भारी बारिश : बाढ़ में आया इतना मलबा कि आधा दर्जन कुएं हो गए समतल, खेतों में जम गई डेढ़ फीट मिट्टी, मालेगांव में मोक्षधाम का शेड बहा
▪️ विजय सावरकर, मुलताई
महाराष्ट्र की सीमा पर स्थित प्रभातपट्टन ब्लॉक के ग्राम मालेगांव, पानझिरी और गौनापुर में रविवार रात और सोमवार को जोरदार बारिश हुई। इससे जहां नदी-नालों में पानी का बहाव बढ़ गया। वहीं लगातार बारिश से खेतों में पानी जमा हो गया। तेज बारिश से ग्राम में स्थित मोक्षधाम का शेड बह गया। ग्राम के किनारे स्थित पहाड़ी मालेगांव नदी में आई बाढ़ का पानी किसानों के खेत में पहुंच गया।
पानी का बहाव इतना तेज था कि खेतों की मेढ़ बह गई। पानी के बहाव से खेत की मिट्टी से खेत में लगी फसल ढंक गई। यही नहीं खेतों में एक से डेढ़़ फीट ऊंचाई तक मिट्टी ही मिट्टी नजर आ रही है। खेतों में स्थित कुओं में मिट्टी और मलबा भर जाने से कुएं समतल हो गए हैं। ग्राम मालेगांव निवासी किसान सुंदर गोंडे, देवीदास गोंडे, मुन्नी, चंद्रभान, गोंडू बिहारी, मनीराम, मोतीराम के खेत में स्थित 40 से 50 फीट गहरे कुएं में मलबा पूरी तरह भर गया। मलबे की चपेट में आने से कुएं में लगे मोटर पंप भी दब गए। देखें वीडियो…
किसान सुंदरलाल की 5 एकड़ कृषि भूमि में लगी फसल मलबे में दब गई। ग्राम मालेगांव, पानझिरी और गौनापुर के किसान वसंता रायजू, गया, सुखवंती, देवीदास, मंगलू, मुन्नी चंद्रभान, माडीराम, सुम्मतलाल, मनराज, जगनलाल कवड़ेती, सुरेश माधवराव, बुलकी सहित अन्य किसानों के खेत में लगी फसल पर भी एक से डेढ़ फीट मिट्टी और मलबा जमा हो गया। किसानों के खेत में लगे संतरे के पेड़ भी पानी के बहाव की चपेट मे आने से जमींदोज हो गए। साथ ही बहकर गौनापुर चौकी से ग्राम मालेगांव जाने वाले मार्ग पर स्थित नदी की पुलिया में जाकर फंस गए। जिन्हें जेसीबी की सहायता से हटाया गया।

खेतों में नहीं पहुंच पाए पटवारी
तीनों ग्रामों में किसानों को हुए नुकसान का आंकलन करने के लिए पटवारी मौसम विपरीत रहने से खेतो में नहीं पहुंच पाए। पटवारी दिलीप करोचे ने बताया कि खेतों में पानी के साथ मलबा भरा हुआ है। बारिश के कारण खेतों में जाना संभव नहीं हो रहा है। बारिश जारी रहने से नाले में बाढ़ आने का भी खतरा बना हुआ है। बारिश रुकने के बाद नुकसान का आकलन करने खेत में पहुंचेंगे।



