MP Pax Employees Strike: मध्यप्रदेश सहकारिता समिति कर्मचारी महासंघ, भोपाल जिला इकाई बैतूल के पैक्स कर्मचारी गुरुवार 11 सितंबर को भी जिला उद्योग कार्यालय के सामने हड़ताल पर डटे रहे। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी लंबित तीन सूत्रीय मांगों का निराकरण नहीं होता और शासन द्वारा जारी आदेशों का पालन जिला स्तर पर सुनिश्चित नहीं किया जाता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।
महासंघ के जिला अध्यक्ष अरुण अडलक ने बताया कि बीते 19 अगस्त को महासंघ पदाधिकारियों और आयुक्त एवं पंजीयक, सहकारी संस्थाएं, विंध्याचल भवन के बीच हुई बैठक में तीन प्रमुख मांगों को लेकर चर्चा हुई, लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं होने पर MP Pax Employees Strike आंदोलन को जारी रखने का फैसला किया गया।
कर्मचारियों की यह हैं मांगें
महासंघ की प्रमुख मांगें हैं कि 60 प्रतिशत पैक्स कर्मचारियों का जिला सहकारी बैंकों में चयन आज तक नहीं हो पाया है, जिसे तत्काल पूरा किया जाएं। अक्टूबर 2023 से प्रति विक्रेता 18 माह के 54000 रुपये की राशि केवल 18 जिलों को प्रदान की गई है, शेष 34 जिलों के कर्मचारियों को अब तक भुगतान नहीं मिला है। वहीं कई जिलों में अभी भी कर्मचारियों को बढ़ा हुआ वेतन नहीं मिल रहा है, जिसे शासन द्वारा जारी आदेश के अनुरूप तत्काल लागू कराया जाएं।
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आदेश की अनदेखी कर रहे अफसर
महासंघ ने बताया कि इन मांगों के लिए पूर्व में आदेश जारी हो चुके हैं, लेकिन जिले और संभाग स्तर पर अधिकारी आदेशों की अनदेखी कर रहे हैं। जिससे प्रदेश के लगभग 55000 सहकारी समिति कर्मचारियों में आक्रोश है। इसी के चलते प्रांतीय कार्यकारिणी ने चरणबद्ध आंदोलन (MP Pax Employees Strike) की घोषणा की है।
26 को मुख्यमंत्री निवास का घेराव
ज्ञापन में महासंघ ने बताया कि 26 सितंबर को भोपाल में विशाल प्रदर्शन, चक्काजाम और मुख्यमंत्री निवास, सहकारिता मंत्री निवास, विंध्याचल भवन जैसे स्थलों पर घेराव किया जाएगा। महासंघ ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि इन मांगों का समाधान निर्धारित तिथियों के पूर्व नहीं किया गया तो कर्मचारियों को आंदोलन (MP Pax Employees Strike) के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
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खाद-बीज की सेवाएं होंगी बाधित
ऐसा करने पर खाद-बीज वितरण जैसी आवश्यक सेवाएं बाधित होंगी, इसकी संपूर्ण जवाबदारी शासन और प्रशासन की होगी। जिला अध्यक्ष अरुण अडलक का कहना है कि शासन द्वारा पैक्स कर्मचारियों के हित में निर्णय लिया जाता है तो पैक्स संस्थाएं की वित्तीय स्थिति में सुधार होगा और कर्मचारियों का भविष्य उज्जवल होगा।
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