Bhopal Metropolitan Region: भोपाल और आसपास के जिलों को एक साथ विकसित करने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। भोपाल मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र को मौजूदा योजना से बढ़ाकर लगभग 10 हजार वर्ग किलोमीटर तक विस्तारित करने की तैयारी है। इसके लिए शासन द्वारा बनाए गए नियमों को इसी सप्ताह अधिसूचित किया जाएगा। नियम लागू होते ही इस महत्वाकांक्षी योजना पर काम तेज हो जाएगा।
नई व्यवस्था के तहत भोपाल मेट्रोपॉलिटन अथॉरिटी एक्ट के माध्यम से पूरे क्षेत्र में उद्योग, पर्यटन और आधारभूत ढांचे से जुड़ी योजनाओं को एक साथ तय किया जाएगा। इसका मकसद राजधानी और उसके आसपास के जिलों का संतुलित और दीर्घकालीन विकास करना है।
जिलों की तय भूमिका और विकास मॉडल
इस योजना में हर जिले को उसकी विशेषता के अनुसार विकसित किया जाएगा। भोपाल को मुख्य शहरी केंद्र के रूप में रखा जाएगा। सीहोर और रायसेन को औद्योगिक गतिविधियों का केंद्र बनाया जाएगा, ताकि यहां निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ सकें। विदिशा को विरासत और सांस्कृतिक पहचान के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। वहीं राजगढ़ जिले को कृषि आधारित गतिविधियों और उद्योगों का प्रमुख क्षेत्र बनाया जाएगा।
मेट्रोपॉलिटन रीजन में भोपाल, विदिशा, राजगढ़, सीहोर और रायसेन जिलों के चुनिंदा हिस्से शामिल किए जा रहे हैं। शुरुआती स्तर पर तैयार किए गए नक्शे में इसका क्षेत्रफल 8791 वर्ग किलोमीटर तय किया गया था, जिसे अब और बढ़ाने की योजना है।
प्लानिंग और नोडल एजेंसी की भूमिका
नगर तथा ग्राम निवेश विभाग के आयुक्त श्रीकांत बनौठ के अनुसार, भोपाल विकास प्राधिकरण को इस पूरे मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के लिए नोडल एजेंसी बनाया गया है। योजना तैयार करने के लिए अहमदाबाद की सेप्ट यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर काम किया जा रहा है। विशेषज्ञों की मदद से क्षेत्र के विकास का विस्तृत खाका तैयार किया जा रहा है।
सीहोर और रायसेन में इंडस्ट्री कॉरिडोर के रूप में विकास की योजना है, ताकि यहां बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित किया जा सके। वहीं राजगढ़ जिले में कृषि पर आधारित नए बाजार विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही छोटे-छोटे सेटेलाइट टाउन, पर्यटन केंद्र और पर्यटन सर्किट भी प्रस्तावित हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष फोकस
इस योजना में शहरी इलाकों पर दबाव कम करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष आवासीय क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। यहां रहने वालों के लिए कार्यस्थलों तक पहुंच आसान बनाने के लिए सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। इससे शहरों में भीड़ कम होगी और ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाएं बढ़ेंगी।
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इन क्षेत्रों को किया जाएगा शामिल
रायसेन जिले से रायसेन और औबेदुल्लागंज क्षेत्र शामिल होंगे। विदिशा जिले से विदिशा, ग्यारसपुर और गुलाबगंज को योजना में रखा गया है। सीहोर जिले से सीहोर, इछावर, आष्टा, श्यामपुर और जावर शामिल किए गए हैं। राजगढ़ जिले से नरसिंहगढ़, जीरापुर, ब्यावरा, पिछोर और खुजनेर को जोड़ा गया है। भोपाल जिले से हुजूर और बैरसिया क्षेत्र मेट्रोपॉलिटन रीजन का हिस्सा होंगे।
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विकास की समग्र योजना बनेगी
पूरे क्षेत्र के विकास के लिए अलग-अलग स्तर पर योजना बनाई जाएगी। इसमें क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, ग्रोथ सेंटर की पहचान, सेटेलाइट टाउन का चयन, पर्यटन केंद्रों का विकास, पर्यावरण संरक्षण और उपजाऊ कृषि भूमि को सुरक्षित रखने की रणनीति शामिल है। इसके साथ ही एक कैपिटल इन्वेस्टमेंट प्लान तैयार किया जाएगा, जिसमें सड़कें, प्राकृतिक नाले, जनसुविधाएं, सेवाएं और आर्थिक विकास का पूरा रोडमैप शामिल रहेगा।
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