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EPFO inactive account money refund: ईपीएफओ के निष्क्रिय खातों में फंसे पैसे वापस करने चलेगा अभियान, किसी भी रीजनल ऑफिस से होंगे देश भर के काम

EPFO inactive account money refund: गुजरात के औद्योगिक क्षेत्र वटवा में एक ऐसा भवन जनता को समर्पित किया गया, जो सिर्फ ईंट और सीमेंट का ढांचा नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों श्रमिकों के भरोसे और भविष्य की सुरक्षा का प्रतीक बनकर खड़ा होगा। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के नए क्षेत्रीय कार्यालय के उद्घाटन के साथ ही सामाजिक सुरक्षा, भरोसे और सेवा सुधारों की दिशा में एक और अहम कदम जुड़ गया। इस मौके पर सरकार ने न सिर्फ नई इमारत की उपयोगिता बताई, बल्कि ईपीएफओ से जुड़ी कई बड़ी योजनाओं और सुधारों का खाका भी सामने रखा।

वटवा में भविष्य निधि भवन का लोकार्पण

श्रम एवं रोज़गार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने गुजरात के वटवा क्षेत्र में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के नव-निर्मित क्षेत्रीय कार्यालय भवन का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में अहमदाबाद पश्चिम के सांसद दिनेश मकवाना, अमराईवाड़ी विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. हसमुखभाई पटेल, मणिनगर के विधायक अमूलभाई भट्ट सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। स्थानीय लोगों और ईपीएफओ से जुड़े हितधारकों की भी इस कार्यक्रम में उल्लेखनीय उपस्थिति रही।

मेहनतकश लोगों की गाढ़ी कमाई रहेगी सुरक्षित

अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि यह नई इमारत केवल एक सरकारी कार्यालय नहीं है, बल्कि यह श्रमिकों की आस्था और विश्वास का केंद्र है। उन्होंने कहा कि ईपीएफओ का मूल उद्देश्य देश के मेहनतकश लोगों की गाढ़ी कमाई को सुरक्षित रखना है। आज यह संगठन करोड़ों कर्मचारियों के भविष्य की जिम्मेदारी निभा रहा है। उन्होंने बताया कि ईपीएफओ के पास इस समय करीब 28 लाख करोड़ रुपये का फंड है, जिस पर 8.25 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दिया जा रहा है। मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि जब किसी श्रमिक का पैसा ईपीएफओ में जमा होता है, तो वह भारत सरकार की गारंटी के साथ सुरक्षित रहता है।

श्रमिक का सम्मान और ईमानदार कार्य संस्कृति

डॉ. मांडविया ने नए कार्यालय को श्रमिकों का मंदिर बताते हुए कहा कि देश की श्रम शक्ति का सच्चा सम्मान तभी होगा, जब सरकारी संस्थान ईमानदारी और मूल्यों के साथ काम करें। उन्होंने कहा कि ईपीएफओ जैसे संगठन राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं और इनके माध्यम से श्रमिकों को सुरक्षा और आत्मसम्मान दोनों मिलता है।

ईपीएफओ सेवाओं में बड़े सुधारों की घोषणा

कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने ईपीएफओ की सेवाओं को और बेहतर बनाने से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुधारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में देश भर के नए और कई मौजूदा ईपीएफओ कार्यालयों को आधुनिक रूप दिया जाएगा। इन कार्यालयों को पासपोर्ट सेवा केंद्र की तर्ज पर सिंगल विंडो सर्विस सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसका सीधा लाभ यह होगा कि कोई भी व्यक्ति देश के किसी भी क्षेत्रीय कार्यालय में जाकर अपनी ईपीएफ से जुड़ी समस्या का समाधान करवा सकेगा।

अब किसी भी कार्यालय में मिल सकेगी सुविधा

डॉ. मांडविया ने बताया कि इस व्यवस्था का एक प्रायोगिक प्रोजेक्ट दिल्ली में पहले ही शुरू किया जा चुका है। भविष्य में यह व्यवस्था पूरे देश में लागू होगी। इसके बाद लाभार्थी को अपने पुराने या मूल कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। वह जहां भी होगा, नजदीकी ईपीएफओ कार्यालय में अपनी समस्या दर्ज करवा सकेगा और उसका समाधान पा सकेगा।

