Betul Medical College: बैतूल को मिलेगा मेडिकल कॉलेज का तोहफा, 75% मरीजों का होगा मुफ्त इलाज: हेमंत खंडेलवाल
Betul Medical College: बैतूल जिले के लिए स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। वर्षों से जिस सुविधा का इंतजार जिले के लोग कर रहे थे, वह सपना अब साकार होने की कगार पर है। मेडिकल कॉलेज की स्थापना न केवल इलाज को आसान बनाएगी, बल्कि शिक्षा और रोजगार के नए रास्ते भी खोलेगी।
स्वास्थ्य सुविधाओं में ऐतिहासिक कदम
बैतूल जिले के इतिहास में 23 दिसंबर का दिन विशेष महत्व रखने वाला है। जिले में बहुप्रतीक्षित मेडिकल कॉलेज की आधारशिला रखी जाएगी। इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगतप्रकाश नड्डा और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उपस्थित रहेंगे। मेडिकल कॉलेज की स्थापना से जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा और गति मिलने की उम्मीद है।
आदिवासी जिले को बड़ी सौगात
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और विधायक हेमंत खंडेलवाल ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि बैतूल जैसे आदिवासी बहुल जिले में मेडिकल कॉलेज खुलना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। इससे जिले के लोगों को बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी। अब गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज के लिए बाहर बड़े शहरों की ओर जाना मजबूरी नहीं रहेगा।

आधुनिक तकनीक के साथ किफायती इलाज
हेमंत खंडेलवाल ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से इलाज की सुविधा दी जाएगी। खास बात यह है कि इलाज की दरें आम लोगों की पहुंच में रहेंगी। गरीब और जरूरतमंद मरीजों को निशुल्क उपचार की सुविधा भी मिलेगी, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को बड़ा लाभ होगा।
तीन साल में तैयार होगा कॉलेज
उन्होंने जानकारी दी कि मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य आने वाले तीन वर्षों में पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद कॉलेज का संचालन शुरू हो जाएगा। यह मेडिकल कॉलेज पीपीपी मॉडल के तहत संचालित किया जाएगा, जिसमें निजी भागीदारी के साथ-साथ सरकार की भी अहम भूमिका और नियंत्रण रहेगा।
पीपीपी मॉडल को लेकर भ्रम दूर
हेमंत खंडेलवाल ने स्पष्ट किया कि पीपीपी मॉडल को केवल निजी व्यवस्था मानना सही नहीं है। इसमें सरकार की निगरानी और सहभागिता बनी रहती है। जनता के बीच किसी तरह का भ्रम न रहे, इसलिए इस व्यवस्था को लेकर स्थिति साफ करना जरूरी है।
75 प्रतिशत बिस्तरों पर फ्री इलाज
मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध कुल बिस्तरों में से 75 प्रतिशत बिस्तरों पर मरीजों का इलाज पूरी तरह निशुल्क किया जाएगा, जैसा कि वर्तमान सरकारी अस्पतालों में होता है। शेष 25 प्रतिशत बिस्तरों पर उपचार के लिए समिति द्वारा तय किया गया शुल्क लिया जाएगा। मध्यम वर्ग और गैर आयकर दाताओं को रियायती दरों पर इलाज की सुविधा मिलेगी। वहीं आयकरदाता और संपन्न नागरिक भी सीजीएचएस पैकेज दरों के अनुसार किफायती इलाज करा सकेंगे।
स्थानीय स्तर पर जटिल बीमारियों का इलाज
मेडिकल कॉलेज में निजी डॉक्टरों की सेवाएं भी उपलब्ध रहेंगी, जिससे सुविधाओं का दायरा और बढ़ेगा। अब जिले के लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए नागपुर या भोपाल जैसे बड़े शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। बैतूल में ही उच्च स्तर का उपचार संभव हो सकेगा।
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रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
आमला विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे ने कहा कि मेडिकल कॉलेज रोजगार के लिहाज से भी जिले के लिए मील का पत्थर साबित होगा। कॉलेज के शुरू होने से डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य सहायक कर्मचारियों के लिए बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
इन क्षेत्रों में भी होगा विकास
उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज के कारण आसपास के क्षेत्रों में रियल एस्टेट, खानपान और अन्य छोटे-बड़े व्यवसायों को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे जिले की स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
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शिक्षा और शोध का बनेगा केंद्र
मेडिकल कॉलेज खुलने से बैतूल चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरेगा। स्थानीय विद्यार्थियों को मेडिकल शिक्षा के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे बैतूल शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनते हुए आगे बढ़ेगा।
पत्रकार वार्ता में यह भी रहे उपस्थित
इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष सुधाकर पवार, भैंसदेही विधायक महेंद्र सिंह चौहान सहित अन्य जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
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