjali Gaikwad, struggle story of ias officer, inspirational ias officers, ias success stories of below average students, upsc struggle story quora, collect any 3 inspirational stories of ias an officer, upsc success story quora, upsc success stories of working professionals, upsc success stories in kannada

IAS Success Story : आज की यह कहानी महाराष्ट्र की विश्वांजलि गायकवाड़ की जिन्होंने वर्ष 2016 में यूपीएससी सीएसई परीक्षा पास करके 11वीं रैंक के साथ पूरे देश में अव्वल स्थान प्राप्त किया था। इस साल विश्वांजलि साक्षात्कार में सबसे बढ़िया अंक लाने वाले कैंडिडेट्स में से एक रही थीं।
उनके 275 में 206 अंक आए थे। चूंकि मेरिट मेन्स और साक्षात्कार दोनों के अंकों के आधार पर बनती है, इसलिए इन अंकों ने विश्वांजलि को बढ़िया रैंक तक पहुंचने में बहुत मदद की। दिल्ली नॉलेज ट्रैक को दिए इंटरव्यू में विश्वांजलि ने पर्सनेलिटी टेस्ट में बढ़िया प्रदर्शन किया था। तो आइए जानते हैं उनकी सक्सेस स्टोरी (Success Story) के बारे में….

डैफ को करें अच्छे से तैयार
इस बारे में बात करते हुए विश्वांजलि कहती हैं कि डैफ यानी डीटेल्ड एप्लीकेशन फॉर्म को बहुत अच्छी तरह तैयार करें। इसमें लिखा एक-एक शब्द बहुत महत्वपूर्ण है। इसलिए फॉर्म भरते समय और साक्षात्कार की तैयारी करते समय आपको उसमें लिखी हर बात पता होनी चाहिए। आपके नाम से लेकर आपके क्षेत्र के बारे में, आपकी हॉबीज और वह सब कुछ जो आपने डैफ में अपने बारे में लिखा है, ठीक से तैयार करके ही साक्षात्कार देने जाएं।

ग्रेजुएशन के बारे में रखें पूरी जानकारी
विश्वांजलि कहती हैं कि साक्षात्कार के समय आपके ग्रेजुएशन से भी बहुत प्रश्न बनते हैं। इसलिए जरूरी है कि आपने जिस भी विषय से स्नातक किया हो, उसके बारे में ठीक से पढ़कर या रिवाइज करके जाएं। वे यह भी देखते हैं कि आपने केवल करने के लिए ग्रेजुएशन कर लिया है या आपको उसकी सही से जानकारी भी है यानी आप अपनी पढ़ाई को लेकर कितना गंभीर थे।
आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए
विश्वांजलि आगे बताती हैं कि जब आपसे कोई प्रश्न पूछा जाए तो आतुर होकर उसका जवाब देने के बजाय बैलेंस्ड वे में आंसर करें ताकि मुंह से ऐसा कोई शब्द या फेज न निकल जाए जिसके बार में आगे बात बढ़ाने पर आपके पास कोई जवाब ही न हो। याद रखें कि जब आप कोई उत्तर देते हैं तो वह बात वहीं खत्म नहीं हो जाती बल्कि आपके उत्तर से और प्रश्न बनते हैं। इसलिए ऐसी कोई बात न छेड़ें जिसका जवाब आपके पास ही न हो। ऐसा प्रैक्टिस से आएगा। इसलिए कुछ मॉक इंटरव्यू जरूर दें। लेकिन, बहुत मॉक टेस्ट न दें क्योंकि इससे आपकी ओरिजनेलिटी खत्म हो जाएगी और आप दूसरों के फीडबैक के अनुसार व्यवहार करने लगेंगे।
विश्वांजलि का कहना है कि…
अंत में विश्वांजलि यही कहती हैं कि सबसे जरूरी बात है कि अपने अंदर की सच्चाई ही प्रस्तुत करें और सहज रहें। आप जो हैं, जैसे हैं वैसे ही खुद को प्रेजेंट करें। किसी प्रकार का झूठा इंप्रेशन बनाने की कोशिश न करें। ऐसे में पकड़े जाएंगे और कोई लाभ नहीं होगा। मानकर चलिए कि अगर आपने तैयारी ठीक से की है तो 70 से 80 प्रतिशत प्रश्न आपको आते होंगे लेकिन नहीं भी आएं तो परेशान न हों। शुरू से लेकर अंत तक शांत रहें और धैर्य बनाए रखें। कभी भी आवाज ऊंची न होने पाए और न ही बॉडी लैंग्वेज असंतुलित हो। नौकरी पाने की लालसा भी न दिखाएं बल्कि ये साबित करने का प्रयास करें कि आप इस नौकरी के काबिल हैं। ईमानदारी और सहजता बनाए रखने से इंटरव्यू में अच्छे अंक पाए जा सकते हैं।



