उल्टी-दस्त से बच्ची की हुई मौत, उप स्वास्थ्य केंद्र में लटका रहा ताला

एक जमाने में कालापानी कहे जाने वाले भीमपुर विकासखंड में अभी भी व्यवस्थाएँ दुरुस्त नहीं हो पाई हैं। ब्लॉक में गांव-गांव में उप स्वास्थ्य केंद्र तो खोल दिए गए हैं, लेकिन कर्मचारियों के मौजूद नहीं रहने से ग्रामीणों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता है। ऐसे ही एक मामले में खैरा गांव में स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र में ताला लटका रहा और एक मासूम बच्ची की उल्टी-दस्त से मौत हो गई। एक बच्चे को भीमपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्वास्थ्य अमले की लापरवाह कार्यप्रणाली से ग्रामीणों में खासा आक्रोश है।

ग्राम पंचायत खैरा निवासी मानाजी बारस्कर, मोंगिलाल बारस्कर ने बताया कि गांव के सागर बारस्कर की साढ़े 3 साल की बेटी अर्चना और 5 साल के बेटे अक्षय को उल्टी-दस्त की शिकायत हो गई थी। गांव का का उप स्वास्थ्य केंद्र कई दिनों से बंद पड़ा है। वह आज भी नहीं खुला। ऐसे में ग्रामीणों ने 108 को भी फोन लगाया पर वह भी नहीं आई। इससे इलाज नहीं मिलने से मासूम अर्चना की मौत हो गई। इसके बाद जैसे-तैसे ग्रामीणों ने उसके भाई अक्षय को जैसे-तैसे भीमपुर ले जाकर भर्ती कराया।

ग्रामीण पंकज तुमड़ाम, कांसू बारस्कर, जितेंद्र अखण्डे, राजेश काजले, ओमप्रकाश आर्य का कहना है कि उप स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ कर्मचारी भीमपुर और मोहटा से अप डाउन करते हैं। वे कई-कई दिनों तक अस्पताल नहीं खोलते हैं। इससे ग्रामीणों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता है। ग्रामीणों में स्वास्थ्य अमले की इस कार्यप्रणाली से खासा आक्रोश है। उन्होंने सख्त कार्यवाही की मांग की है।



