अनदेखी : शिकायतों पर भी नहीं होती कार्रवाई, 3 माह पहले दिया आवेदन आज भी दफ्तर में खा रहा है धूल

बैतूल जिले के आमला विकासखण्ड की ग्राम पंचायत ससाबड़ के निर्माण कार्यों में अनियमितता के मामले रुकने के नाम नहीं ले रहे हैं। ग्रामीणों द्वारा इनकी शिकायतें भी दर्ज की जा रही हैं। लेकिन यह शिकायतें भी अधिकारियों की फाइलों में दब कर रह जाती है।
ग्राम पंचायत ससाबड़ के ग्रामीणों द्वारा 18 फरवरी को मुख्य कार्यपालन अधिकारी को विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, आयुक्त मध्य प्रदेश राज्य रोजगार गारंटी परिषद भोपाल, कलेक्टर एवं जिला कार्यक्रम समन्वयक मनरेगा बैतूल और अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मुलताई के नाम 6 बिंदुओं का एक शिकायत पत्र दिया था।
शिकायत पत्र देने को लगभग 2 माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी न ही इस शिकायत पर कोई जांच हुई और ना ही कोई कार्यवाही हुई। जिससे ग्रामीण काफी नाराज चल रहे हैं। ग्रामीण ओंमकारसिंह सिसोदिया, विजय चौहान, राजेंद्र प्रसाद सोनी सहित अन्य लोगों ने जनपद पंचायत में दिए आवेदन में बताया कि ग्राम पंचायत ससाबड़ में पंच, प्रधान व ग्रामीण ग्राम रोजगार सहायक की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट है।
तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा इनका स्थानांतरण भी किया गया था और वर्तमान में ससाबड़ पंचायत में स्थानांतरण होने के बाद इनकी कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं हो पाया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि रोजगार सहायक अर्पणा चौहान द्वारा फर्जी मास्टर रोल जारी कर मनरेगा की हाजिरी डाली गई। ग्रामीणों की समग्र आईडी सुधारने में अनावश्यक परेशान किया जाता है।
साथ ही इनके द्वारा परिचय के शौचालय की राशि दूसरी पंचायत द्वारा खाते में डाली गई। ऐसी कई अनियमितताएं ग्राम रोजगार सहायक द्वारा की गई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि समस्त बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए ग्राम रोजगार सहायक अर्पणा चौहान का स्थानांतरण ग्राम पंचायत ससाबड़ से अन्य पंचायत में किया जाएं और शिकायत की जांच कर कार्यवाही की जाएं।



