ITR Bharne ke Fayde: कम कमाई वालों को भी भरना चाहिए इनकम टैक्स रिटर्न, मिलेंगे ढ़ेरों फायदे, जाने पूरी प्रक्रिया

ITR Bharne ke Fayde: यदि आपकी कमाई इनकम टैक्स के दायरे में नहीं आती है और आप अब तक इनकम टैक्स रिटर्न नहीं भर रहे हैं तो यह आपके लिए नुकसानदेह हो सकता है। ऐसा करने पर आप कई फायदों से चूक जाएंगे। आज हम आपको बताएंगे कि आइटीआर भरने से आपको कितने फायदे हो सकते हैं यदि आपकी आमदनी इनकम टैक्स के दायरे में नहीं आती है फिर भी आप आईडिया भर सकते हैं और इसके लिए आपको बहुत परेशान होने की जरूरत ही नहीं है आइए जानते हैं किस तरह आप आइटीआर भर सकते हैं और आपको क्या फायदे मिलेंगे।
आसानी से मिल जाता है लोन | ITR Bharne ke Fayde
यदि आप कोई लोन ले रहे हैं और आप आइटीआर नहीं भरते हैं तो कई बार आपको काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। बैंकों द्वारा आईटीआर भरने वाले लोगों को प्राथमिकता से लोन उपलब्ध कराया जाता है। आमतौर पर बैंक अपने ग्राहकों से तीन आईटीआर की मांग करते, इसलिए आप अगर किसी भी प्रकार का लोन लेना चाहते हैं तो आपको आईटीआर जरूर करना चाहिए। इससे आपको लोन आसानी से मिलनेे में आसानी होगी।

ब्याज पर भी मिलेगा रिफंड | ITR Bharne ke Fayde
यदि आप आईटीआर फाइल (itr filing) कर रहे हैं तो आप टर्म डिपॉजिट जैसी बचत योजनाओं पर मिलने वाले ब्याज पर लगने वाले टैक्स को कम कर सकते हैं। आप डिविडेंड इनकम पर भी टैक्स बचा सकते हैं। इसके साथ ही आइटीआर रिफंड के जरिए आप टैक्स का क्लेम कर सकते हैं। यदि कुल इनकम कई स्त्रोत की कमाई से ढाई लाख से ज्यादा की होती है तो कटा हुआ टीडीएस आप दोबारा क्लेम कर सकते हैं।
एड्रेस और इनकम प्रूफ के तौर पर भी उपयोग
आइटीआर भरने वाले इस बात को बहुत अच्छे तरीके से जानते हैं कि यह डॉक्यूमेंट कितने काम का है। हम आपको बता दें कि इनकम टैक्स एसेसमेंट ऑर्डर को वैध एड्रेस प्रूफ के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा इसका इस्तेमाल आधार कार्ड बनवाने में किया जा सकता है। कंपनी में काम कर रहे हैं तो कर्मचारियों को form16 जारी किया जाता है जो उनका इनकम प्रूफ होता है। खुद का काम करने वाले के लिए भी आइटीआर फाइलिंग डॉक्यूमेंट एक वैध इनकम प्रूफ की तरह ही काम करता है।

घाटे का क्लेम भी कर सकते
यदि टैक्सपेयर किसी भी तरह के घाटे का क्लेम करना चाहता है तो उसे तय तारीख के अंदर इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करना सबसे जरूरी होता है। वह यह घाटा कैपिटल गैंस बिजनेस या फिर प्रोफेशनल रूप में है तो व्यक्ति संबंधित एसेसमेंट ईयर में आईटीआर फाइल करते हैं। इनकम टैक्स के नियम उन्हीं लोगों को कैपिटल गैंस के खिलाफ घाटे को कैरी फॉरवर्ड करने की इजाजत देते है।

विजा प्रोसेसिंग में भी आएगा काम
यदि आप विदेश यात्रा करना जा रहे हैं तो ये जान लें कि कई देश आईटीआर की डिमांड करते है। इससे पता चलता है कि व्यक्ति टैक्स भरने वाला सिटीजन है या नहीं। इससे विजा प्रोसेसिंग अधिकारियों का आपकी मौजूदा वित्तीय स्थिति और इनकम के बारे में सारी जानकारी मिल जाती है और आपको वीजा मिलने में बहुत आसानी होती है।



