Gram chaupal : कलेक्टर ने बच्चों से जाने पढ़ाई के हाल चाल, चौपाल में सुनी समस्याएं, दिए निराकरण के निर्देश
Betul News : पांढरा में टेंट लगा रह गया, ग्रामीण इंतजार करते रह गए, ग्राम चौपाल में नहीं पहुंचे अधिकारी

• प्रकाश सराठे, रानीपुर
Betul News : बैतूल कलेक्टर अमनबीर सिंह बैंस ने बुधवार को जिले के घोड़ाडोंगरी विकासखंड के ग्राम जांगड़ा में ग्राम चौपाल आयोजित कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनी। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को समय सीमा में ग्रामीणों के आवेदनों का निराकरण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ग्राम की प्राथमिक शाला में भी निरीक्षण करने पहुंचे। यहां उन्होंने स्कूली बच्चों से उनकी पढ़ाई एवं अन्य शैक्षणिक व्यवस्थाओं पर चर्चा की एवं स्कूल की अन्य व्यवस्थाएं भी देखीं।

कलेक्टर श्री बैंस ग्राम चौपाल में ग्रामीणों के बीच नीचे बैठे और ग्रामीणों से चर्चा की। उनकी समस्याओं को पूछा, शासन की योजनाओं की जानकारी ली। ग्राम की सरपंच झुकमा दलपसिंह तुमराम, अनिल धुर्वे एवं अन्य ग्रामीणों द्वारा ग्राम में ट्रांसफार्मर खराब होने की जानकारी कलेक्टर श्री बैंस को दी गई। इस पर कलेक्टर द्वारा 3 दिन के अंदर ट्रांसफार्मर बदलने का आश्वासन दिया गया। वहीं उन्होंने बताया कि ग्राम में नलकूप खनन हो चुका है और एक माह के भीतर नल जल योजना भी प्रारंभ कर दी जाएगी।
तहसीलदार अशोक डेहरिया ने 15 दिन के अंदर अतिक्रमण हटाने का कार्य करने की बात कही। कलेक्टर अमनबीर सिंह बैंस का अपने बीच बैठकर चर्चा करना ग्रामीणों को इतना भाया कि लोग उनके गांव से चले जाने के बाद भी उन्हीं के बारे में चर्चा करते रहे। ग्राम यह चर्चा भी करते रहे कि महाशिवरात्रि पर लगने वाला भोपाली मेला स्थल के करीब होने के कारण इस गांव में चौपाल का आयोजन किया गया है।
पांढरा में टेंट लगा रह गया, ग्रामीण इंतजार करते रह गए, ग्राम चौपाल में नहीं पहुंचे अधिकारी

• आशीष अग्रवाल, घोड़ाडोंगरी
जनपद पंचायत घोड़ाडोंगरी ग्राम पंचायत पांढरा में 8 फरवरी को ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया था। जिसके लिए बकायदा टेंट लगाया गया था। ग्रामीण अपने गांव की समस्याओं को लेकर चौपाल में बैठे हुए थे, लेकिन घंटों इंतजार करने के बाद भी अधिकारी यहां नहीं पहुंचे।
बताया जाता है कि अधिकारी मुख्य सड़क से निकल गए, लेकिन पांढरा में आयोजित ग्राम चौपाल में नहीं गए। ऐसे में ग्रामीणों को निराश घर लौटना पड़ा। ग्रामीणों ने बताया कि हमारे गांव में जो समस्याएं हैं उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। 8 फरवरी को ग्रामीणों की समस्याओं के निराकरण के लिए ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया था, लेकिन अधिकारियों के नहीं पहुंचने से लोगों में बड़ी निराशा है। वे हताशा का अनुभव कर रहे हैं।
इस बारे में जनपद सीईओ घोड़ाडोंगरी सुरेश कुमार इन्दोरकर का कहना है कि समय की कमी के कारण पांढरा में ग्राम चौपाल में नहीं पहुंच पाए।



