MP Urban Infrastructure Development: मध्यप्रदेश के शहरी इलाकों में लंबे समय से चली आ रही सड़कों, पानी और सीवरेज जैसी बुनियादी समस्याओं के समाधान की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में शहरों के विकास से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए हैं, जिनका सीधा असर आम नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ने वाला है।
कैबिनेट बैठक में लिए अहम निर्णय
मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में शहरी विकास, शिक्षा और जल आपूर्ति से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित सभी मंत्री टैबलेट के साथ उपस्थित रहे। इस दौरान शिक्षकों के लिए चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान को स्वीकृति दी गई, जिसके लिए 322 करोड़ 34 लाख रुपये मंजूर किए गए।
शहरी अधोसंरचना के लिए बड़ी राशि
प्रदेश के शहरों की मौजूदा स्थिति को देखते हुए सरकार ने मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना विकास योजना के पंचम चरण को लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत नगरीय निकायों के लिए कुल 5 हजार करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। यह राशि तीन वर्षों के लिए, यानी वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक खर्च की जाएगी। योजना का उद्देश्य शहरों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है।
सड़कों और यातायात सुधार पर फोकस
योजना के तहत शहरों की प्रमुख सड़कों, मास्टर प्लान में शामिल मार्गों और जिलों की अहम सड़कों के निर्माण व सुधार के काम किए जाएंगे। इसके साथ ही सड़क सुरक्षा और शहरी यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया जाएगा। इससे टूट-फूट का शिकार सड़कों की समस्या को दूर करने में मदद मिलेगी।
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पेयजल और सीवरेज व्यवस्था में सुधार
इस योजना के माध्यम से शत-प्रतिशत पेयजल आपूर्ति और सीवरेज परियोजनाओं से जुड़े अधूरे कार्यों को पूरा किया जाएगा। गैप कवरेज, इंटरसेप्शन और डायवर्जन ड्रेन, साथ ही सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण जैसे काम भी इसी योजना के अंतर्गत किए जाएंगे। इसका क्रियान्वयन संबंधित नगरीय निकायों द्वारा किया जाएगा।
उज्जैन जल आवर्धन योजना को मंजूरी
मंत्रि-परिषद ने उज्जैन शहर की जल आवर्धन योजना के लिए 1133 करोड़ 67 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। यह योजना सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है, ताकि भविष्य में पानी की जरूरतों को पूरा किया जा सके।
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अन्य अधोसंरचना परियोजनाएं भी शामिल
योजना में फ्लाईओवर, पुल और अन्य जरूरी शहरी अधोसंरचना परियोजनाओं को भी शामिल किया गया है। सरकार का मानना है कि इन फैसलों से प्रदेश के शहरों में बुनियादी ढांचे से जुड़ी समस्याओं में उल्लेखनीय सुधार होगा और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
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