MP Court Decision : शादी कर लेने से बलात्कार माफ नहीं, बैतूल न्यायालय ने सुनाई आरोपी को दस साल के कठोर कारावास की सजा

MP Court Decision : एक 16 वर्षीय अवयस्क बालिका का व्यपहरण कर उसके साथ बार-बार बलात्कार करने वाले आरोपी को न्यायालय ने 10 वर्ष के कठोर कारावास एवं कुल 6000 रूपये के जुर्माने से दंडित किया है। अनन्य विशेष न्यायालय, (पॉक्सो एक्ट) बैतूल ने यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। प्रकरण में आरोपी विशाल पिता युवराज पटीले उम्र 23 वर्ष, निवासी चिचकुम, पोष्ट घाटलाड़की, जिला अमरावती (महाराष्ट्र) को सजा सुनाई गई है।
प्रकरण में शासन की ओर से जिला अभियोजन अधिकारी/विशेष लोक अभियोजक एसपी वर्मा एवं वरिष्ठ सहायक जिला अभियोजन अधिकारी/विषेष लोक अभियोजक ओमप्रकाश सूर्यवंशी द्वारा पैरवी कार्य किया गया। अभियोजन का मामला संक्षेप में इस प्रकार है कि पीड़िता के पिता ने 23 फरवरी 2018 को पुलिस थाना गंज बैतूल में रिपोर्ट दर्ज करायी कि उसकी पुत्री (पीड़िता) कक्षा 11वी में पढ़ती है। जिसकी उम्र 16 वर्ष है। वह कल शाम 6 बजे घर से ट्यूशन जाने का कहकर उसकी सहेली के साथ गई थी। देर रात तक वह घर वापस नहीं आयी तो आसपास पता किया। पीड़िता नहीं मिली तो उसकी सहेली से पूछा।
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तब उसने बताया कि पीड़िता विशाल पटीले के साथ घर जाने का कहकर चली गयी थी। विशाल पटीले पीड़िता को बहला फुसला कर ले गया है। पीड़िता के पिता की रिपोर्ट पर थाना गंज बैतूल में गुम इंसान कायम कर आरोपी के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीबद्ध कर विवेचना की गई। विवेचना के दौरान 09 मई 2019 को पीड़िता को दस्तयाब किया गया। उसके धारा 164 व पुलिस कथन लेखबद्ध किये गये। जिसमें उसने बताया कि आरोपी विशाल पटीले ने बहला फुसलाकर शादी करने का लालच देकर पीड़िता के साथ जबरदस्ती बलात्कार किया।

अनुसंधान पूर्णकर विवेचना उपरांत अभियोग पत्र अनन्य विशेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) बैतूल के समक्ष विचारण हेतु प्रस्तुत किया गया। विचारण में अभियोजन ने अपना मामला युक्तियुक्त संदेह से प्रमाणित किया। जिसके आधार पर माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी को दंडित किया गया।

प्रकरण के विचारण के दौरान अभियुक्त ने पीड़िता से विवाह कर लिया था
प्रकरण के विचारण के दौरान पीड़िता 18 वर्ष की हो गई थी। उसके उपरांत आरोपी ने पीड़िता से विवाह कर लिया था। जिसके परिणामस्वरूप पीड़िता ने एक बच्चे को जन्म भी दिया है। प्रकरण के अंतिम तर्क एवं निर्णय दिनांक को अभियुक्त पीड़िता एवं अपने बच्चे को साथ मे लेकर न्यायालय मे आया था। उसके द्वारा पीड़िता से शादी कर लिये जाने के आधार पर उसे दोषमुक्त किये जाने का निवेदन न्यायालय से किया था। परंतु न्यायालय ने अभियुक्त के निवेदन को इस आधार पर अस्वीकार कर दिया कि अभियुक्त द्वारा पीड़िता से विवाह कर लेने के आधार पर अपराध को क्षम्य नहीं माना जा सकता है और आरोपी को दंडित किया।



