MP Cabinet Decisions 2026: शिक्षकों को मोहन सरकार का बड़ा तोहफा, परिवहन टैक्स में मिलेगी 50 प्रतिशत छूट, एमपी की पहली ई-कैबिनेट बैठक में बड़े फैसले

MP Cabinet Decisions 2026: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने वर्ष की अपनी अहम कैबिनेट बैठक में शिक्षा, ऊर्जा, परिवहन और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। इस बैठक में जहां लाखों शिक्षकों को सीधा लाभ पहुंचाने वाले फैसले हुए, वहीं राज्य के विकास को नई दिशा देने वाली नीतियों और परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई। खास बात यह रही कि यह बैठक पूरी तरह डिजिटल तरीके से आयोजित की गई, जिससे सरकार की ई-गवर्नेंस की मंशा साफ दिखाई दी।

कैबिनेट बैठक में लिए गए अहम निर्णय

13 जनवरी को मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में मोहन सरकार ने एक साथ कई क्षेत्रों से जुड़े प्रस्तावों पर सहमति बनाई। बैठक में शिक्षा विभाग, परिवहन विभाग, ऊर्जा क्षेत्र, स्पेस टेक्नोलॉजी और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। सरकार का जोर जनहित से जुड़े फैसलों के साथ-साथ दीर्घकालीन विकास योजनाओं पर भी रहा।

पहली बार पूरी तरह डिजिटल रही कैबिनेट बैठक

यह बैठक इसलिए भी चर्चा में रही क्योंकि इसे सरकार की पहली हाईटेक कैबिनेट बैठक कहा जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और सभी मंत्री कागजी फाइलों के बजाय टैबलेट के साथ बैठक में शामिल हुए। सभी प्रस्ताव डिजिटल माध्यम से प्रस्तुत किए गए और उन्हीं पर चर्चा कर निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री की पहल पर मंत्रियों को पहले ही टैबलेट उपलब्ध कराए गए थे, ताकि ई-कैबिनेट की प्रक्रिया को व्यवहार में लाया जा सके। सरकार का मानना है कि इस पेपरलेस व्यवस्था से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि कामकाज में तेजी भी आएगी।

MP Cabinet Decisions 2026 में मोहन सरकार ने शिक्षकों को बड़ा तोहफा दिया। ई-कैबिनेट बैठक में परिवहन टैक्स छूट, सोलर प्रोजेक्ट और नई नीतियों को मंजूरी।

परिवहन टैक्स में 50 प्रतिशत छूट को हरी झंडी

कैबिनेट में परिवहन विभाग के एक अहम प्रस्ताव पर सहमति बनी। वर्ष 2026 में आयोजित होने वाले ग्वालियर व्यापार मेले में ऑटोमोबाइल वाहनों की बिक्री पर परिवहन टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इस प्रस्ताव पर चर्चा के बाद मंत्रिपरिषद ने इसे सर्वसम्मति से मंजूरी दी। सरकार का उद्देश्य इस फैसले के जरिए व्यापार मेले को बढ़ावा देना और वाहन उद्योग से जुड़े व्यापारियों व खरीदारों को राहत देना है।

स्पेस टेक नीति 2026 को मिली मंजूरी

बैठक में राज्य की नई स्पेस टेक नीति 2026 को भी स्वीकृति दी गई। इस नीति के माध्यम से सरकार स्पेस टेक्नोलॉजी, सैटेलाइट डेटा, ड्रोन तकनीक और जियो-स्पेशल एप्लीकेशन जैसे आधुनिक क्षेत्रों को बढ़ावा देना चाहती है। इसके साथ ही स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन देकर निजी निवेश आकर्षित करने और युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है। नीति के तहत रिसर्च और इनोवेशन को भी विशेष समर्थन मिलेगा।

सोलर एनर्जी से जुड़े तीन बड़े प्रोजेक्ट स्वीकृत

कैबिनेट बैठक में नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए तीन अहम सोलर एनर्जी परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इन परियोजनाओं का उद्देश्य राज्य में बिजली उत्पादन को स्थिर बनाना और अधिक मांग के समय निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इनमें सोलर आधारित ऊर्जा उत्पादन के साथ स्टोरेज की व्यवस्था को भी शामिल किया गया है, ताकि चौबीसों घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा सके।

शिक्षकों की क्रमोन्नत वेतन योजना को मंजूरी

कैबिनेट का सबसे अहम फैसला शैक्षणिक संवर्ग के शिक्षकों से जुड़ा रहा। सरकार ने चतुर्थ श्रेणी क्रमोन्नत वेतनमान योजना को लागू करने की मंजूरी दे दी है। इस योजना के दायरे में सहायक शिक्षक, उच्च श्रेणी शिक्षक और नए शैक्षणिक संवर्ग के शिक्षक शामिल होंगे। इस फैसले से प्रदेश के करीब 1.21 लाख से अधिक शिक्षकों को सीधा लाभ मिलेगा। सरकार के अनुसार इस योजना पर लगभग 322.34 करोड़ रुपये का व्यय आने का अनुमान है, लेकिन इससे शिक्षकों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा किया जा सकेगा।

जामा मस्जिद भूमि आवंटन पर फिर से विचार

बैठक में इंदौर शहर के मध्य स्थित जामा मस्जिद क्षेत्र से संबंधित भूमि आवंटन के विषय पर भी चर्चा हुई। इस मामले में सरकार ने पुनर्विचार करने का निर्णय लिया है, ताकि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जा सके।

200 नए सांदिपनी विद्यालय खोलने की योजना

स्कूल शिक्षा विभाग की महत्वाकांक्षी सांदिपनी विद्यालय योजना के दूसरे चरण को कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। इस चरण के तहत प्रदेश में 200 नए सांदिपनी विद्यालय स्थापित किए जाएंगे। इन विद्यालयों पर लगभग 3660 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इससे पहले पहले चरण में 275 विद्यालयों को स्वीकृति दी जा चुकी है। सरकार का कहना है कि प्रत्येक विद्यालय की स्थापना पर औसतन 17 से 18 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी सहमति

बैठक में वर्ष 2026-27 की नई आबकारी नीति के लिए मंत्रिपरिषद समिति के गठन को मंजूरी दी गई। इसके अलावा मध्य प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम 2017 के तहत जारी अधिसूचनाओं को भी स्वीकृति मिली। मोहनपुरा विस्तारीकरण सिंचाई परियोजना और सुल्तानपुर उद्धहन सिंचाई परियोजना को प्रशासकीय मंजूरी दी गई, जिससे हजारों हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा विकसित होगी और बड़ी संख्या में किसान परिवारों को लाभ मिलेगा।

समाधान अभियान को लेकर मुख्यमंत्री के निर्देश

कैबिनेट बैठक से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में चलाए जा रहे समाधान अभियान की जानकारी दी। इस अभियान के तहत 16 विभागों की 91 जनहित योजनाओं को पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जाएगा। अभियान का पहला चरण 12 जनवरी से शुरू होकर 16 फरवरी तक चलेगा, जबकि पूरा अभियान 31 मार्च तक जारी रहेगा। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में इस अभियान की नियमित निगरानी करें, ताकि आम लोगों की समस्याओं का समय पर समाधान हो सके।

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