उजड़ती विद्युत नगरी और उद्योगों को बचाने लोगों को करेंगे जागरूक, आम सभाएं भी होंगी

उद्योग बचाओ, नगर बचाओ संघर्ष समिति की बैठक 27 फरवरी 2022 को समिति संरक्षक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी डॉ. कृष्णा मोदी की अध्यक्षता में उन्हीं के निवास पर सम्पन्न हुई। बैठक में चर्चा हुई कि सारणी क्षेत्र को बचाने हेतु, 660 मेगावाट सुपर क्रिटिकल यूनिट एवं 2 कोयला खदान को शुरू करवाने में यहां के जनप्रतिनिधि असफल साबित हुए हैं।
एक माह पूर्व प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने क्षेत्र के प्रतिनिधियों से यह भी कहा था कि किसी को भी आंदोलन करने की जरूरत नहीं है। सारनी क्षेत्र की चिंता मैं करूंगा और क्षेत्र को उजड़ने नहीं दूंगा। कुछ दिनों पहले मुख्यमंत्री बैतूल आए थे, परंतु क्षेत्र को लेकर कोई बात नहीं हुई। सारनी नगर पालिका में उप तहसील कार्यालय भी बंद है। सूखाढाना औद्योगिक क्षेत्र का काम भी बंद है। अन्य कोई उद्योग खोलने की भी योजना नहीं है।
इन हालातों को देखते हुए बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि समिति एक माह के भीतर सारनी, पाथाखेड़ा, कालीमाई, शोभापुर कॉलोनी में जनता को जागरूक एवं एकत्रित करेगी। सभी से चर्चा कर जनता की राय से भविष्य का कार्यक्रम बनाएगी। पहली आमसभा 6 मार्च को सारनी में डॉक्टर अंबेडकर की मूर्ति के समक्ष तथा उसके बाद प्रति सप्ताह आम सभा पाथाखेड़ा, शोभापुर में होगी।
उसमें भविष्य में जीवन जीने के लिए मूलभूत सुविधाएं जैसे पीने का पानी, बिजली, बदहाल सड़क आदि पर भी विचार होगा। साथ ही भविष्य की रणनीति तैयार की जाएगी। बैठक में राकेश महाले, सूरज तिवारी, अय्यूब अंसारी, अजय सोनी, विजयराम, शमशेर आलम, हाजी एएसके कुरेशी, डॉ. जाकिर शेख पत्रकार, किशोर चौहान आदि उपस्थित थे।



