Satpura Leopard Gecko : यह खूबसूरत छिपकली होती है बेहद खतरनाक, सांप की तरह फुफकारती है और रात में करती है शिकार

▪️ उत्तम मालवीय, बैतूल
Satpura Leopard Gecko : चित्र में दिखाई दे रही यह छिपकली जितनी खूबसूरत और आकर्षक है, उतनी ही खतरनाक भी। वैसे तो यह विषहीन होती है और इंसानों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाती, लेकिन घर में आ जाए तो लोगों की हालत खराब होना तय है। इसकी वजह यह है कि वह सांप की तरह फुफकारती है। यह रात के समय एक्टिव होती है। कीड़े-मकोड़े इसका मुख्य भोजन है। सबसे खास बात यह है कि पूरी दुनिया में यह केवल मध्य भारत में ही पाई जाती है।
यह दुर्लभ छिपकली को सतपुड़ा लियोपर्ड गेको (Satpura Leopard Gecko) नाम से जाना जाता है। सोमवार रात में यह सारणी स्थित मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी (MPPGCL) के अस्पताल में नजर आई। बताते हैं कि वह सांप की तरह जोर-जोर से फुफकार रही थी। उसकी फुफकार सुनकर अस्पताल के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। अस्पताल प्रबंधन द्वारा तत्काल हील सर्पमित्र आदिल खान को इसकी सूचना दी गई। आदिल खान ने मौके पर पहुंचकर इस दुर्लभ छिपकली का रेस्क्यू किया।
सुझबूझ से किया सुरक्षित रेस्क्यू
वन्य प्राणियों और प्रकृति के संरक्षण के लिए कार्य कर रहे सारनी के आदिल खान ने बताया कि उन्हें पॉवर जनरेटिंग कंपनी अस्पताल से कर्मचारियों का फोन आया था। फोन पर सांप के फुफकारने की सूचना दी गई थी। वे वहां रेस्क्यू करने पहुंचे तो पाया कि एक दुर्लभ छिपकली (rare lizard) अस्पताल परिसर में बैठी तेज आवाज निकाल रही थी। जिसको सतपुड़ा लियोपर्ड गेको के नाम से जाना जाता हैं। आदिल ने सुझबूझ से छिपकली का सुरक्षित रेस्क्यू किया। देखें वीडियो…
विशेष संरक्षण देने की आवश्यकता
आदिल ने बताया कि यह छिपकली मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र व छत्तीसगढ़ में पाई जाती है। यह स्थानिक ((endemic) हैं। पूरी दुनिया में यह सिर्फ मध्य भारत के जंगलों में ही पाई जाती है। यह रात के समय एक्टिव होती हैं और कीड़े-मकोड़े इसका मुख्य भोजन है। दिखने में यह छिपकली बेहद आकर्षक होती है। खतरा महसूस होने पर यह छिपकली तेजी से भाग जाती है या तेज आवाज निकालती है। यह छिपकली लगभग 20 सेंटीमीटर तक बड़ी हो सकती है। ये छिपकली विषहीन होती हैं और इंसानों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाती। इन्हें विशेष संरक्षण देने की भी आवश्यकता है।



