Borewell Latest Update: प्रशासन ने दिए असफल बोर की जांच के आदेश, खुले मिलने पर की जाएगी सख्त कार्रवाई, तन्मय के परिजनों को आर्थिक सहायता

Borewell Latest Update: एक लापरवाही के चलते हंसता-खेलता मासूम तन्मय अब इस दुनिया में नहीं रहा। उसका परिवार गहन शोक में डूबा है। तन्मय से जुड़ी उनकी सारें उम्मीदें अब कभी पूरी नहीं हो सकेंगी। इस हादसे के बाद शासन-प्रशासन द्वारा खुले पड़े बोरों की एक बार फिर सुध ली जा रही है, लेकिन सवाल यह है कि यह चिंता आखिर कब तक बनी रहेगी। पहले भी ऐसे हादसे हुए हैं और हर हादसे के बाद खुले बोरों की कुछ दिनों तक चिंता की जाती है। उसके बाद सब भूल जाते हैं। इस बार लोग चाहते हैं कि ऐसा हर्गिज न हो। (Borewell Latest Update)
इस घटना के बाद बैतूल कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी अमनबीर सिंह बैंस ने जिले में असफल ट्यूबवेल बोर की जांच करने के आदेश अनुविभागीय दण्डाधिकारी-बैतूल, मुलताई, भैंसदेही एवं शाहपुर को दिए हैं। जारी आदेश में कलेक्टर श्री बैंस ने कहा है कि संबंधित अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों द्वारा उनके अनुविभाग के अंतर्गत संबंधित क्षेत्र के तहसीलदार/नायब तहसीलदार, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, सहायक पशु चिकित्सा विस्तार अधिकारी, राजस्व निरीक्षक एवं पटवारी तथा संबंधित क्षेत्र के पंचायत सचिव/ग्राम रोजगार सहायक का दल गठित कर असफल ट्यूबवेल बोर की एक सप्ताह के भीतर जांच करवाई जाएगी।
जांच में यदि किसी स्थान पर असफल ट्यूबवेल बोर खुला हुआ पाया जाता है तो संबंधित के विरूद्ध नियमानुसार कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इधर आदेश जारी होने के बाद लोगों का कहना है कि वास्तव में एक-एक ऐसे खुले पड़े बोर की जांच-पड़ताल कर उनके मालिकों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाना चाहिए। इसके अलावा इस बात पर लगातार नजर भी रखी जानी चाहिए कि कोई नया होने वाला बोर भी खुला न रह जाए। इसके लिए जिम्मेदार विभागों द्वारा अपनी भूमिका का ईमानदारी से निर्वहन किया जाएं।
पहले से है यह प्रावधान
ऐसा नहीं है कि इसके लिए प्रावधान नहीं है। स्वयं सुप्रीम कोर्ट ने 12 साल पहले इसे लेकर गाइड लाइन जारी की है। इसमें साफ कहा गया है कि सरपंच और कृषि विभाग के अफसरों को इनकी मॉनीटरिंग कर खुले बोर बंद कराएं। कलेक्टर और पंचायत को लिखित सूचना के बाद बोर खोदे जाएं। बोर खुदाई वाले स्थानों पर साइन बोर्ड लगाए जाएं, तार फेंसिंग की जाएं। बोर के मुहाने पर स्टील की प्लेट वेल्ड की जाएं या नट बोल्ट से कसा जाएं। सूखा बोर खुला न छोड़ा जाएं, उसे स्थाई रूप से बंद किया जाएं।
नहीं देते जिम्मेदार ध्यान
गाइड लाइन होने के बावजूद खुले बोरों का मौजूद रहना और आए दिन ऐसी घटनाएं होते रहने से साफ है कि जिन विभागों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है, वे इस जिम्मेदारी का निर्वहन करने में जरा भी रूचि नहीं लेते। यही कारण है कि अब यह मांग भी उठ रही है कि ऐसी घटना होने पर बोरवेल मालिक के साथ ही संबंधित विभाग के जिम्मेदार अफसरों पर भी कार्रवाई की जाएं।

बंद करने की शर्त पर अनुमति : सलूजा
इस संबंध में कुछ नए सुझाव भी आए हैं। बैतूल के युवा भाजपा नेता और समाजसेवी दीपक (दीपू) सलूजा ने सुझाव दिया है कि इस घटना से सबक लेते हुए बोरवेल करने वाले ऑपरेटर को सूखा बोर निकलने पर उसे बोर का गड्ढा बंद करने की शर्त पर ही खनन की अनुमति दी जाएं। अन्यथा उस पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कराया जाएं और साथ ही पटवारियों द्वारा सर्वे किया जाएं कि और कितने खेत ऐसे हैं जहां सूखे बोर के गड्ढे हैं। उन्होंने यह सुझाव मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को भी ट्विट किया है।
परिजन को सौंपा सहायता राशि का चेक
बैतूल जिले के मांडवी में बोरवेल में गिरने से मृत तन्मय के परिजन को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा स्वीकृत चार लाख की सहायता राशि का चेक एसडीएम भैंसदेही रीता डेहरिया एवं तहसीलदार आठनेर लवीना घाघरे द्वारा सौंपा गया। तन्मय की अंत्येष्टि हेतु अंत्येष्टि सहायता राशि के रूप में जिला प्रशासन की ओर से 15 हजार एवं संबल योजनांतर्गत 5 हजार, कुल 20 हजार रुपए की सहायता राशि उनके परिवारजनों को शनिवार को पूर्वान्ह में ही प्रदान कर दी गई थी।



