Balatkari Ko Fansi : नाबालिग से बलात्कार और हत्या के आरोपी को सजा-ए-मौत, न्यायालय का ऐतिहासिक फैसला
Balatkari Ko Fansi : Death sentence to the accused of rape and murder of a minor, historic decision of the court

▪️ मंगेश यादव, इटारसी
Balatkari Ko Fansi : मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के बीजादेही थाना क्षेत्र के ग्राम डाबरी निवासी आरोपी युवक को मृत्यु दंड की सजा सुनाई गई है। द्वितीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश इटारसी (जिला नर्मदापुरम) ने यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया। आरोपी ने अपनी ससुराल गया था। वहां उसने अपनी एक नाबालिग रिश्तेदार युवती का अपहरण कर जंगल ले जाकर उसके साथ बलात्कार किया। इसके बाद पीड़िता ने जब सभी को इसकी जानकारी देने की बात कही तो उसकी हत्या कर दी। न्यायालय ने मात्र 21 दिनों की विचारण अवधि में यह फैसला सुनाया है।
जिला अभियोजन अधिकारी राजकुमार नेमा ने प्रकरण की जानकारी देते हुए बताया कि द्वितीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश इटारसी सुश्री सविता जड़िया द्वारा आरोपी राहुल पिता गुण्डल लाल कवडे, उम्र- 22 वर्ष, निवासी डाबरी थाना बीजादेही जिला बैतूल को यह सजा सुनाई गई है। उसे धारा 376 एबी में मृत्यु दण्ड एवं 5000 रूपये जुर्माना, 376 (2) बी में आजीवन कारावास एवं 5000 जुर्माना, 302 भादंवि में मृत्यु दंड एवं 5000 रुपये जुर्माना, 363 भादंवि में 03 वर्ष का कारावास एवं 1000 रूपये जुर्माना, 5 एम/6 में मृत्यु दंड एवं 5000 रूपये जुर्माना, 5 एन/6 में मृत्युदंड एवं 5000 रुपये जुर्माने की सजा से दण्डित किया गया है।
फरियादी द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि उसके दोनों बच्चे गांव में ही स्कूल जाते हैं। 17 नवंबर 2022 को रात में उसका रिश्तेदार राहुल कवड़े मोटर साइकिल से उसके घर मेहमानी के लिये आया था, जो घर पर ही था। घटना दिनांक 18 नवंबर 2022 को फरियादी एवं उसकी पत्नी दोनों सुबह 8 बजे मजदूरी करने रैसलपाठा गये थे। उसका छोटा भाई मजदूरी करने सुबह 6 बजे इटारसी गया था। उसके पिताजी रात में ही खेत जागल गये थे जो घर वापस नहीं आये थे। घर पर उसकी मां तथा उसके दोनों बच्चे एवं राहुल था।
घर पहुंचने पर उसकी मां ने बताया कि आज सुबह 10-11 बजे पीड़िता को राहुल लेकर गया था जो करीब दोपहर 12 बजे घर आया, जबकि पीड़िता नहीं आई। राहुल ने बताया कि उसने पीड़िता को दुर्गेश की दुकान के पीछे छोड़ दिया था और दारू भट्टी सुखतवा गया था। फरियादी को ऐसा लगा कि उसकी लड़की को कोई बहला फुसलाकर भगाकर ले गया है। पीड़िता को उसने तथा राहुल एवं गांव के लोगो ने गांव में तथा आस-पास के गांव में एवं जंगल, नदी, नालों में तथा रिश्तेदारी में सभी जगह तलाश किया परंतु उसका कोई पता नहीं चला।

फरियादी के कथनों के आधार पर राहुल के विरूद्ध धारा 363, 302 भादंवि के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान अभियुक्त को 19 नवंबर 2022 को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त से पूछताछ के दौरान उसने बताया कि वह पीड़िता को अपनी मोटर साइकिल पर बैठाकर जंगल में ले गया था। वहां उसके साथ बलात्कार किया। पीड़िता द्वारा सारी बातें अपने घर पर बताने का कहने पर अभियुक्त ने मौके पर ही गला दबाकर हत्या कर दी एवं जंगल में ही छोड़ दिया।
विवेचना अधिकारी गौरव बुंदेला द्वारा अभियुक्त के विरूद्ध धारा 363, 376 (2) एफ, 376 (एबी), 302 भादंवि एवं 5/6 (एम) (एन) पाक्सो एक्ट के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया। विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया। संचाक अन्वेष मंगलम के मार्गदर्शन में अभियोजन द्वारा 34 साक्षियों का परीक्षण कराकर 122 दस्तावेजों को प्रमाणित को कराया। मात्र 21 दिवस की कुल विचारण अवधि में प्रकरण का त्वरित निराकरण करवाया गया।
शासन की ओर जिला अभियोजन अधिकारी श्री नेमा एवं पैरवीकर्ता अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी एचएस यादव ने अंतिम तर्क पेश किये। पैरवी के दौरान सहायक जिला अभियोजन अधिकारी रविन्द्र अतुलकर, मनोज जाट द्वारा अभियोजन को सहयोग किया गया। अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्षियों, दस्तावेजों एवं अंतिम तर्क से सहमति होते हुये अभियुक्त को दण्डित किया गया। न्यायालय द्वारा आरोपी को सख्त सजा दिए जाने के साथ ही मृतिका के माता-पिता को प्रतिकर राशि 5-5 लाख रुपये दिलाये जाने का आदेश भी किया गया।



