dangerous erosion of river: सड़क तक आ चुका नदी का खतरनाक कटाव, कलेक्टर ने 25 जुलाई तक सुधार के दिए थे आदेश, अभी तक काम भी शुरू नहीं, हादसों का अंदेशा

▪️ उत्तम मालवीय, बैतूल
बैतूल से हमलापुर-मलकापुर-बरसाली मार्ग (Hamlapur-Malkapur-Barsali Road) पर भीषण बाढ़ के कारण माचना नदी (Machna River) पर हुए कटाव की अभी तक मरम्मत नहीं हो पाई है। कलेक्टर अमनबीर सिंह बैंस (Collector Amanbir Singh Bains) ने 25 जुलाई तक इसकी मरम्मत के आदेश दिए थे। यह समय सीमा भी कब की खत्म हो चुकी है। मरम्मत नहीं होने के कारण लोग इस कटाव के करीब से ही आवाजाही करने को मजबूर हैं। ऐसे में कोई बड़ा हादसा भी यहां हो सकता है।
विगत 29 जून को जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्र में भारी बारिश हुई थी। इससे माचना नदी भी जमकर उफान पर थी। नदी में आई भीषण बाढ़ के कारण हमलापुर-मलकापुर-बरसाली मार्ग (Hamlapur-Malkapur-Barsali Road) के किलोमीटर क्रमांक 11.00 पर माचना नदी (ग्राम भिलावाड़ी) में मार्ग के बगल में अत्यधिक कटाव हो गया था। यह कटाव रोड तक हो गया था। यहां स्थिति यह है कि थोड़ा भी भारी वाहन यहां से गुजरने पर पूरी सड़क ही धंसक सकती है। इसके अलावा अन्य वाहनों के गुजरने से खतरा बना ही है। यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

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यही कारण है कि कलेक्टर अमनबीर सिंह बैंस (Collector Amanbir Singh Bains) ने मध्यप्रदेश मोटरयान नियम 1994 (MP Motor Vehicle Rules 1994) के नियम 215 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उक्त स्थान से वाहनों का आवागमन मुश्किल हो जाने एवं कोई अप्रिय दुर्घटना घटित होने एवं जान-माल की क्षति होने की प्रबल संभावना को मद्देनजर रखते हुए सार्वजनिक सुरक्षा, जनसुविधा एवं जान-माल की सुरक्षा की दृष्टि से समस्त प्रकार के वाहनों का आवागमन एवं आम जनता के आवागमन को प्रतिबंधित कर दिया था। उन्होंने यह प्रतिबंध 2 जुलाई से दिनांक 25 जुलाई की कालावधि के लिए लगाया था। इस अवधि में वाहनों की आवाजाही के लिए वैकल्पिक मार्ग बैतूल खंडारा-बरसाली-आमला (Betul Khandara-Barsali-Amla Road) तय किया गया था। यहां देखें कटाव का वीडियो…
लोनिवि को दिए थे सुधार के आदेश
इसके साथ ही कलेक्टर श्री बैंस ने लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री (Executive Engineer of PWD) को आदेश दिए थे कि वैकल्पिक मार्ग पर सुचारू आवागमन के संबंध में निर्धारित चिन्हांकन लगाना सुनिश्चित करें, मार्ग प्रतिबंधित होने का व्यापक प्रचार-प्रसार कराएं, साथ ही क्षतिग्रस्त मार्ग की आकस्मिक मरम्मत हेतु सुसंगत कार्यवाही करते हुए 25 जुलाई 2022 तक आवश्यक मरम्मत कराना सुनिश्चित करें। कार्यवाही का प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को भी कहा गया था।

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आज तक नहीं हुई कोई मरम्मत
कलेक्टर श्री बैंस द्वारा दी गई समयावधि को समाप्त होने को एक माह से अधिक हो चुका है। इसके बावजूद आज तक यहां पर कोई भी कार्य नहीं हुआ है। नदी का खतरनाक कटाव (dangerous erosion of river) उसी हालत में पड़ा है। यही नहीं वाहनों की आवाजाही भी बेरोकटोक जारी है। मरम्मत के अभाव में लोग खतरा उठाकर यहां से वाहन लेकर गुजरने को मजबूर हैं। ऐसे में यहां कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। नदी में और बाढ़ आने पर यहां कटाव और भी बढ़ सकता है।
प्रस्ताव भेजा है…
माचना नदी के कटाव की मरम्मत के लिए शासन को 1 करोड़, 85 लाख रुपये का एस्टीमेट बनाकर भिजवाया है। वहां से बजट की स्वीकृति के बाद ही काम करवा पाना संभव होगा। यदि छोटा काम होता तो स्थानीय स्तर पर ही करवा लिया जाता, यह काम बड़ा है। इसलिए स्वीकृति की प्रतीक्षा की जा रही है।
एमएस डेहरिया, ईई, पीडब्ल्यूडी, बैतूल



