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8th Pay Commission Salary Increase: 8वें वेतन आयोग में बड़ा बदलाव संभव, मान ली गई यह मांगें तो सैलरी में हो सकती है बंपर बढ़ोतरी

8th Pay Commission Salary Increase: 8वें वेतन आयोग में वेतन गणना फॉर्मूले में बदलाव की मांग, फिटमेंट फैक्टर बढ़ा तो केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा उछाल संभव

8th Pay Commission Salary Increase: 8वें वेतन आयोग में बड़ा बदलाव संभव, मान ली गई यह मांगें तो सैलरी में हो सकती है बंपर बढ़ोतरी
8th Pay Commission Salary Increase: 8वें वेतन आयोग में बड़ा बदलाव संभव, मान ली गई यह मांगें तो सैलरी में हो सकती है बंपर बढ़ोतरी

8th Pay Commission Salary Increase: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए आने वाला 8वां वेतन आयोग बड़ी खुशखबरी लेकर आ सकता है। कर्मचारी संगठनों ने वेतन तय करने के फॉर्मूले में अहम बदलाव का प्रस्ताव रखा है। यूनियनों का कहना है कि अगर सरकार इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लेती है तो कर्मचारियों की सैलरी में उम्मीद से कहीं ज्यादा बढ़ोतरी हो सकती है। यह प्रस्ताव फैमिली यूनिट की संख्या को तीन से बढ़ाकर पांच करने से जुड़ा है, जिससे फिटमेंट फैक्टर बढ़ने की संभावना है और वेतन में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

वेतन तय करने के फॉर्मूले में बदलाव की मांग

कर्मचारी संगठनों ने हाल ही में वेतन गणना के मौजूदा ढांचे में बदलाव की मांग उठाई है। उनका सुझाव है कि सैलरी तय करते समय परिवार के सदस्यों की संख्या को बढ़ाया जाना चाहिए। अभी तक वेतन आयोग के अधिकांश फैसलों में तीन फैमिली यूनिट को आधार माना जाता रहा है। कर्मचारी यूनियनों का कहना है कि मौजूदा सामाजिक परिस्थितियों को देखते हुए यह व्यवस्था अब पर्याप्त नहीं है। इसलिए उन्होंने फैमिली यूनिट की संख्या को तीन से बढ़ाकर पांच करने का प्रस्ताव दिया है।

एनसी-जेसीएम बैठक में उठा मुद्दा

यह प्रस्ताव पिछले महीने नेशनल काउंसिल (स्टाफ साइड) जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी की बैठक के दौरान सामने आया था। बैठक में कर्मचारी संगठनों ने सरकार के सामने यह सुझाव रखा कि वेतन गणना के फॉर्मूले में संशोधन किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि अगर यह बदलाव किया जाता है तो फिटमेंट फैक्टर में वृद्धि हो सकती है और इससे कर्मचारियों की सैलरी में भी बड़ा अंतर देखने को मिलेगा।

फिटमेंट फैक्टर क्यों है महत्वपूर्ण

वेतन आयोग की सिफारिशों में फिटमेंट फैक्टर की अहम भूमिका होती है। इसी फैक्टर के आधार पर यह तय किया जाता है कि कर्मचारियों के मूल वेतन में कितनी बढ़ोतरी की जाएगी। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि यदि फैमिली यूनिट की संख्या बढ़ाई जाती है तो फिटमेंट फैक्टर तीन से भी अधिक हो सकता है, जिससे वेतन में बड़ी वृद्धि संभव हो जाएगी।

फैमिली यूनिट का क्या है आधार

ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन के अनुसार वेतन गणना में फैमिली यूनिट का विचार काफी पुराना है। इसकी शुरुआत 1957 में आयोजित 15वें इंडियन लेबर कॉन्फ्रेंस में हुई थी। उस समय न्यूनतम वेतन तय करने के लिए तीन फैमिली यूनिट को मानक माना गया था। इस ढांचे में एक परिवार में पति, पत्नी और दो बच्चों को शामिल किया गया था। इसके बाद अधिकतर वेतन आयोगों ने इसी मॉडल को आधार बनाकर वेतन संरचना तैयार की।

क्यों बढ़ाना चाहते हैं फैमिली यूनिट

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि अब समाज की परिस्थितियां बदल चुकी हैं। कई मामलों में बुजुर्ग माता-पिता भी अपने बच्चों पर आर्थिक रूप से निर्भर रहते हैं। मेंटेनेंस एंड वेलफेयर ऑफ पेरेंट्स एंड सीनियर सिटिजन्स एक्ट 2007 के तहत बच्चों पर अपने माता-पिता की देखभाल करना कानूनी जिम्मेदारी भी है। ऐसे में यूनियनों का तर्क है कि वेतन गणना में माता-पिता को भी परिवार का हिस्सा माना जाना चाहिए। इससे परिवार के वास्तविक खर्चों को बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा।

