8th Pay Commission: 8वां वेतन आयोग: सैलरी बढ़ोतरी की तैयारी, एरियर और टैक्स को लेकर क्या है पूरी तस्वीर

8th Pay Commission: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच इन दिनों एक ही चर्चा सबसे ज्यादा है—8वां वेतन आयोग। हर बार की तरह इस बार भी वेतन आयोग को लेकर उम्मीदें काफी ऊंची हैं। सातवें वेतन आयोग की अवधि पूरी होने के बाद अब सभी की नजरें नए वेतन ढांचे पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि 2026 से केंद्रीय कर्मचारियों की आय में बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, हालांकि इसका वास्तविक असर कब दिखेगा, इसे लेकर अलग-अलग आकलन सामने आ रहे हैं।

7वें वेतन आयोग की अवधि हुई समाप्त

7वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2016 से लागू हुई थीं और इसकी अवधि 31 दिसंबर 2025 तक तय मानी गई है। जैसे ही यह अवधि खत्म हुई, उसी के साथ 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। सरकारी नियमों के अनुसार आमतौर पर हर दस साल में नया वेतन आयोग लागू किया जाता है और इसी परंपरा को इस बार भी आगे बढ़ाया जा रहा है।

8वें वेतन आयोग का गठन और प्रक्रिया

सरकारी संकेतों के मुताबिक 8वें वेतन आयोग का गठन 2025 की शुरुआत से लेकर मध्य अवधि के बीच किया गया। इसके कामकाज और दायरे को तय करने वाली शर्तें, जिन्हें टर्म्स ऑफ रेफरेंस कहा जाता है, नवंबर 2025 में अधिसूचित की गई थीं। आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने और सरकार को सौंपने के लिए लगभग 18 महीने का समय दिया गया है। इस दौरान आयोग कर्मचारियों की सैलरी, भत्तों और पेंशन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अध्ययन करेगा।

कब से मानी जाएगी नई सिफारिशें प्रभावी

कागजों में 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जा रही हैं। इसका अर्थ यह है कि नई वेतन व्यवस्था इसी तारीख से लागू मानी जाएगी। हालांकि जानकारों का कहना है कि व्यवहार में ऐसा तुरंत होना मुश्किल है, क्योंकि आयोग की रिपोर्ट आने, उस पर सरकार की मंजूरी और फिर अधिसूचना जारी होने में समय लगता है।

वास्तविक लागू होने में क्यों हो सकती है देरी

अर्थशास्त्रियों का मानना है कि भले ही प्रभावी तिथि 1 जनवरी 2026 हो, लेकिन कर्मचारियों को बढ़ा हुआ वेतन मिलने में समय लग सकता है। बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस के अनुसार, आयोग की सिफारिशों का असली असर वित्त वर्ष 2027-28 या फिर 2028-29 के अंत तक दिखाई दे सकता है। वहीं, कानूनी और वित्तीय मामलों के जानकार रोहित जैन का कहना है कि नए वेतन स्लैब की घोषणा 2026 के आखिर या 2027 की शुरुआत में संभव है।

देरी होने पर एरियर का क्या होगा

कर्मचारियों के लिए सबसे अहम सवाल एरियर को लेकर है। अगर नई सैलरी तय समय पर लागू नहीं होती, तो क्या पिछली अवधि का पैसा मिलेगा? विशेषज्ञों के मुताबिक इसका जवाब हां है। रोहित जैन के अनुसार, यदि 8वां वेतन आयोग मई 2027 में लागू किया जाता है, तो कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को जनवरी 2026 से अप्रैल 2027 तक की अवधि का बकाया भुगतान किया जाएगा। यह राशि एक साथ दी जाएगी।

एरियर की गणना कैसे होगी

एरियर की गणना पुराने और नए वेतन के अंतर के आधार पर की जाएगी। मदन सबनवीस के अनुसार, सरकार बजट में इसके लिए अलग से प्रावधान कर सकती है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी कर्मचारी का मासिक वेतन पहले 45 हजार रुपये था और नए वेतन आयोग के बाद यह बढ़कर 50 हजार रुपये हो जाता है, तो हर महीने का अंतर 5 हजार रुपये होगा। अगर भुगतान में 15 महीने की देरी होती है, तो कुल एरियर 75 हजार रुपये बनेगा।

एरियर पर टैक्स का नियम

एरियर मिलने पर टैक्स को लेकर भी कर्मचारियों को सतर्क रहना होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह राशि पूरी तरह से कर योग्य होगी। मदन सबनवीस के मुताबिक, वेतन बढ़ने के बाद कई कर्मचारी उच्च आयकर स्लैब में आ सकते हैं, जिसमें 30 प्रतिशत तक टैक्स लगता है। ऐसे में एरियर पर भी उसी दर से टैक्स देना होगा। इसलिए कर्मचारियों को वित्तीय योजना बनाते समय इस पहलू को जरूर ध्यान में रखना चाहिए।

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