बेटियों को सपनों की उड़ान के लिए दें खुला आसमान: डॉ. शैला मुले

जिला रजक समाज बैतूल की मातृशक्तियों एवं बेटियों द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर टिकारी (बैतूल) स्थित क्षत्रिय कलचुरी समाज के मंगल भवन में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम की अतिथि डॉ. शैला मुले ने कहा कि, बेटियों पर भरोसा बनाए रखिएं। उन्हें सपनों की उड़ान भरने के लिए संभावनाओं का खुला आसमान दीजिए।
अतिथि के रूप में मंच पर शोभायमान डॉ. कीर्ति साहू ने अपने उद्बोधन में कहा कि, इस पुरुष प्रधान समाज के हर क्षेत्र में महिला अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए महत्वपूर्ण स्थान बनाए हुए हैं। अपनी मेहनत और लगन से समाज को गौरवान्वित करने वाली नवनियुक्त डॉ. अंशिका तायवाड़े ने कहा कि, अपने लक्ष्य के प्रति पूर्ण निष्ठा एवं समर्पण से हम अपने सपनों को पूरा कर समाज और राष्ट्र का नाम रोशन कर सकते हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्ष के रूप में जिलाध्यक्ष रजक महिला शक्ति ललिता सिसोदिया ने कहा कि एक महिला को विभिन्न क्षेत्रों में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और वो अपनी हर जिम्मेवारी को बिना किसी अपेक्षा के पूरी निष्ठा से निभाती चली आ रही है।
शिक्षिका संध्या तायवाड़े ने अपनी कविता के माध्यम से बताया कि, मां ही ममता, मां ही शिवाला, मां ही भारत माता है। नारी शक्ति का परिचय देते हुए मिताली उदयपुरे ने अपनी कविता में कहा कि, पली-बढ़ी जहां, वह घर छोड़ जाती है, नारी हर रिश्ते में नया रिश्ता जोड़ जाती है।

अपने मंच संचालन के दौरान बैतूल ब्लॉक उपाध्यक्ष विधि सिसोदिया एवं प्रज्ञा मालवी द्वारा मां की महत्ता बताते हुए कहा गया कि, यूं ही नहीं गूंजती किलकारियां, घर आंगन के कोने में, जान हथेली पर रखनी पड़ती है, मां को मां होने में।
आभार संबोधन में जिला उपाध्यक्ष रजक समाज शारदा पटने ने कहा कि, महिला सशक्तिकरण की दिशा में हमारा देश तेजी से आगे बढ़ रहा है और ये ऐसे कार्यक्रमों से ही संभव हो पाया है। इसके अलावा उन्होंने कलचुरी समाज प्रमुख नेमीचंद मालवीय व समस्त कलचुरी समाज को कार्यक्रम स्थल उपलब्ध करवाने हेतु धन्यवाद ज्ञापित किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अंतर्गत परी मालवी, प्रांजल बाथरी, ख्याति मालवी एवं याशिका उदयपुरे ने सुंदर नृत्य प्रस्तुत किए। अतिथियों के कर कमलों से बाल प्रतिभाओं एवं रंगोली व थाल सज्जा के प्रतियोगियों को पारितोषिक प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में माताएं, बहनें एवं बेटियां उपस्थित रहींं। अंत में स्वल्पाहार के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।



