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Betul Bijli Vibhag : लाइनमेन का फरमान- बिजली चालू करना है तो ट्रांसफार्मर का ऑयल बदलने जमा करों चंदा

Betul Bijli Vibhag: Lineman's order - If you want to turn on the electricity, then deposit donations to change the oil of the transformer.

Betul Bijli Vibhag : ट्यूबवेल में भरपूर पानी के बावजूद मोटर नहीं डाल रहा पीएचई विभाग, पानी की भी परेशानी

Betul Bijli Vibhag : लाइनमेन का फरमान- बिजली चालू करना है तो ट्रांसफार्मर का ऑयल बदलने जमा करों चंदा

▪️ मनोहर अग्रवाल, खेड़ी सांवलीगढ़

Betul Bijli Vibhag : कायदे से तो बिल अदा करने के बाद बिजली की सुचारू आपूर्ति के लिए उपभोक्ताओं की कोई जवाबदारी नहीं बनती है। बिजली के उपकरणों और लाइन के रखरखाव और सुधार की पूरी जिम्मेदारी बिजली कंपनी की होती है। इसके बावजूद ग्रामीण अंचलों में अभी भी ट्रांसफार्मर खराब होने पर उसे बदलने के नाम पर मैदानी कर्मचारी ग्रामीणों से वसूली कर डालते हैं।

ऐसा ही एक मामला बैतूल के खेड़ी सांवलीगढ़ क्षेत्र में स्थित ग्राम पंचायत सराड़ के कनारा डोमाढाना गांव में सामने आया है। इस गांव के आदिवासी बीते एक पखवाड़े से बिजली और पानी जैसी मूलभूत जरुरतों के लिए तरस रहे हैं और कई समस्याओं का सामना कर रहे हैं। वे अपनी फरियाद ग्राम पंचायत सरपंच से लेकर सभी को सुना चुके हैं। इसके बावजूद समस्या का हल नहीं निकला और ग्रामीण परेशान हैं।

ग्राम की महिलाओं मालती इवने, सुमन धुर्वे, ललिता इवने, कमला उइके, सागवती धुर्वे ने बताया कि गांव में बिजली बंद है। लाइनमेन को बताया जाता है तो उनका कहना है कि प्रत्येक घर से 100 रुपये जमा करों, ट्रांसफार्मर का ऑयल बदलना है। ऑयल बदलने पर ही बिजली चालू होगी। ग्रामीणों का कहना है कि वे जैसे-तैसे मेहनत-मजदूरी कर घर चला रहे हैं। ऐसे में ऑयल के लिए पैसे दे पाना संभव नहीं है। बिजली नहीं होने से सभी को परेशान होना पड़ रहा है।

Betul Bijli Vibhag : लाइनमेन का फरमान- बिजली चालू करना है तो ट्रांसफार्मर का ऑयल बदलने जमा करों चंदा

पीएचई की हठधर्मिता से जलसंकट

वहीं दूसरी ओर ग्रामीण पीएचई विभाग की हठधर्मिता से भी परेशान होने को मजबूर हैं। पीएचई विभाग के अधिकारी ट्यूबवेल में पर्याप्त पानी होने के बावजूद महीने भर से चुप्पी साधे बैठे हैं। हैंडपम्प भी बिगड़े हाल में पड़ा है। इस गांव में हैंडपम्प मैकेनिक भी नहीं आ रहे हैं। सरकार भले ही घर-घर नल लगाने की बात कह रही है। लेकिन, कनारा गांव में सब इसके विपरीत कार्य हो रहा है।

विकास यात्रा के बाद भी बदहाली

विकास यात्रा भी इस गांव में आकर चली गई, लेकिन इस गांव के हालात नहीं बदले। इस गांव के हालात बद से बदतर हो रहे हैं। ग्रामीण बूँद-बूँद पानी को तरस रहे हैं। बिजली बंद होने से गांव में अंधियारा छाया रहता है। लोग दूर-दूर से पीने का पानी जुटाने में लगे हैं। ग्रामवासियो ने कलेक्टर अमनबीर सिंह बैंस से उचित कार्यवाही की मांग की है, ताकि उन्हें बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधा मुहैया हो सके।

उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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