डिजिटल से अनजान लोगों के लिए सुविधा प्रदाता

केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार उन कर्मचारियों का भी ध्यान रख रही है, जो पहली बार ईपीएफ सेवाओं का उपयोग करते हैं या डिजिटल प्रक्रियाओं से परिचित नहीं हैं। ऐसे लोगों की मदद के लिए जल्द ही ईपीएफ सुविधा प्रदाताओं की व्यवस्था शुरू की जाएगी। ये अधिकृत फैसिलिटेटर होंगे, जो लोगों को क्लेम फाइल करने, केवाईसी अपडेट कराने और अन्य समस्याओं के समाधान में मार्गदर्शन देंगे। इस तरह ये सुविधा प्रदाता ईपीएफओ और आम नागरिकों के बीच सेतु का काम करेंगे।

निष्क्रिय खातों के लिए चलाया जाएगा विशेष अभियान

डॉ. मांडविया ने बताया कि बड़ी संख्या में कर्मचारियों की जमा राशि निष्क्रिय खातों में पड़ी हुई है। इस समस्या को दूर करने के लिए ईपीएफओ मिशन मोड में केवाईसी सत्यापन का अभियान चलाएगा। इसके साथ ही एक विशेष डिजिटल प्लेटफॉर्म भी शुरू किया जाएगा, जिससे सही दावेदार आसानी से क्लेम फाइल कर सके और बिना किसी परेशानी के उसका निपटारा हो सके।

विदेश में काम करने वाले भारतीयों की सामाजिक सुरक्षा

केंद्रीय मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि भारत के मुक्त व्यापार समझौतों में अब सामाजिक सुरक्षा से जुड़े प्रावधान शामिल किए जाएंगे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विदेश में काम करने वाले भारतीय कर्मचारी भारत लौटने के बाद भी अपने पीएफ योगदान का लाभ ले सकें। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि भारत और ब्रिटेन के बीच हुए समझौते में इस तरह का प्रावधान रखा गया है।

सामाजिक सुरक्षा कवरेज में ऐतिहासिक बढ़ोतरी

डॉ. मांडविया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में आए बड़े बदलावों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से पहले अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन के आंकड़ों के अनुसार भारत में केवल 19 प्रतिशत आबादी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में थी। आज यह आंकड़ा बढ़कर 64 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन और अंतरराष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा संघ जैसे वैश्विक संस्थान भारत की इस प्रगति की सराहना कर रहे हैं। वर्तमान में लगभग 94 करोड़ लोग सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के अंतर्गत आते हैं, जिससे भारत इस मामले में दुनिया में दूसरे स्थान पर है। मार्च 2026 तक 100 करोड़ नागरिकों को इस दायरे में लाने का लक्ष्य रखा गया है।

देश की आर्थिक मजबूती और रोजगार की स्थिति

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कोविड महामारी के बाद जहां वैश्विक अर्थव्यवस्था कई चुनौतियों से जूझ रही है, वहीं भारत 8.25 प्रतिशत की मजबूत विकास दर के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि जब अर्थव्यवस्था मजबूत होती है, तो आय, खपत और उत्पादन में वृद्धि होती है, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं। वर्तमान में देश में बेरोजगारी दर 3.2 प्रतिशत है, जो कई विकसित देशों की तुलना में काफी कम है।

ईपीएफओ प्रक्रियाओं को बनाया गया सरल

डॉ. मांडविया ने बताया कि ईपीएफओ लगातार अपनी प्रक्रियाओं को आसान और तकनीक आधारित बना रहा है। अब पांच लाख रुपये तक के सेटलमेंट स्वतः प्रक्रिया के तहत निपटाए जा रहे हैं। ईपीएफ बैलेंस का 75 प्रतिशत तक निकालना आसान कर दिया गया है। अकाउंट ट्रांसफर की प्रक्रिया भी सरल हुई है और अब सदस्य देश के किसी भी ईपीएफओ कार्यालय में अपनी समस्या का समाधान करवा सकते हैं।

रोजगार सृजन में योगदान देने वालों का सम्मान

इस अवसर पर उन संस्थानों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत रोजगार सृजन में अहम भूमिका निभाई है। इस योजना की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में की थी। इसका उद्देश्य अगले दो वर्षों में देश में 3.5 करोड़ नई नौकरियों के सृजन को प्रोत्साहित करना है।

आधुनिक सुविधाओं से लैस नया भवन

नया भविष्य निधि भवन करीब 10.12 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। इसका कुल निर्मित क्षेत्रफल 1,723.46 वर्ग मीटर है। इस भवन में सौर ऊर्जा संयंत्र, वर्षा जल संचयन प्रणाली, केंद्रीकृत वातानुकूलन, बिजली बैकअप के लिए जनरेटर और भूमिगत पार्किंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। भवन को इस तरह डिजाइन किया गया है कि इसमें सब्सक्राइबर, पेंशनर, दिव्यांगजन और कर्मचारियों सभी की जरूरतों का ध्यान रखा गया है।

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उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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