MP Highway E-Challan System: एमपी में हाईवे पर कैमरों से होगी वाहनों की जांच, बिना दस्तावेज चलने वालों का ऑटोमैटिक कटेगा चालान
MP Highway E-Challan System: मध्य प्रदेश में सड़कों पर चलने वाले वाहनों की निगरानी व्यवस्था अब पूरी तरह बदलने जा रही है। स्टेट हाईवे और नेशनल हाईवे पर वाहन चालकों को अब फिटनेस, बीमा और पीयूसी जैसे जरूरी दस्तावेजों के बिना निकलना भारी पड़ सकता है। राज्य सरकार ने हाईटेक ई-डिटेक्शन सिस्टम लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसके तहत टोल प्लाजा पर लगे कैमरे खुद ही वाहनों की जांच करेंगे।
कैमरों से होगी हर वाहन की जांच
प्रदेश के सभी स्टेट हाईवे और नेशनल हाईवे पर अब वाहनों की मैन्युअल जांच की जगह कैमरों के जरिए निगरानी की जाएगी। इसके लिए सभी टोल प्लाजा पर हाई रेजोल्यूशन कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिन्हें ई-डिटेक्शन सिस्टम से जोड़ा जाएगा। वाहन जैसे ही टोल प्लाजा से गुजरेगा, कैमरा उसके नंबर प्लेट को स्कैन करेगा और पूरी जानकारी सिस्टम में दर्ज हो जाएगी।
एनआईसी के सर्वर से जुड़ा रहेगा सिस्टम
ई-डिटेक्शन सिस्टम को नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर के सेंट्रल सर्वर से जोड़ा जाएगा। जैसे ही किसी वाहन का नंबर स्कैन होगा, उससे जुड़े दस्तावेजों का रिकॉर्ड तुरंत सामने आ जाएगा। इसमें वाहन का बीमा, फिटनेस सर्टिफिकेट और प्रदूषण प्रमाण पत्र की वैधता भी शामिल होगी।
दस्तावेज पूरे न होने पर तुरंत बनेगा ई-चालान
यदि जांच के दौरान यह पाया गया कि वाहन का बीमा, फिटनेस या पीयूसी एक्सपायर हो चुका है या मौजूद नहीं है, तो सिस्टम अपने आप ई-चालान जनरेट कर देगा। यह चालान सीधे वाहन मालिक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा। साथ ही इसकी जानकारी संबंधित क्षेत्र के आरटीओ कार्यालय तक भी पहुंचेगी।
प्रदेश में कितने टोल प्लाजा होंगे शामिल
मध्य प्रदेश में फिलहाल स्टेट हाईवे पर लगभग 110 टोल प्लाजा संचालित हैं। इसके अलावा नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के तहत प्रदेश में 97 टोल प्लाजा हैं। इन सभी टोल प्लाजा से रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं। अब हर गुजरने वाला वाहन इस हाईटेक सिस्टम की निगरानी में रहेगा।
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राज्य सरकार ने जारी की अधिसूचना
राज्य शासन ने ई-डिटेक्शन सिस्टम को लागू करने के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। परिवहन विभाग ने ई-डिटेक्शन सेल को एनआईसी के जरिए जनरेट होने वाले ई-चालान जारी करने का अधिकार दे दिया है। इसके बाद मोटरयान अधिनियम 1988 के तहत जरूरी दस्तावेजों की जांच पूरी तरह स्वचालित हो जाएगी।
भोपाल में बनेगा कंट्रोल एंड कमांड सेंटर
ई-डिटेक्शन सिस्टम के संचालन के लिए भोपाल आरटीओ कार्यालय में कंट्रोल एंड कमांड सेंटर तैयार किया जा रहा है। यहां 24 घंटे टीमें तैनात रहेंगी, जो आने वाले डाटा की निगरानी और प्रबंधन करेंगी। एक बार चालान कटने के बाद वाहन चालक उसे ऑनलाइन माध्यम से जमा कर सकेंगे। भुगतान न करने की स्थिति में संबंधित आरटीओ आगे की कार्रवाई करेगा।
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अवैध वसूली पर लगेगी रोक
इस नई व्यवस्था के लागू होने से हाईवे पर चेकिंग के नाम पर होने वाली अवैध वसूली की शिकायतों पर भी अंकुश लगेगा। अब परिवहन विभाग के कर्मचारियों को सड़कों पर वाहन रोककर जांच करने की जरूरत नहीं होगी। पहले इस तरह की शिकायतें और वीडियो कई बार सामने आ चुके हैं। सरकार का मानना है कि यह प्रणाली पारदर्शिता बढ़ाएगी और नियमों का पालन सुनिश्चित करेगी।
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