EPFO e-KYC Process: नहीं कराई EPFO खाते के e-KYC तो अटक जायेगा पैसा, आज ही कराएं, यहाँ जानें पूरी प्रक्रिया

EPFO e-KYC Process: नौकरीपेशा लोगों के लिए भविष्य निधि यानी पीएफ एक ऐसा सहारा है, जो नौकरी के दौरान भी काम आता है और रिटायरमेंट या नौकरी छोड़ने के बाद भी आर्थिक सुरक्षा देता है। हर महीने सैलरी से कटने वाली यह रकम छोटी लग सकती है, लेकिन समय के साथ यही पैसा बड़ा सहारा बन जाता है। हालांकि, कई बार लोग पीएफ खाते से पैसा निकालने के समय परेशान हो जाते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह होती है केवाईसी प्रक्रिया का पूरा न होना। अगर पीएफ खाते की केवाईसी अधूरी है तो पैसा निकालने में देरी हो सकती है या आवेदन अटक सकता है। इसलिए समय रहते केवाईसी कराना बेहद जरूरी है।

पीएफ क्या है और कैसे काम करता है

पीएफ सुविधा आमतौर पर उन संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों को मिलती है, जहां तय संख्या में कर्मचारी कार्यरत होते हैं। इसमें कर्मचारी की मासिक सैलरी से एक निश्चित हिस्सा काटकर पीएफ खाते में जमा किया जाता है। उतनी ही राशि नियोक्ता यानी कंपनी की ओर से भी कर्मचारी के खाते में जमा कराई जाती है। इस जमा रकम पर सरकार की ओर से सालाना ब्याज भी दिया जाता है। इस तरह समय के साथ पीएफ खाते में अच्छी खासी रकम इकट्ठा हो जाती है। नौकरी बदलने, लंबे समय तक बेरोजगार रहने या रिटायरमेंट के बाद कर्मचारी इस रकम को निकाल सकता है। लेकिन यह सुविधा तभी आसानी से मिलती है, जब पीएफ खाते की केवाईसी पूरी तरह अपडेट हो।

क्यों जरूरी है केवाईसी करवाना

केवाईसी का मतलब है अपने पहचान और बैंक से जुड़े दस्तावेजों को पीएफ खाते से जोड़ना। इसमें आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक खाते की जानकारी शामिल होती है। इन दस्तावेजों के बिना ईपीएफओ यह सुनिश्चित नहीं कर पाता कि पैसा सही व्यक्ति और सही खाते में जा रहा है। इसी कारण अगर केवाईसी अधूरी होती है तो पीएफ निकालने का दावा रुक सकता है। कई बार लोगों को महीनों तक इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में बेहतर है कि पहले ही केवाईसी पूरी कर ली जाए।

पीएफ केवाईसी कराने की तैयारी

अगर आप पीएफ के सदस्य हैं और अब तक केवाईसी अपडेट नहीं करवाई है, तो इसमें देरी नहीं करनी चाहिए। इसके लिए आपके पास यूएएन नंबर, पीएफ खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर, आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक खाते की जानकारी होनी चाहिए। ये सभी विवरण सही और आपस में मेल खाते होने चाहिए।

पहला चरण: ईपीएफओ पोर्टल पर जाना

केवाईसी की प्रक्रिया शुरू करने के लिए सबसे पहले ईपीएफओ के आधिकारिक मेंबर पोर्टल (nifiedportal-mem.epfindia.gov.in/memberinterface) पर जाना होता है। यहां पहुंचने के बाद आपको लॉगिन करना होगा। लॉगिन के लिए यूएएन नंबर, पासवर्ड और स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड भरना होता है। यह वही यूएएन है, जो नौकरी के दौरान आपको दिया जाता है और जिससे आपका पीएफ खाता जुड़ा रहता है।

दूसरा चरण: ओटीपी से सत्यापन

लॉगिन विवरण भरने के बाद आपके पीएफ खाते से जुड़े मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी भेजा जाता है। इस ओटीपी को तय जगह पर दर्ज करते ही आपका लॉगिन पूरा हो जाता है। इसके बाद आप अपने पीएफ अकाउंट के डैशबोर्ड पर पहुंच जाते हैं, जहां खाते से जुड़ी कई जानकारियां दिखाई देती हैं।

तीसरा चरण: केवाईसी विकल्प चुनना

लॉगिन करने के बाद वेबसाइट पर अलग-अलग सेक्शन दिखाई देते हैं। इनमें से आपको मैनेज सेक्शन में जाना होता है। इसी सेक्शन में केवाईसी से जुड़ा विकल्प दिया होता है। इस पर क्लिक करते ही केवाईसी अपडेट करने का पेज खुल जाता है।

चौथा चरण: आवश्यक जानकारी भरना

अब आपके सामने एक फॉर्म दिखाई देगा। इसमें आपको अपने दस्तावेजों की जानकारी भरनी होती है। यहां आधार नंबर, पैन नंबर और बैंक खाते से जुड़ी जानकारी मांगी जाती है। अगर इनमें से कोई जानकारी पहले से अपडेट नहीं है या गलत है, तो आप उसे सही तरीके से भर सकते हैं। जिस दस्तावेज को अपडेट करना है, उसके सामने दिए गए विकल्प पर चयन करना होता है।

पांचवां चरण: विवरण सेव करना

सारी जानकारी ध्यान से भरने के बाद आपको पेंडिंग केवाईसी सेक्शन में जाना होता है। यहां सेव करने का विकल्प मिलता है। सेव पर क्लिक करते ही आपकी केवाईसी अपडेट रिक्वेस्ट सिस्टम में चली जाती है। इसके बाद आपके केवाईसी स्टेटस में पेंडिंग दिखने लगता है।

छठा चरण: अप्रूवल की प्रक्रिया

केवाईसी अपडेट करने के बाद आखिरी और जरूरी चरण होता है अप्रूवल का। अलग-अलग जानकारी के अप्रूवल की जिम्मेदारी अलग-अलग विभागों की होती है। बैंक खाते से जुड़ी जानकारी आमतौर पर आपकी कंपनी का एचआर या नियोक्ता अप्रूव करता है। वहीं, आधार कार्ड और पैन कार्ड से जुड़ी जानकारी का सत्यापन ईपीएफओ की ओर से किया जाता है। जब संबंधित विभाग इसे मंजूरी दे देता है, तो आपकी केवाईसी पूरी तरह अपडेट हो जाती है।

केवाईसी पूरी होने के फायदे

एक बार केवाईसी पूरी हो जाने के बाद पीएफ से जुड़े ज्यादातर काम आसान हो जाते हैं। पीएफ निकासी का दावा जल्दी निपटता है, पैसा सीधे बैंक खाते में पहुंचता है और किसी तरह की तकनीकी अड़चन का सामना नहीं करना पड़ता। इसके अलावा, नौकरी बदलने पर पीएफ ट्रांसफर भी बिना रुकावट के हो जाता है। कुल मिलाकर, पीएफ खाते की केवाईसी एक छोटा सा काम है, लेकिन इसके फायदे लंबे समय तक मिलते हैं। थोड़ी सी लापरवाही आगे चलकर बड़ी परेशानी बन सकती है। इसलिए अगर आपने अब तक केवाईसी अपडेट नहीं की है, तो जल्द से जल्द यह प्रक्रिया पूरी कर लेना समझदारी भरा कदम होगा।

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