MP Outsourced Electricity Employees: एमपी में हजारों आउटसोर्स बिजली कर्मचारियों की नौकरी खतरे में, यह है वजह

MP Outsourced Electricity Employees: मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में वर्षों से काम कर रहे हजारों आउटसोर्स कर्मचारियों के भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है। मौजूदा एजेंसियों की अवधि 31 मार्च को खत्म होने वाली है, लेकिन अब तक नई टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। ऐसे में कर्मचारियों को डर सता रहा है कि कहीं उनकी सेवाएं अचानक बाधित न हो जाएं।

मौजूदा टेंडर की जल्द समाप्त हो रही अवधि

मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में अलग-अलग कार्यों के लिए आउटसोर्स एजेंसियों के माध्यम से कर्मचारियों की तैनाती की जाती है। यह व्यवस्था हर साल टेंडर प्रक्रिया के जरिए होती है। नियमों के अनुसार 31 मार्च को मौजूदा एजेंसियों की अवधि समाप्त हो जाती है और नई एजेंसी को काम सौंपा जाता है। आम तौर पर एजेंसी बदलती है, लेकिन कर्मचारी उसी स्थान पर पहले की तरह काम करते रहते हैं। इस बार स्थिति अलग नजर आ रही है, क्योंकि समय रहते नई निविदा की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है।

दस्तावेज तैयार न होने से बढ़ी परेशानी

सूत्रों के अनुसार ऊर्जा विभाग से जुड़ी टेंडर प्रक्रिया के लिए जरूरी दस्तावेज अब तक पूरी तरह तैयार नहीं हो पाए हैं। इसी कारण विद्युत वितरण कंपनियां नई निविदा जारी करने की स्थिति में नहीं हैं। इस देरी का असर सीधे तौर पर 12 हजार से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों पर पड़ सकता है, जो वर्षों से लाइन मेंटेनेंस, बिलिंग, कार्यालयीन काम और अन्य तकनीकी सेवाओं में अपनी भूमिका निभा रहे हैं।

दो महीने पहले शुरू होती है प्रक्रिया

जानकारों का कहना है कि सामान्य हालात में टेंडर प्रक्रिया कम से कम दो महीने पहले शुरू कर दी जाती है। ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि निविदा में कई चरण होते हैं और हर स्तर पर समय लगता है। लेकिन इस बार ऊर्जा विभाग पिछले करीब डेढ़ साल से एक नई संयुक्त टेंडर प्रणाली के दस्तावेज तैयार कर रहा है। इस प्रस्ताव के तहत प्रदेश की तीनों विद्युत वितरण कंपनियों के लिए एक साथ आउटसोर्स कर्मचारियों की निविदा जारी की जानी है।

ऊर्जा विभाग के फैसले का इंतजार

फिलहाल मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारी ऊर्जा विभाग से अंतिम आदेश मिलने का इंतजार कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि विभागीय मंजूरी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। मप्र पावर मैनेजमेंट कंपनी के मानव संसाधन विभाग प्रमुख राजीव गुप्ता के अनुसार, ऊर्जा विभाग से निर्देश प्राप्त होने के बाद ही नई निविदा जारी की जा सकेगी। तब तक कर्मचारियों के बीच अनिश्चितता बनी हुई है और सभी की नजरें विभाग के अगले कदम पर टिकी हैं।

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