Mobile Number Update: वाहन रजिस्ट्रेशन डेटाबेस में मोबाइल नंबर अपडेट करना हुआ अनिवार्य, जानें पूरी प्रक्रिया
Mobile Number Update: मध्यप्रदेश में वाहनों के रजिस्ट्रेशन डेटाबेस में मोबाइल नंबर अपडेट कराना अनिवार्य कर दिया गया है। मोबाइल नंबर अपडेट नहीं होने से भविष्य में कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
इसी कड़ी में परिवहन विभाग ने हाल ही में वाहन मालिकों और ड्राइविंग लाइसेंस धारकों के लिये विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है- वाहन सारथी डेटाबेस में सही और सक्रिय मोबाइल नंबर अपडेट कराना।
क्यों जरुरी है मोबाइल नंबर अपडेट करना
आज के डिजिटल युग में लगभग हर सरकारी सेवा का लाभ ओटीपी आधारित सत्यापन से जुड़ा है। ऐसे में यदि डेटाबेस में गलत या पुराना नंबर दर्ज है तो आवेदक कई सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं।
कैसे होती है मोबाइल नंबर दर्ज कराने में गड़बड़ी?
- वाहन खरीदते समय अक्सर लोग स्वयं का नंबर दर्ज करने की बजाय डीलर पर निर्भर रहते हैं। कई मामलों में डीलर अपने मोबाइल नंबर दर्ज कर देते हैं।
- समय बीतने के साथ जब वाहन स्वामी नंबर बदल लेते हैं या पुराना नंबर बंद हो जाता है, तब परिवहन विभाग की प्रणाली में दर्ज जानकारी निष्क्रिय हो जाती है।
इस स्थिति में:
- वाहन स्वामी तक चालान या नोटिस की सूचना नहीं पहुँच पाती।
- कई ऑनलाइन सेवाओं में ओटीपी वेरिफिकेशन फेल हो जाता है।
- समय पर शुल्क जमा न करने पर अतिरिक्त कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
ऑनलाइन अपडेट की आसान सुविधा
परिवहन विभाग ने बताया कि अब वाहन मालिक या ड्राइविंग लाइसेंस धारक स्वयं ही वाहन सारथी पोर्टल (https://parivahan.gov.in) पर जाकर मोबाइल नंबर अपडेट कर सकते हैं।
इसके लिये:
- पोर्टल पर लॉगिन करें।
- Aadhaar आधारित प्रमाणीकरण चुनें।
- यदि आधार में दर्ज नाम और डेटाबेस में दर्ज नाम पूरी तरह से मेल खाता है तो अपडेट तुरंत हो जाएगा।
- नाम में फर्क होने पर अतिरिक्त दस्तावेज़ (जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी या पासपोर्ट) अपलोड करने पड़ेंगे।
- आरटीओ कार्यालय द्वारा सत्यापन के बाद नंबर बदल जाएगा।
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ओटीपी वेरिफिकेशन का महत्व
वर्तमान में सभी वाहन संबंधित सेवाएँ-
- वाहन पंजीयन
- ड्राइविंग लाइसेंस
- फिटनेस सर्टिफिकेट
- टैक्स भुगतान
- और चालान भुगतान
-सबकुछ ऑनलाइन उपलब्ध है। इन सेवाओं के लिये रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी आना अनिवार्य है।
यदि नंबर अपडेटेड नहीं है तो:
- सेवाओं का लाभ नहीं मिलेगा।
- चालान या कोर्ट नोटिस की जानकारी समय पर नहीं मिलेगी।
- विभागीय सेवाएँ लंबित हो सकती हैं।
गलत नंबर होने पर कानूनी परेशानी
- कई बार वाहन के खिलाफ चालान कटता है लेकिन वाहन स्वामी तक सूचना नहीं पहुँचती। लंबी अवधि तक भुगतान न होने पर मामला न्यायालय तक जा सकता है।
- इस स्थिति में वाहन मालिक को कोर्ट से समन भी भेजा जा सकता है।
इसलिये विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल नंबर तुरंत अपडेट कराएं ताकि किसी कानूनी परेशानी से बचा जा सके।
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चरण-दर-चरण मार्गदर्शन
परिवहन विभाग ने अपने पोर्टल पर एक विशेष लिंक उपलब्ध कराया है, जिसमें स्क्रीनशॉट के माध्यम से पूरी प्रक्रिया समझाई गई है।
सिर्फ कुछ आसान स्टेप्स:
- transport.mp.gov.in पर जाएँ।
- “Update Mobile Number” लिंक पर क्लिक करें।
- आवेदन भरें और आधार से सत्यापन करें।
- मेल खाने पर नंबर तुरंत अपडेट हो जाएगा।
- न मिलने पर दस्तावेज़ अपलोड कर RTO से अप्रूवल लें।
सरकार का यह कदम क्यों है अहम?
राज्य सरकार लगातार परिवहन सेवाओं को डिजिटल बनाने की दिशा में काम कर रही है।
- समय की बचत
- पारदर्शिता
- भ्रष्टाचार में कमी
- और आम नागरिकों को घर बैठे सेवाएँ
यही इस योजना का मुख्य उद्देश्य है।
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नहीं तो भविष्य में होगी परेशानी
परिवहन विभाग ने साफ कहा है कि-
- वाहन स्वामी अपने मोबाइल नंबर का अपडेट तुरंत करें।
- किसी भी कारण से लापरवाही भविष्य में परेशानी का कारण बन सकती है।
- सभी डीलरों को भी निर्देश दिये गये हैं कि वाहन बेचते समय सही मोबाइल नंबर ही दर्ज करें।
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