administrative action : बैतूल के दर्जन भर सचिवों पर लटक रही बर्खास्तगी की तलवार, तीन की वार्षिक वेतन वृद्धि रोकी, यह है वजह

बैतूल जिले में विभिन्न शासकीय योजनाओं के तहत स्वीकृत निर्माण कार्यों में वित्तीय अनियमितता एवं भ्रष्टाचार के कई मामले सामने आए हैं। इन अनियमितताएं करने वालों के खिलाफ जिला पंचायत सीईओ द्वारा कड़ी अनुशासनात्मक एवं वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। यही वजह है कि जिले के दर्जन भर सचिवों पर जहां बर्खास्तगी की तलवार लटक रही है। वहीं 3 की वार्षिक वेतन वृद्धि रोक दी गई है।
सर्वशिक्षा अभियान सहित अन्य योजनाओं के तहत स्वीकृत निर्माण कार्यों में लगभग 52 करोड़ 43 लाख 729 रुपए की वित्तीय अनियमितता सामने आई है। इस मामले में बैतूल जिला पंचायत सीईओ अभिलाष मिश्रा द्वारा बड़ी कार्यवाही करते हुए तीन पंचायत सचिवों की आगामी तीन-तीन वेतन वृद्धियाँ असंचयी प्रभाव से रोकी जाने की शास्ति अधिरोपित कर दंडित किया गया है। साथ ही 12 पंचायत सचिवों को पद से पृथक करने की शास्ति अधिरोपित करने को लेकर नोटिस जारी किए गए हैं।
निर्माण कार्य पूर्ण नहीं करने एवं नोटिस का समाधान कारक स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में संबंधित पंचायत सचिव को म.प्र. पंचायत सेवा ग्राम पंचायत सचिव, भर्ती और सेवा की शर्ते नियम 2011 के संशोधित नियम अगस्त 2017 के नियम 7 (3) (क) के तहत पद से पृथक की शास्ति अधिरोपित करने की चेतावनी जिला पंचायत सीईओ ने दी है।
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इन सचिवों की वेतनवृद्धि रोकी
सर्वशिक्षा अभियान के तहत स्वीकृत शाला भवन, अतिरिक्त कक्ष, शौचालय निर्माण के लिए निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत को राशि जारी होने के बाद भी निर्माण कार्य पूरे नहीं किए गए हैं। इनमें लगभग साढ़े बारह लाख रुपए की अनियमितता करने के मामले में जिला पंचायत सीईओ बैतूल ने तीन पंचायत सचिवों को तीन-तीन वेतन वृद्धियां असंचयी प्रभाव से रोक दी है।
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श्री मिश्रा द्वारा 9 मई 2022 को पारित आदेश में लक्ष्मण मवासे, सचिव ग्राम पंचायत कामठामाल जनपद पंचायत चिचोली, फगनलाल उइके सचिव ग्राम पंचायत बांसपानी जनपद पंचायत बैतूल तथा नरेश भारद्वाज सचिव ग्राम पंचायत लिखड़ी जनपद पंचायत बैतूल को निर्माण कार्य पूर्ण करने में दायित्वों का दोषी पाए जाने के फलस्वरूप आगामी तीन-तीन वेतन वृद्धियाँ असंचयी प्रभाव से रोकी जाने की शास्ति अधिरोपित कर उन्हें दंडित किया है।
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इन पर लटकी बर्खास्तगी की तलवार
सर्वशिक्षा अभियान सहित अन्य योजनाओं के निर्माण कार्यों में लगभग 39.33 लाख रुपए की वित्तीय अनियमितता एवं दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही के 12 सचिव दोषी पाए गए हैं। जिला पंचायत सीईओ ने इन 12 पंचायत सचिवों को नोटिस जारी कर समक्ष में उपस्थित होकर जवाब प्रस्तुत करने के लिए आदेशित किया है। नियत अवधि में निर्माण कार्य पूर्ण नहीं करने तथा समाधान कारक स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में संबंधित पंचायत सचिवों को पद से पृथक की शास्ति अधिरोपित करने की चेतावनी जिला पंचायत सीईओ ने दी है।
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जिन पंचायत सचिवों को पद से पृथक करने के संबंध में नोटिस जारी किया है उनमें हेमराज घोरसे सचिव ग्राम पंचायत दामजीपुरा, गन्नू सिंह उइके सचिव ग्राम पंचायत कासमारखंडी, अक्षय आर्य प्रभारी सचिव ग्राम पंचायत खैरा, रमेश उमरे प्रभारी सचिव ग्राम पंचायत पलासपानी, दिलीप पवार सचिव ग्राम पंचायत माथनी, कमलाकर वागद्रे सचिव ग्राम पंचायत बरखेड़, रामसिंह धुर्वे सचिव ग्राम पंचायत खाबड़ी, मयंक मवासे सचिव ग्राम पंचायत पाँढरा, विनोद चौरसिया तत्कालीन सचिव ग्राम पंचायत कुंडी वर्तमान सचिव ग्राम पंचायत झोली, सूर्यकांत झरबड़े तात्कालीन सचिव ग्राम पंचायत चिरापाटला वर्तमान सचिव ग्राम पंचायत मानी, विनोर कलमे प्रभारी ग्राम पंचायत टोकरा एवं संतोष शिवहरे ग्राम पंचायत बोडरैयत शामिल हैं।
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