Surya Grahan 2025: कुछ पहले ही चंद्र ग्रहण लगा था और अब सूर्य ग्रहण की बारी है। एक महीने में लगने वाला यह दूसरा ग्रहण होगा और साल का दूसरा तथा आखरी सूर्य ग्रहण। सूर्य ग्रहण लगने की खबर लगते ही लोगों को यह जानने की उत्सुकता है कि इसका किस पर क्या असर होगा। साथ ही उसी दिन पितृ पक्ष भी समाप्त हो रहे हैं, ऐसे में वे धार्मिक कार्य कर सकते हैं या नहीं।
यह सब जानने के पहले हम यह जान लेते हैं कि ग्रहण को लेकर ज्योतिष शास्त्र क्या कहता है और वैज्ञानिकों का क्या मानना है। यदि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार देखें तो एक माह में दो बड़े ग्रहण होना शुभ संकेत नहीं माना जाता है। वहीं विज्ञान की दृष्टि से देखें तो यह केवल एक प्राकृतिक खगोलीय घटना भर है। उनके अनुसार यह एक साधारण घटना है जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा एक सीध में आ जाते हैं।

कब से कब तक रहेगा Surya Grahan 2025
अब देखते हैं कि Surya Grahan 2025 का भारत में क्या असर पड़ेगा। इन सभी मुद्दों को लेकर न्यूज 18 ने देवघर के ज्योतिषाचार्य पंडित नंदकिशोर मुद्गल से चर्चा कर विस्तृत रिपोर्ट दी है। उनके अनुसार सूर्य ग्रहण 21 सितंबर की रात 10 बजकर 59 मिनट से शुरू होगा और इसका समापन अगले दिन सुबह 3 बजकर 23 मिनट पर होगा। यह एक आंशिक सूर्य ग्रहण रहेगा, जिसमें चंद्रमा सूर्य के कुछ हिस्से को ही ढकेगा।
भारत पर कितना पड़ेगा असर
खास बात यह है कि यह Surya Grahan 2025 भारत में कहीं भी दिखाई नहीं देगा। इसलिए यहां इसका कोई धार्मिक या प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं होगा। ज्योतिषाचार्य पंडित मुद्गल का कहना है कि जब किसी देश में ग्रहण दिखाई नहीं देता तो वहां इसका सूतक काल भी लागू नहीं होता। इसी वजह से भारत में लोग इस दौरान सामान्य रूप से अपने धार्मिक और सामाजिक कार्य कर सकते हैं।

Surya Grahan 2025 में क्या होगा, क्या नहीं
सूतक नहीं होने से सूर्य ग्रहण के समय मंदिरों के द्वार बंद नहीं होंगे और न ही पूजा-पाठ या अन्य कार्यों पर कोई रोक लगेगी। साल के अंतिम सूर्य ग्रहण का संयोग पितृपक्ष की अमावस्या से भी जुड़ रहा है। यही कारण है कि इसे लेकर लोगों में खासा असमंजस है।
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क्या पितरों का तर्पण कर पाएंगे
हिंदू परंपरा के अनुसार अमावस्या तिथि पर पितरों का तर्पण और श्राद्ध करना विशेष फलदायी माना जाता है। चूंकि यह Surya Grahan 2025 भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए सूतक काल की बाध्यता भी नहीं रहेगी। ऐसे में जो लोग अपने पितरों का तर्पण करना चाहते हैं, वे अमावस्या के दिन दोपहर के समय विधिपूर्वक यह कर्म कर सकते हैं।
राशियों पर असर की संभावना
हालांकि भारत में Surya Grahan 2025 दिखाई नहीं देगा, फिर भी ज्योतिष दृष्टि से इसका असर राशियों पर अवश्य पड़ेगा। ग्रहण को हमेशा परिवर्तनकारी घटना माना जाता है, जो व्यक्ति के विचारों, भावनाओं और निर्णयों को प्रभावित कर सकती है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह ग्रहण कुछ राशियों के लिए चुनौतियां ला सकता है, वहीं कुछ राशियों को नए अवसर मिलने की संभावना भी रहेगी।
प्रभाव को लेकर वैज्ञानिकों की राय
दूसरी ओर विज्ञान की दृष्टि से ग्रहण एक साधारण खगोलीय घटना है। जब पृथ्वी और चंद्रमा की स्थिति सूर्य की रोशनी को आंशिक रूप से रोक देती है तो उसे सूर्य ग्रहण कहा जाता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि ग्रहण का किसी व्यक्ति की किस्मत या राशियों से कोई संबंध नहीं है। इसके बावजूद समाज में ग्रहण को लेकर धार्मिक मान्यताएं और परंपराएं गहराई से जुड़ी हुई हैं।
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