बहुत जल्द ‘गुड़’ के लिए मशहूर होंगे बैतूल जिले के 3 रेलवे स्टेशन, आमला में बिक्री केंद्र का शुभारंभ, बैतूल-घोड़ाडोंगरी में भी जल्द शुरू होंगे

• उत्तम मालवीय, बैतूल
Indian Railway : भारत के कुछ रेलवे स्टेशनों ने खान पान की विशिष्ट सामग्रियों के मामले में अपनी खास पहचान बनाई है। मसलन, आगरा स्टेशन जहां पेठे के लिए जाना जाता है तो मथुरा स्टेशन पेड़े के लिए मशहूर है। इसी तरह अन्य कई स्टेशन भी विभिन्न पकवानों व व्यंजनों के लिए प्रसिद्ध है। इन स्टेशनों से गुजरने पर कोई भी यह लेना नहीं भूलते हैं। इसी तरह की पहचान बहुत जल्द बैतूल जिले के 3 रेलवे स्टेशनों की भी बनने वाली है। हो सकता है कि भविष्य में रेल यात्रियों के बीच यह ‘गुड़ वाले स्टेशन’ (jaggery station) के रूप में प्रसिद्ध हो जाए।
दरअसल, भारत के प्रधानमंत्री और रेल मंत्री की पहल पर भारतीय रेलवे ने स्थानीय उत्पाद व व्यापार को प्रोत्साहन देने के लिए एक स्टेशन एक उत्पाद (one station one product) योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत बैतूल जिले के 3 रेलवे स्टेशनों को गुड़ बिक्री के लिए चुना गया है। यह स्टेशन हैं बैतूल, आमला और घोड़ाडोंगरी। यहां जिले के किसानों द्वारा उत्पादित किया जाने वाला गुड़ बेचा जाएगा। आमला में रविवार को रेलवे स्टेशन पर गुड़ बिक्री स्टाल का शुभारंभ हो गया है। वहीं बैतूल में गुरुवार को शुभारंभ होगा। घोड़ाडोंगरी में इसके बाद स्टाल शुरू होगा।

इस योजना से जहां जिले के गुड़ उत्पाद को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी, वहीं गन्ना किसानों के लिए भी बेहतर अवसर साबित होगा। इस योजना का उद्देश्य रेलवे परिसर का उपयोग कर स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना है। रेलवे के इस प्रयास से स्थानीय उत्पाद से जुड़े उद्यमों के लिए बेहतर अवसर विकसित करने में मदद मिलेगी। रेल यात्रियों के लिए भी स्थानीय उत्पाद की जानकारी होने के साथ ही उन्हें उपलब्ध भी हो सकेगा। विदेशी उत्पादों को टक्कर देने के लिए भी यह योजना कारगर साबित हो सकती है।
यह है योजना का उद्देश्य
रेलवे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए रेलवे ने वन स्टेशन-वन प्रोडक्ट स्कीम शुरू की है। जिसके तहत स्टेशन के तहत आने वाले क्षेत्र में स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके तहत हैंडीक्राफ्ट, टेक्सटाइल, हैंडलूम ट्रेडिशनल गारमेंट स्थानीय कृषि उत्पाद, प्रोसैस्ड और सेमी प्रोसैस्ड फूड प्रोडक्ट शामिल किए गए हैं। उत्पाद ऐसे होना चाहिए जो मौजूदा लाइसेंस धारकों के कारोबार को प्रभावित ना करते हैं।
स्थानीय उत्पादों को मिलेगी पहचान
योजना के मुताबिक पूरे देश भर में रेलवे द्वारा 5328 स्टेशनों पर वन स्टेशन वन प्रोडक्ट (OSOP) योजना शुरू की जा रही है। इससे स्थानीय भारतीय उत्पादों को देश भर में पहचान मिलेगी। उनका बाजार व्यापक होगा और विदेशी उत्पादों को वह बाजार से बाहर करने में सहायक होंगे।
इनकी मौजूदगी में हुआ शुभारंभ
इस योजना के तहत आमला रेलवे स्टेशन पर रविवार को शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर उद्योग संघ के पदाधिकारी, आमला स्टेशन प्रबंधक वीके पालीवाल, रेलवे सलाहकार समिति के सदस्य पीयूष तिवारी, उद्योग संघ के अध्यक्ष ब्रज आशीष पांडे, बैतूल जिला उद्योग संघ के प्रवक्ता सरदार सुखदर्शन सिंघ उपस्थित थे।



