एमपी में अब वरिष्ठतम अधिकारी ही बनाए जा सकेंगे बीईओ, जनजातीय कार्य आयुक्त ने जारी किए आदेश
मध्यप्रदेश में अब विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) के रिक्त पदों का प्रभार वरिष्ठतम अधिकारियों को ही सौंपा जा सकेगा। इस संबंध में मध्यप्रदेश के जनजातीय कार्य विभाग (Tribal Affairs Department) के आयुक्त (commissioner) ने आदेश जारी कर दिए हैं। जारी आदेश में इस बात पर नाराजगी भी जताई गई है कि कई जिलों में बीईओ का प्रभार समकक्ष या कनिष्ठ अधीनस्थ अधिकारी को सौंपा गया है।
आयुक्त द्वारा जारी आदेश में पूर्व में 18 अगस्त 2020 को जारी आदेश का भी हवाला दिया गया है। सभी कलेक्टरों को जारी पत्र में कहा गया है कि विकासखंड शिक्षा अधिकारी के रिक्त पदों का प्रभार वरिष्ठतम अधिकारी को ही सौंपा जाएं। विकासखंड में उपलब्ध वरिष्ठतम अधिकारी यदि शारीरिक या मानसिक दृष्टि से इस पद का दायित्व निर्वहन करने में उपयुक्त नहीं पाए जाते हैं या उनके विरूद्ध कोई विभागीय जांच (departmental inquiry) संस्थित हो या कोई गंभीर शिकायत लंबित हो तो ही कारणों का उल्लेख करते हुए इस कार्यालय को प्रस्ताव प्रेषित किया जाएं। इस कार्यालय के अनुमोदन के पश्चात ही आदेश जारी किया जाएं।
जिलों से प्राप्त जानकारी में यह देखने में आया है कि स्पष्ट निर्देशों के बावजूद भी इसका पालन नहीं किया जा रहा है। रिक्त विकासखंड शिक्षा अधिकारी के पद का चालू प्रभार समकक्ष अथवा कनिष्ठ अधीनस्थ अधिकारी को सौंपा गया है। यह उचित नहीं है क्योंकि इससे एक वरिष्ठ शासकीय सेवक को अपने से कनिष्ठ के मातहत कार्य करना पड़ता है। यह प्रशासनिक दृष्टि से ठीक नहीं है। अत: उक्त निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।
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