Suraj Tiwari Success Story: ट्रेन हादसे में खो दिए दोनों पैर और एक हाथ, उसके बावजुद नहीं मान हार और UPSC में पूरे देश में किया टॉप
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Suraj Tiwari Success Story: UPSC के परिणामों की घोषणा के बाद कई उम्मीदवारों की कहानियां सुनी होगी। लेकिन सूरज तिवारी की कहानी बहुत ही अनोखी और प्रेरणाप्रद है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने मंगलवार, 23 मई को सिविल सर्विस परीक्षा 2022 के परिणामों की घोषणा की। इस बार 933 ऐस्पिरेंट ने ये एग्जाम क्रैक करने में कामयाबी हासिल की है। इनमें से कई उम्मीदवारों के संघर्ष की कहानियां चर्चा में हैं। लेकिन मैनपुरी के सूरज तिवारी की मिसाल मिलना मुश्किल है। UPSC 2022 की परीक्षा में भले उनकी रैंक 917 आई है, लेकिन जिस हालत और हालात में उन्होंने पढ़ाई कर ये मुकाम हासिल किया है वो अपनेआप में अविश्वसनीय है।
बेटे की सफलता से खुश सूरज के पिता राजेश तिवारी ने बताया, “घटना के बाद भी उसका मन कभी छोटा नहीं हुआ। वह हमेशा कहता था कि आप लोग घबराए मत। वहीं, सूरज की मां ने बेटे की सफलता को लेकर कहा, “उसके हौसले बुलंद थे, घटना के बाद भी उसने कभी हिम्मत नहीं हारी बल्कि उसने हमें भी हौसला दिलाया कि आप चिंता मत कीजिए मैं बहुत पैसा कमाऊंगा।” छह महीने बाद, हालांकि, वह एक मजबूत संकल्प के साथ जेएनयू में वापस आए और खुद को रूसी भाषा में बीए के लिए नामांकित किया। 2020 में, उन्होंने उसी विषय में मास्टर के लिए दाखिला लिया और कोविड के दौरान यूपीएससी परीक्षा का प्रयास करना शुरू कर दिया। अपने पहले प्रयास में, उन्होंने लिखित परीक्षा पास की, लेकिन इंटरव्यू में कुछ अंकों से पीछे रह गए। अब उन्हें दूसरे प्रयास में सफलता मिली।

तिवारी ने कहा कि दृढ़ता ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन 15-16 घंटे अध्ययन करने के बजाय प्रतिदिन कुछ घंटे एकाग्र मन से अध्ययन करने से सफलता मिल सकती है। तिवारी के लिए यूपीएससी पास करना कितनी बड़ी बात थी? पिछले वर्ष असफल होने से पहले, उन्होंने 2014 में अपनी कक्षा 12 की परीक्षा बड़ी मुश्किल से पास की थी।

पहली ही बार में क्रैक किया UPSC एग्जाम
मैनपुरी के मोहल्ला घरनाजपुर निवासी सूरज तिवारी ने पहले प्रयास में यूपीएससी परीक्षा में सफलता पाई है। उनके पिता राजेश तिवारी पेशे से टेलर हैं। कपड़ों की सिलाई कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं।
राजेश तिवारी के तीन बेटे और एक बेटी थी। बड़े बेटे राहुल तिवारी का निधन हो चुका है, जबकि छोटा बेटा राघव तिवारी बीएससी और और बेटी प्रिया बीटीसी कर रही है।

सूरज के हौसले को अखिलेश का सलाम
सूरज की सफलता की कहानी रिजल्ट जारी होने के बाद देशभर में चर्चा का विषय बनी हुई है। सूरज को बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी सूरज के हौसले को सलाम करते उन्हें बधाई दी।
मैनपुरी के सूरज तिवारी ने यूपीएससी परीक्षा में अपने दूसरे प्रयास में 917वीं रैंक हासिल की है। उनका कहना है कि कड़ी लगन सफलता की कुंजी है।



