28 फरवरी से लापता थी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, इस हालत में मिली जंगल में

बैतूल के घोड़ाडोंगरी ब्लॉक के एक गांव में पदस्थ युवा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बीते 28 फरवरी से लापता थी। परिजन लगातार उसकी तलाश कर रहे थे। इसी बीच बुधवार शाम को वह जंगल में बेहोशी की हालत में मिली। सूचना मिलने पर 100 डायल उसे घोड़ाडोंगरी अस्पताल में भर्ती कराया है। पुलिस की सूचना पर आज नायब तहसीलदार ने कार्यकर्ता के बयान लिए हैं। मामले की डायरी चोपना थाना भेजी गई है।
जानकारी के अनुसार घोड़ाडोंगरी के एक गांव में पदस्थ एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अचानक 28 फरवरी को लापता हो गई थी। उसकी स्कूटी भी नहीं थी। परिवार के लोग लगातार उसकी तलाश कर रहे थे। उसकी गुमशुदगी भी चोपना थाने में दर्ज कराई गई थी। इसी दौरान उसके जंगल में होने की सूचना मिलने पर परिवार के लोग वहां पहुंचे तो आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बेहोशी की हालत में पड़ी थी।
परिजनों ने तत्काल इसकी सूचना 100 डायल को दी। 100 डायल ने मौके पर पहुंच कर उसे घोड़ाडोंगरी अस्पताल में भर्ती कराया है। यहां इलाज के बाद अब उसकी हालत बेहतर बताई जा रही है। पुलिस द्वारा सूचना पर नायब तहसीलदार घोड़ाडोंगरी ने कार्यकर्ता के बयान लिए हैं। पूरा मामला पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
इस संबंध में घोड़ाडोंगरी पुलिस चौकी प्रभारी नेपाल सिंह का कहना है कि हमने नायब तहसीलदार से बयान करवाकर डायरी चोपना थाने भेज दी है। गुमशुदगी भी वहीं दर्ज है। विस्तृत जानकारी चोपना थाने से ही प्राप्त हो सकेगी। इस बारे में चर्चा करने के लिए चोपना थाना प्रभारी एआर खान से सम्पर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल स्विच ऑफ होने से चर्चा नहीं हो पाई।