न्यूक्लियर फैमिली के कारण बढ़ी जिम्मेदारी

ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉइज फेडरेशन के प्रतिनिधियों का कहना है कि देश में न्यूक्लियर फैमिली का चलन तेजी से बढ़ा है। ऐसे में बुजुर्ग माता-पिता अक्सर अपने बच्चों पर ही आर्थिक रूप से निर्भर रहते हैं। अगर वेतन गणना में उन्हें शामिल किया जाए तो कर्मचारियों के ऊपर आने वाले वास्तविक खर्चों का सही आकलन हो सकेगा।

यूनिट बढ़ने से सैलरी पर संभावित असर

कर्मचारी संगठनों का अनुमान है कि अगर फैमिली यूनिट की संख्या तीन से बढ़ाकर पांच कर दी जाती है तो बेस सैलरी की गणना में लगभग 66 प्रतिशत तक का अंतर आ सकता है। इसके पीछे तर्क यह दिया जा रहा है कि एक फैमिली यूनिट वेतन गणना के लगभग 33.33 प्रतिशत हिस्से के बराबर मानी जाती है। ऐसे में दो अतिरिक्त यूनिट जोड़ने से कुल गणना में बड़ा बदलाव संभव है।

मौजूदा फॉर्मूले के अनुसार संभावित सैलरी

यदि सरकार मौजूदा व्यवस्था को ही बनाए रखती है और केवल महंगाई भत्ता तथा सामान्य वेतन वृद्धि को ध्यान में रखती है तो फिटमेंट फैक्टर लगभग 1.76 के आसपास रह सकता है। उदाहरण के तौर पर यदि किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी 78,800 रुपये है और उस पर 66 प्रतिशत महंगाई भत्ता तथा लगभग 12 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि जोड़ी जाए तो नई सैलरी लगभग 1,38,688 रुपये तक पहुंच सकती है।

फैमिली यूनिट बढ़ने पर दूसरा परिदृश्य

अगर सरकार कर्मचारी संगठनों की मांग स्वीकार कर लेती है और अतिरिक्त फैमिली यूनिट के लिए 0.66 का अतिरिक्त फैक्टर जोड़ दिया जाता है तो फिटमेंट फैक्टर बढ़कर लगभग 2.42 हो सकता है। ऐसे में 78,800 रुपये की मौजूदा बेसिक सैलरी बढ़कर लगभग 1,90,676 रुपये तक पहुंच सकती है।

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अगर ग्रोथ फैक्टर भी शामिल हो

वेतन आयोग में सामान्यतः वेतन वृद्धि के लिए एक अतिरिक्त ग्रोथ फैक्टर भी शामिल किया जाता है। सातवें वेतन आयोग में सरकार ने लगभग 15 प्रतिशत ग्रोथ फैक्टर को मंजूरी दी थी। यदि इसी तरह का फैक्टर नए फॉर्मूले में जोड़ा जाता है और फैमिली यूनिट पांच मानी जाती हैं तो फिटमेंट फैक्टर करीब 3.09 तक पहुंच सकता है। इस स्थिति में 78,800 रुपये की मौजूदा बेसिक सैलरी बढ़कर लगभग 2,43,492 रुपये तक हो सकती है।

अंतिम फैसला सरकार पर निर्भर

कर्मचारी संगठनों का मानना है कि अगर यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया जाता है तो केंद्रीय कर्मचारियों को 8वें वेतन आयोग के तहत अपेक्षा से कहीं अधिक वेतन वृद्धि मिल सकती है। हालांकि इस संबंध में अंतिम निर्णय सरकार और वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर ही लिया जाएगा। इसलिए फिलहाल कर्मचारियों को इसके लिए आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।

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उत्तम मालवीय

मैं इस न्यूज वेबसाइट का ऑनर और एडिटर हूं। वर्ष 2001 से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। सागर यूनिवर्सिटी से एमजेसी (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री प्राप्त की है। नवभारत भोपाल से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद दैनिक जागरण भोपाल, राज एक्सप्रेस भोपाल, नईदुनिया और जागरण समूह के समाचार पत्र 'नवदुनिया' भोपाल में वर्षों तक सेवाएं दी। अब इस न्यूज वेबसाइट "Betul Update" का संचालन कर रहा हूं। मुझे उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित सरोजिनी नायडू पुरस्कार प्राप्त करने का सौभाग्य भी नवदुनिया समाचार पत्र में कार्यरत रहते हुए प्राप्त हो चुका है।

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