Madhya Pradesh Rain Alert: मध्यप्रदेश में इस बार मानसून ने खासी मेहरबानी दिखाई। इसी का नतीजा है कि राज्य में औसत से अधिक बारिश हो चुकी है। फिलहाल मानसून का सिस्टम कमजोर पड़ा है। इसके बावजूद प्रदेश के 4 जिलों में अगले 24 घंटों में भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने इसका अलर्ट जारी किया है।
सारे सिस्टम का असर प्रदेश से दूर
वर्तमान में प्रदेश में मानसून की सक्रियता कमजोर है। एक ओर ट्रफ लाइन, डिप्रेशन और साइक्लोनिक सर्कुलेशन जैसे सिस्टम बने हुए हैं, लेकिन उनका असर प्रदेश से दूर है। इसी कारण अधिकतर जिलों में बारिश नहीं हो रही, जबकि कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि सितंबर के दूसरे हिस्से में प्रदेश में बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है।
आज इन जिलों में हो सकती है बारिश
मौसम विभाग ने गुरुवार को मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर और बालाघाट के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में अगले 24 घंटे में ढाई से साढ़े चार इंच तक पानी गिर सकता है। भोपाल में हल्की बारिश होने का अनुमान है। इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर में भी मौसम का मिजाज बदल सकता है।

बीते 24 घंटे में यहां पर हुई वर्षा
बुधवार को प्रदेश के कई हिस्सों में रिमझिम से लेकर तेज बारिश देखने को मिली। डिंडौरी में अच्छी खासी बारिश हुई। नर्मदापुरम में लगातार बारिश होने से तवा डैम एक बार फिर भर गया और पानी छोड़ा गया। बालाघाट के मलाजखंड में भी तेज वर्षा दर्ज की गई, जबकि छिंदवाड़ा में आधा इंच पानी गिरा। भोपाल, पचमढ़ी, खजुराहो और सीधी समेत कई जगहों पर भी हल्की बरसात हुई।
कहीं ज्यादा बरसात तो कहीं सूखा
प्रदेश में इस साल का मानसून अलग-अलग इलाकों में अलग असर डाल रहा है। औसत बारिश का आंकड़ा सामान्य से करीब 10 प्रतिशत ऊपर है, लेकिन कई जिले अब भी पानी की कमी से जूझ रहे हैं। लगभग 20 जिलों में अब तक निर्धारित कोटा पूरा नहीं हो पाया है। कई इलाके ऐसे भी हैं जहां आवश्यकता से अधिक बारिश हो चुकी है।

मालवा-निमाड़ में सबसे कम बरसे
प्रदेश के मालवा और निमाड़ क्षेत्र में बारिश की कमी सबसे ज्यादा महसूस की जा रही है। इंदौर और उज्जैन संभाग के कुछ जिले अब तक सामान्य स्तर से काफी पीछे हैं। खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, शाजापुर और बड़वानी में 27 इंच से कम पानी दर्ज हुआ है। यहां के किसानों को अभी भी आसमान से मेहरबानी की उम्मीद है। हालांकि, आने वाले दिनों में इस क्षेत्र में तेज बारिश होने के आसार जताए जा रहे हैं।
प्रदेश में औसत से अधिक बारिश
इस बार मानसून 16 जून को मध्यप्रदेश में दाखिल हुआ था। तब से अब तक औसतन 41.6 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य तौर पर इस अवधि तक 34 इंच वर्षा होनी चाहिए थी। यानी अभी तक 7.6 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। अगर पूरे सीजन की बात करें तो सामान्य बारिश का औसत 37 इंच है, जो पिछले हफ्ते ही पूरा हो गया था। अभी तक कुल 4.6 इंच पानी अतिरिक्त दर्ज हो चुका है।
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इन जिलों में पूरा हुआ बारिश का कोटा
प्रदेश के 30 जिलों ने बारिश का लक्ष्य पूरा कर लिया है। इनमें भोपाल, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, अलीराजपुर, बड़वानी, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना और उमरिया शामिल हैं। कई जिलों में बारिश सामान्य से डेढ़ से दो गुना अधिक हुई है। श्योपुर में तो कुल बारिश 213 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।
ग्वालियर और चंबल में भरपूर बरसात
मध्यप्रदेश के ग्वालियर और चंबल संभाग में इस बार मानसून ने जमकर बरसात की है। यहां के आठों जिलों में सामान्य से अधिक पानी गिर चुका है। ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर पूरी तरह तरबतर हैं। इन इलाकों में कहीं-कहीं जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति भी बनी।
पूर्वी हिस्सों में भी अच्छी बारिश
पूर्वी मध्यप्रदेश यानी जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में तेज बारिश का असर दिखा। यहां मानसून के स्ट्रॉन्ग सिस्टम लगातार सक्रिय रहे। छतरपुर, मंडला, टीकमगढ़ और उमरिया जैसे जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई थी।
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किन जिलों में अभी भी कमी
नर्मदापुरम संभाग के किसी भी जिले में अब तक बारिश का आंकड़ा पूरा नहीं हुआ है। वहीं, भोपाल संभाग के चार, इंदौर के दो, जबलपुर के चार, ग्वालियर-चंबल के आठ, सागर और उज्जैन संभाग के चार-चार, रीवा के तीन और शहडोल का एक जिला ऐसा है, जहां पर्याप्त बारिश हो चुकी है।
सबसे ज्यादा गुना, सबसे कम खरगौन पीछे
अब तक हुई बारिश के आधार पर टॉप-5 जिलों की सूची तैयार करें तो गुना सबसे ऊपर है। यहां 65 इंच बारिश हो चुकी है। इसके बाद मंडला 56.8 इंच, श्योपुर 56.3 इंच, शिवपुरी 54.2 इंच और अशोकनगर 54.1 इंच के साथ आगे हैं।
दूसरी ओर, सबसे कम पानी खरगोन में दर्ज हुआ है, जहां अब तक केवल 25.7 इंच बारिश हुई है। इसके बाद बुरहानपुर (25.9 इंच), खंडवा (26.8 इंच), शाजापुर (26.8 इंच) और बड़वानी (26.9 इंच) का स्थान आता है।
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